पांचों यूनियन ने 8 अक्टूबर को विरोध दिवस के रूप में मनाने का लिया निर्णय – डॉ. मोदी

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पांचों यूनियन ने 8 अक्टूबर को विरोध दिवस के रूप में मनाने का लिया निर्णय – डॉ. मोदी


सारनी, (ब्यूरो)। कोयला उद्योग में कार्यरत 5 केंद्रीय ट्रेड यूनियन के कोल फेडरेशन के प्रतिनिधियों की वर्चुअल मीटिंग सोमवार को संपन्न हुई। इस बैठक में सरकार द्वारा देश के कोयला उद्योग में कमर्शियल माइनिंग एवम् कोल इंडिया के विनिवेश, बाई बैक तथा सरकार द्वारा उठाए जा रहे मजदूर विरोधी क़दमों एवं विस्थापित रैयत किसान विरोधी एन्युटी स्कीम सहित सभी क़दमों एवम् उसके खिलाफ कोयला कामगारों के आंदोलन के संबध में विस्तार से चर्चा की गई।

जानकारी देते हुए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एटक कोल उद्योग एवं सह पूर्व जेबीबीसीआई सदस्य डॉ. कृष्णा मोदी में बताया कि इस वर्च्युअल मीटिंग में कई निर्णय लिये गये।

जिसमें भारत सरकार एवं कोल इंडिया लिमिटेड के मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखते हुए 30 सितंबर को पांचों मजदूर संगठन संयुक्त रूप से अपने अपने कंपनी के क्षेत्रीय मुख्यालय में मांग पत्र सौपेंगे। 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर के बीच मांगो का संयुक्त प्रचार, प्रसार, गेट मीटिंग इत्यादि द्वारा किया जाएगा। 8 अक्टूबर को पांचों संगठन अपने अपने खदानों, इकाइयों में संयुक्त मोर्चा के माध्यम से ” विरोध दिवस” मनाएंगे। जिसके बाद आगे की रणनीति के लिए पांचों यूनियन की अगली बैठक 9 अक्टूबर को होगी।

वही राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एटक कोल उद्योग एवं सह पूर्व जेबीबीसीआई सदस्य डॉ. मोदी में बताया कि 9 प्रमुख मांगे को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा हैं। जिसमें कोयला उद्योग के कमर्शियल माइनिंग वापस लिया जाए। कोल इंडिया के शेयरों के विनिवेश अथवा बाई बैक पर तत्काल रोक लगाई जाएं।

सीएमपीडीआई को कोल इंडिया से अलग करने योजना पर तत्काल रोक लगाए जाए। कोल इंडिया के द्वारा जारी जमीन के बदले नौकरी देने पर लगाने की योजना वापस लिया जाए। कोयला खदानों को बन्द करने के प्रबन्ध के एकतरफा निर्णय पर रोक लगाई जाए।

तीस सालों की सेवा या 55 वर्ष की उम्र के बाद फॉर्सफुली रिटायरमेंट से संबंधित भारत सरकार का आदेश अविलंब वापस लिया जाए। ठेका मजदूरों के लिए कोल इंडिया की हाई पॉवर कमेटी का बड़ा हुआ वेतन लागू करना सुनिश्चित किया जाय। कोल इंडिया एपेक्स जे.सी.सी की बैठकों के दौरान उठाए गए मुद्दों सहित कोल वेज एग्रीमेंट के खंड 9.3.0/9.4.0/9.5.0 का कर्यावयन सुनिश्चित किया जाए। 2 से 4 जुलाई 2020 की हड़ताल में कोल इंडिया के जिन पदाधिकारियों ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अति सक्रियता दिखाई है उनपर करवाई की जाने की मांग शामिल हैं।


News in english

The five unions decided to celebrate October 8 as protest day – Dr. Modi

Sarni. A virtual meeting of coal union representatives of 5 central trade unions working in the coal industry concluded on Monday. In this meeting, the government’s disinvestment of commercial mining and coal India in the coal industry of the country, all steps including the anti-labor steps taken by the government and the displaced Ryot anti-farmer annuity scheme and the expansion of coal workers’ movement against it It was discussed.

Giving information, National Executive Chairman, AITUC Coal Industry and co-former JBBCI member Dr. Krishna Modi informed that many decisions were taken in this virtual meeting.

In which, on September 30, the five trade unions will jointly hand over the demand letter to their company’s regional headquarters, continuing the struggle against the anti-labor policies of the Government of India and Coal India Limited. From October 1 to October 7, Mango will be jointly promoted, disseminated, gate meeting etc. On October 8, the five organizations will celebrate “protest day” through the United Front in their own mines, units. After which the next meeting of the five unions will be held on 9 October for further strategy.

In the same National Executive President, AITUC Coal Industry and co-former JBBCI member Dr. Modi told that this movement is being done on 9 major demands. In which commercial mining of the coal industry should be withdrawn. Disinvestment or buy back of Coal India shares should be immediately banned.

The plan to separate CMPDI from Coal India should be immediately banned. The plan to apply for employment in lieu of land issued by Coal India should be withdrawn. The unilateral decision of the management to shut down the coal mines should be stopped.

The order of the Government of India relating to forceful retirement after thirty years of service or 55 years of age should be withdrawn immediately. For contract laborers, it should be ensured that the increased salary of the High Power Committee of Coal India is implemented. Ensure implementation of clause 9.3.0 / 9.4.0 / 9.5.0 of the Coal Wage Agreement along with the issues raised during the meetings of Coal India Apex JCC. The strike from 2 to 4 July 2020 includes demands for action on the officers of Coal India who have shown hyperactivity outside their jurisdiction.

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