दो लाख हेक्टेयर पहुंचा मध्यप्रदेश में जैविक खेती का रकबा

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दो लाख हेक्टेयर पहुंचा मध्यप्रदेश में जैविक खेती का रकबा

भोपाल। जैविक खेती को बढ़ावा देने के मामले में मध्यप्रदेश देश के तीन पहले राज्यों में शामिल हो गया है। यहां जैविक खेती का प्रमाणिक रकबा लगभग दो लाख हेक्टेयर हो गया है। इसके लिए प्रदेश को कर्नाटक में हुई आर्गेनिक व मिलेट्स 2018 इंटरनेशनल ट्रेड फेयर कार्यक्रम में एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

पिछले दिनों कर्नाटक में तीन दिवसीय आर्गेनिक व मिलेट्स 2018 इंटरनेशनल ट्रेड फेयर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें परंपरागत खेती से जुड़े किसानों को जैविक कृषि से जोड़कर क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश को उत्कृष्ट राज्यों की श्रेणी में तृतीय पुरस्कार कर्नाटक के कृषि मंत्री कृष्णा बायरा गौड़ा ने दिया।

अच्छा काम करने की श्रेणी में पहला पुरस्कार उत्तराखंड और दूसरा कर्नाटक को मिला। कार्यक्रम में बालाघाट के ट्रेनिंग प्रोग्राम व सहभागिता प्रतिभूति प्रणाली की सराहना भी की गई। पुरस्कार अतिरिक्त संचालक केपी अहिरवाल और डिप्टी डायरेक्टर राजेश त्रिपाठी ने लिया।

NEWS IN English

Area of ​​organic farming in Madhya Pradesh reached two lakh hectares

Bhopal. In the matter of promoting organic farming, Madhya Pradesh has joined three first states of the country. The organic area under organic farming has become almost two lakh hectares. For this, the state was honored with the Excellence Award in the Organic and Milets 2018 International Trade Fair program held in Karnataka.

In the past, three day Organic and Mileats 2018 International Trade Fair Program was organized in Karnataka. In order to increase the area by adding organic farming to the farmers of traditional farming, Madhya Pradesh has given third prize to Madhya Pradesh in the category of Excellent states by Karnataka Agriculture Minister Krishna Biyera Gowda.

The first award in the category of good work was given to Uttarakhand and second to Karnataka. Balaghat’s training program and participatory security system was also appreciated in the program. The award was received by additional director KP Ahirwal and deputy director Rajesh Tripathi.

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