विद्यालय में प्राचार्य की नियुक्ति नहीं होने से आहरण संवितरण से संबंधित कार्य हो रहे प्रभावित

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विद्यालय में प्राचार्य की नियुक्ति नहीं होने से आहरण संवितरण से संबंधित कार्य हो रहे प्रभावित


खेड़लीबाजार, (सचिन बिहारिया)। शिक्षा विभाग में शिक्षकों की कमी हमेशा से ही बनी हुई है और यह कमी लगातार विगत कई वर्षों से बढ़ती जा रही है। ग्राम बोरदेही, मोरखा, उमरिया एवं खेड़ली बाजार के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में प्राचार्य नहीं होने के कारण आहरण संवितरण से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे हैं।अभी तक खेड़ली बाजार में प्राचार्य थे जिनके पास आहरण संवितरण के अधिकार थे। किंतु मार्च में उनके सेवानिवृत्त हो जाने के बाद पूरे क्षेत्र में कोई भी प्राचार्य नहीं है अब यह स्थिति बन रही है कि इस क्षेत्र के आहरण संवितरण संबंधी कार्यों के लिए इन स्कूलों के बाबूओ आमला जाना होगा। इस क्षेत्र के स्कूलों में प्राचार्य का कभी प्रशासनिक स्थानांतरण हो जाता है तो कभी कोई प्राचार्य आपसी द्वेषता के कारण राजनीति का शिकार बना दिया जाता है,जिससे कोई भी प्राचार्य इन स्कूलों में स्थाई रूप से सेवा नहीं दे पाते।

आसपास के सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में उच्च माध्यमिक शिक्षक ही स्कूल के प्राचार्य का प्रभार संभाल रहे हैं। जो कि शासन के राजपत्र के अनुसार द्वितीय श्रेणी राजपत्रित अधिकारी हैं एवं स्कूल शिक्षा विभाग में इन्हें नियमित नियुक्ति दी गई है किंतु उन्हें अभी तक आहरण संवितरण अधिकारी नहीं बनाया गया है। नियमित प्राचार्य के अलावा हाई स्कूल हायर सेकेंडरी स्कूलों में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति भी पर्याप्त मात्रा में नहीं है,ऐसे में बच्चों की पढ़ाई अतिथि विद्वानों के भरोसे ही होती है। प्राथमिक, माध्यमिक एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षकों के वेतन से लेकर अन्य सभी कार्यों में समय-समय पर आहरण संवितरण अधिकारी की आवश्यकता होती है साथ ही बच्चों की छात्रवृत्ति की स्वीकृति हेतु आहरण संवितरण अधिकारी का होना आवश्यक है। लेकिन विगत कुछ वर्षों से खेड़ली बाजार को छोड़कर आसपास के हर सेकेंडरी स्कूलों में कोई भी स्थाई प्राचार्य नहीं था जिसे आहरण संवितरण अधिकारी बनाया जाए। किंतु मार्च 2020 में खेड़ली बाजार में पदस्थ प्राचार्य के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद इस क्षेत्र के सभी संकुल कार्यालय भगवान भरोसे नजर आती हैं। वहीं उच्च अध्यापक संघ के अनुसार सभी उच्च अध्यापकों को भी आहरण संवितरण अधिकारी के प्रभार सौंपा जा सकते हैं, नियमानुसार शासन ने उच्च माध्यमिक शिक्षक को आहरण संवितरण अधिकारी के प्रभार सौंपने हेतु आदेश जारी करने चाहिए थे ,किंतु अब तक ऐसा नहीं किया। जिससे आज इस क्षेत्र में ऐसी स्थितियां उत्पन्न हो रही है शिक्षकों के कार्य हेतु संकुल के बाबुओं को परेशान होना पड़ रहा है इसके साथ ही शिक्षकों को अपने कार्य हेतु इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इसके साथ इन सभी शालाओं में नियमित शिक्षकों का भी टोटा है। किसी शाला में पांच तो किसी शाला में दो या तीन नियमित शिक्षक पदस्थ हैं बाकी की पढ़ाई अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही होती है। स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि अधिकांश शालाओं में सहायक ग्रेड-2, तथा अन्य पदों पर भी कोई पदस्थ नहीं है। इनके सारे कार्य शिक्षक शिक्षिकाओं को ही करना पड़ता है। जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित भी होती है।

बहरहाल आहरण संवितरण अधिकारी के नहीं होने से होने से छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति स्वीकृत करना शिक्षकों की सेवा पुस्तिका, वेतन भुगतान, शिक्षक – शिक्षिकाओं की छुट्टियां स्वीकृत करना जैसे अन्य सभी कार्य अब प्रभावित होंगे। सभी क्षेत्र वासियों ने शासन से अपील की है कि जल्द ही इन शालाओं के रिक्त पदों पर प्राचार्य कि नियुक्ति की जाए जिससे उपरोक्त समस्या का समाधान हो सके।

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