विधायक के आश्वासन के बाद भी नहीं पहुंची एंबुलेंस और डॉक्टर, सरकारी अस्पताल आमला में खड़ी है एंबुलेंस

Advertisements

विधायक के आश्वासन के बाद भी नहीं पहुंची एंबुलेंस और डॉक्टर, सरकारी अस्पताल आमला में खड़ी है एंबुलेंस


खेड़ली बाजार, (सचिन बिहारिया)। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत चलाए जा रही विभिन्न प्रकार की योजनाओं को आमला विकासखंड में पतीला लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर विकासखंड के बोरदेही सरकारी अस्पताल में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। जिले के एकमात्र भाजपा विधायक के आश्वासन के बाद भी अब तक बोरदेही के सरकारी अस्पताल में ना तो एंबुलेंस पहुंची ना ही डॉक्टर।

बोरदेही के लिए मिली एक मात्र एंबुलेंस आमला के सरकारी अस्पताल परिसर में धूल खा रही है एवं वहां की शोभा बढ़ा रही है। प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य सेवाओं के संबंधित बड़े-बड़े वादे आमला विकासखंड के बोरदेही, खेड़ली बाजार और मोरखा क्षेत्र में हवा हवाई बातें साबित हो रही है।

आमला के सरकारी अस्पताल में धूल खा रही एंबुलेंस

आमला विकासखंड के बोरदेही सरकारी अस्पताल में एंबुलेंस एवं डॉक्टर नहीं होने से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को काफी परेशानियां हो रही है। विगत दिनों डॉक्टर एवं एंबुलेंस की समस्या समाचार पत्रों की सुर्खियां बनी थी इस पर आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने आश्वासन दिया था कि आगामी 2 दिवसों में एंबुलेंस एवं डॉक्टर की समस्या हल हो जाएगी लेकिन बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग ने अब तक किसी प्रकार से कोई कार्रवाई नहीं की।

बोरदेही अस्पताल के लिए विधायक निधि से मिली एंबुलेंस आमला के सरकारी अस्पताल परिसर में धूल खा रही है।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जब इस संबंध में पता किया गया तो उन्होंने बताया कि आमला के सरकारी अस्पताल परिसर में बोरदेही अस्पताल के लिए मिली एंबुलेंस खड़ी हुई है जिसमें विधिवत रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है जिस कारण उसे बोरदेही नहीं भेजा जा रहा।

आमला विधायक को बताई थी समस्या

विगत दिनों इस संबंध में खेड़ली बाजार, मोरखा, बोरदेही क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं ने आमला विधायक से चर्चा की थी तो उन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द ही समस्या का निराकरण हो जाएगा लेकिन अब तक समस्या जहां के तहां बनी हुई है। आम जनता के स्वास्थ्य के प्रति जिला प्रशासन इतना लापरवाह कैसे हो सकता है?

बोरदेही अस्पताल के आसपास लगभग 30 किलोमीटर की दूरी से लोग इलाज कराने हेतु बोरदेही आते हैं जिन्हें वहां तक पहुंचने के लिए भारी भरकम किराया चुकाना होता है एंबुलेंस वाहन के अभाव होने के साथ-साथ बोरदेही में स्थाई चिकित्सक भी नहीं है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को इलाज हेतु आमला या बैतूल जिला अस्पताल ही जाना होता है।

इतना बड़ा क्षेत्र और इतनी ज्यादा जनसंख्या होने के बावजूद ना ही डॉक्टर उपलब्ध हो पाता है ना ही किसी प्रकार का कोई एंबुलेंस वाहन है जिससे गरीब एवं आम जनता की सहायता हो सके।

एंबुलेंस के लिए घंटों करना पड़ता है इंतजार

सरकार द्वारा स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए इतने बड़े-बड़े सरकारी वादे किए जा रहे हैं लेकिन बोरदेही में एक जननी एक्सप्रेस तक उपलब्ध नहीं हो पाती। प्रसूता को घंटों इंतजार करना पड़ता है कई बार प्रसव हेतु आम गरीब महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है साथ ही दिक्कतें झेलनी होती है।

एंबुलेंस हेतु मरीजों को घंटों इंतजार करना होता है। मुलताई एवं आमला के सरकारी अस्पताल से ही ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस पहुंच पाती है। जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचने में घंटों समय लग जाता है जब तक मरीज की हालत और बिगड़ जाती है।

क्षेत्र के साथ इतना भेदभाव क्यों

आख़िर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति बोरदेही क्षेत्र के साथ इतना भेदभाव क्यों किया जा रहा है आमला के सरकारी अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस के रजिस्ट्रेशन में ऐसी कौन सी दिक्कत है आ रही है जिस कारण वाहन का पंजीयन कराकर बोरदेही नहीं भेजा जा रहा। सरकारी वाहन, सरकारी विभाग में ही कार्य करेगा फिर भी रजिस्ट्रेशन में इतनी समस्याएं आना विभाग की लापरवाही उजागर करता है, जिस कारण वर्षों से एंबुलेंस वाहन आमला में खड़ा है।

जिला स्वास्थ्य प्रशासन आखिर बोरदेही क्षेत्र के आम जनता के स्वास्थ्य के प्रति इतना लापरवाह कैसे हो सकता है?आम जनता के साथ स्वास्थ्य के प्रति इतना भेदभाव कैसे?विकासखंड में बैठे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की घोर लापरवाही का प्रतीक है कि अब तक बोरदेही की एंबुलेंस रजिस्ट्रेशन होकर नहीं पहुंच पा रही है।

जिले के अधिकारियों को यह सोचना चाहिए कि इतने बड़े क्षेत्र में बहुत सी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं गरीबों के सामने आती होगी। जननी एक्सप्रेस, दुर्घटना होने पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने हेतु एंबुलेंस जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो पाना यह क्षेत्र के लिए दुर्भाग्य है।

Advertisements

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error:
WhatsApp chat