परिवहन उद्योग से जुड़ी हुई जनहित याचिका की सुनवाई 10 अगस्त को

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परिवहन उद्योग से जुड़ी हुई जनहित याचिका की सुनवाई 10 अगस्त को


सारनी, (ब्यूरो)। परिवहन विभाग से जुड़ी याचिका क्रमांक WP/9829/2020 दिनांक 29 जुलाई 2020 को जनहित याचिका उच्च न्यायालय जबलपुर में डबल बेंच उच्च न्यायालय मुख्य न्यायाधीश अजय कुमार मित्तल एवं न्यायाधीश विजय कुमार शुक्ला के समक्ष प्रस्तुत हुई। जिसमें अगली सुनवाई 10 अगस्त 2020 को पुनः विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा होगी। जानकारी देते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. कृष्णा मोदी ने बताया कि लॉक डाउन के बाद 23 मार्च से सार्वजनिक परिवहन सेवा केन्द्र एवं राज्य सरकार के आदेश अनुसार बन्द किया गया। जिसकी वजह से प्रदेश के 1.50 करोड़ यात्री परेशान है तथा करीब 1.50 लाख चालक, परिचालक, हेल्पर, एजेंट एवं बस स्टैंड पर अपनी रोज़ी रोटी कमाने वाले लोग भी भुखमरी के शिकार हो रहे है। क्योंकि महंगाई भी दिन पर दिन बढ़ रही है जो भी ट्रांसपोर्ट के द्वारा जीवन यापन का सामान आता है वह भी दिन दुने रात चौगुना करने पर भुगतान होने के बाद आता है। शासन द्वारा पुनः सम्पूर्ण भारत वर्ष में परिवहन करने का आदेश हो चुका है परन्तु मध्यप्रदेश में आदेश होने के बाद भी परिवहन शुरू नहीं हुआ है। क्योंकि सम्पूर्ण भारत वर्ष में परिवहन का संचालन राज्य सरकारें कर रही है परन्तु सिर्फ हमारे प्रदेश सन्न 2005 से सरकार ने भारत सरकार के बिना स्वीकृति के परिवहन निगम को बन्द कर दिया था जिसकी वजह से 16000 परिवहन कर्मचारी बेरोजगार होकर भुखमरी के शिकार हुए। आज भी भारत सरकार की अनुमति नहीं मिलने के बाद भी परिवहन विभाग जिंदा है जिसमें करीब 300 कर्मचारी काम कर रहे है। राज्य शासन एवं मध्यप्रदेश के निजी परिवहन मालिकों के आपसी लड़ाई की वजह से परिवहन चालू नहीं हो सका है। यात्रियों एवं 1.50 लाख परिवहन कर्मचारियों की दयनीय हालत को देखते हुए उक्त याचिका उच्च न्यायालय में लगाई गई है।


News in English

Hearing of PIL related to transport industry on 10 August

Sarni. Petition no. WP / 9829/2020 related to Transport Department on 29th July 2020, PIL was submitted before High Bench High Court in High Court Jabalpur before Chief Justice Ajay Kumar Mittal and Judge Vijay Kumar Shukla. The next hearing will be on 10 August 2020 via video conferencing again. Giving information, freedom fighter fighter Dr. Krishna Modi said that after the lock down, Public Transport Service was stopped from March 23 as per the orders of the Center and the State Government. Due to which 1.50 crore passengers of the state are upset and about 1.50 lakh drivers, operators, helpers, agents and people who earn their livelihood at the bus stand are also falling victim to starvation. Because inflation is also increasing day by day, whatever comes for living by transport, it also comes after being paid for quadrupling it twice a day. The government has ordered to transport again throughout the year, but despite the order in Madhya Pradesh, transportation has not started. Because the state governments are operating the transport throughout the year of India, but only in 2005, our state government closed the Transport Corporation without the approval of the Government of India, due to which 16000 transport workers became unemployed and became hungry. Even today, the Transport Department is alive even after not getting the permission of the Government of India, in which around 300 employees are working. Transport could not be started due to mutual fighting between the state government and private transport owners of Madhya Pradesh. In view of the pathetic condition of passengers and 1.50 lakh transport employees, the said petition has been filed in the High Court.

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