Income Tax, TDS के नियमों में हुआ बदलाव, अब ये बात भी बताना जरूरी

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Income Tax, TDS के नियमों में हुआ बदलाव, अब ये बात भी बताना जरूरी


आयकर विभाग ने अब TDS टीडीएस एवं टैक्‍स संबंधी नियमों में बदलाव कर दिया है। इस बदलाव के बाद अब आपको एक निश्चित सीमा तक की राशि के तमाम ट्रांजेक्‍शन का सोर्स बताना होगा एवं उसकी जानकारी सरकार को देना होगी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) CBDT ने एक अधिसूचना के माध्यम से आयकर कानून में सुधार किया है। इसके तहत ई-कॉमर्स कंपनियों, म्यूचुअल फंड्स व बिजनेस ट्रस्ट्स द्वारा वितरित लाभांश, Cash नकद निकासी, प्रोफेशनल फीस और ब्याज आदि के मामलों में TDS टीडीएस को शामिल किया गया है। आयकर विभाग ने टीडीएस फॉर्म में सुधार करते हुए उसे और व्यापक रूप दिया है। नए फॉर्म में टैक्स काटने वाली कंपनियों और संस्थाओं को TAX टैक्स नहीं काटने के मामलों में कारणों का भी जिक्र करना अनिवार्य होगा। नवीनतम सुधारों के बाद बैंकों को भी एक करोड़ रुपये से अधिक निकासी के मामलों में टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स (टीडीएस) TDS की जानकारी देनी होगी।

अधिसूचना के बाद सरकार ने किया संशोधन

नांगिया एंड कंपनी एलएलपी के पार्टनर शैलेश कुमार का कहना था कि इस अधिसूचना के बाद सरकार ने फॉर्म-26क्यू और 27क्यू को संशोधित किया है। इनके माध्यम से करदाता विभिन्न तरह के रेजिडेंट और नॉन-रेजिडेंट भुगतान पर TDS टीडीएस लिए और जमा किए गए मामलों की जानकारी देते हैं। कुमार के मुताबिक नए फॉर्म ज्यादा व्यापक हैं। इसमें इसकी जानकारी तो देनी ही है कि कहां-कहां TDS टीडीएस लिए गए हैं, इसकी भी जानकारी देनी है कि TDS टीडीएस कहां नहीं लिए गए और क्यों नहीं लिए गए।

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