शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए जरूरी है स्तनपान

Advertisements

शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए जरूरी है स्तनपान


बैतूल। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रदीप कुमार धाकड़ ने बताया कि विश्व स्तनपान सप्ताह 1 से 7 अगस्त 2020 तक मनाया जा रहा है। इस वर्ष के लिए मुख्य थीम “स्वस्थ दुनिया के लिए स्तनपान का समर्थन” है। कोरोना महामारी के कारण कोविड -19 के परिप्रेक्ष्य में इन्फेन्ट एण्ड यंग चाइल्ड फीडिंग के लिए डब्ल्यूएचओ के दिशा – निर्देशों पर आधारित प्रशिक्षण तथा कार्य योजना साझा की जाएगी। विश्व स्तनपान सप्ताह का मुख्य उद्देश्य सभी माताओं को जागरूक किया जाना है। 6 माह की आयु तक केवल शिशु को स्तनपान ही कराना है। मां का दूध ही शिशु को पूरा पोषण देता है एवं बच्चे के संपूर्ण मानसिक और शारीरिक विकास में सहायक होता है। 6 माह की आयु तक केवल मां का दूध पिलाए जाने से बच्चा बार – बार बीमार नहीं पड़ता और शिशु को रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। शिशु के जन्म के पहले घंटे में सिर्फ मां का दूध ही नवजात के लिए जीवन रक्षक बूंद का काम करता है। कोविड -19 संक्रमित माताएं भी शिशु को सावधानी के साथ स्तनपान करा सकती हैं। इसके लिए वह मास्क आवश्यक रूप से पहनें। अपने हाथों को साबुन अथवा सेनेटाइजर पानी से साफ करें। इसके उपरांत स्तनपान कराएं।
6 माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराएं। जन्म के पहले घंटे में सिर्फ माँ का दूध नवजात के लिए जीवन रक्षक बूंद का कार्य करता है। कोविड-19 माता, संदिग्ध माता भी शिशु को सावधानी से स्तनपान करा सकतीं हैं। कोरोना संक्रमित माँ द्वारा स्तनपान कराना शिशु के लिए पूरी तरह सुरक्षित और लाभकारी है।

Advertisements

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error:
WhatsApp chat