बोरदेही का अस्पताल वेंटिलेटर पर, मरीजों को कैसे मिलेगा इलाज ?

Advertisements

बोरदेही का अस्पताल वेंटिलेटर पर, मरीजों को कैसे मिलेगा इलाज ?


खेड़ली बाजार, (सचिन बिहारिया)। मध्यप्रदेश सरकार के स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किए जाने वाले बड़े-बड़े सरकारी दावे आमला विकासखंड में सिर्फ कागजों में ही संचालित हो रहे हैं। जिले के आमला-सारणी विधानसभा क्षेत्र से सत्तारूढ़ दल के एकमात्र भाजपा विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे के विधानसभा क्षेत्र के हाल बेहाल हो गए हैं।

विकासखंड आमला के बोरदेही सरकारी अस्पताल में विगत कुछ वर्षों से स्थाई डॉक्टर और मरीजों की सुविधा हेतु एंबुलेंस नहीं है। सत्ताधारी पार्टी के विधायक के क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के हालात इतने बिगड़े हुए हैं तों जिले के अन्य विकासखंडों में स्वास्थ्य सेवाएं किस हाल में होगी इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

एंबुलेंस के पंजीयन लापरवाही

बोरदेही के सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर विधायक निधि से आवंटित एकमात्र एंबुलेंस सरकारी अस्पताल आमला के परिसर में रजिस्ट्रेशन के अभाव में खड़ी धूल खा रही है। एंबुलेंस के रजिस्ट्रेशन में ऐसा कौन सा अड़ंगा आ रहा है,जिस कारण स्वास्थ्य विभाग की आला अधिकारी इसका पंजीयन कर इस एंबुलेंस को बोरदेही रवाना नहीं कर रहे। छोटे से सरकारी काम में इतनी लेट लतीफी क्षेत्रवासियों के गले नहीं उतर रही। बोरदेही क्षेत्र के लगभग आधा सैकड़ा गांव सरकार द्वारा निशुल्क दी जाने वाली मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है। समस्त क्षेत्रवासियों के लिए बड़ा दुर्भाग्य का विषय है कि इतने समय बीत जाने के बाद भी जिले के पावरफुल जनप्रतिनिधि और जिले के स्वास्थ्य प्रशासन द्वारा इस और अब तक कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

चुनाव के समय आती है जनता की याद

ज्यादातर नेताओं को चुनाव के समय आम जनता ग्रामीण लोगों की याद आती है चुनाव जीतने के बाद वही नेता अपने क्षेत्र की जनता के हाल भी नहीं पूछते। जब भी चुनावी मौसम रहता है तो वोट मांगने के लिए नेताजी छोटे-छोटे गांव, दूरस्थ इलाकों तक पहुंचते हैं।लेकिन चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में पहुंचना तो दूर क्षेत्र की समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं कर पाते हैं। जिले का स्वास्थ्य प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति इतना लापरवाह हो सकता है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है इतने दिनों से इस क्षेत्र में डॉक्टर और एंबुलेंस की समस्या चली आ रही है,जिसे हल करना अधिकारियों के लिए काफी आसान कार्य है फिर भी इस और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।

बोरदेही क्षेत्र से इतना भेदभाव क्यों?

आखिर टप्पा तहसील बोरदेही से इतना भेदभाव क्यों?स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति ग्रामीण जनता से इतना दूर्व्यवहार क्यों किया जा रहा है, मोदी के आसपास लगभग 30 किलोमीटर के दायरे के दूरस्थ ग्रामीण अंचल जुड़े हुए हैं,जहां से उन्हें इलाज कराने बोरदेही आना होता है लेकिन बोरदेही आने हेतु अस्पताल में एंबुलेंस नहीं होने से उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। यदि वे निजी वाहनों का भारी-भरकम किराया चुकाने में असमर्थ रहते हैं तो उन्हें अपने क्षेत्र में ही झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करा कर संतुष्ट होना पड़ता है।

घंटों करना पड़ता है इंतजार

खेड़ली बाजार,बोरदेही और मोरखा क्षेत्र के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार मरीजों को घंटों एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ता है क्योंकि इस क्षेत्र में मुलताई या आमला से ही एंबुलेंस या जननी एक्सप्रेस वाहन पहुंच पाता है जिसके लिए मरीज को काफी समय इंतजार करना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस की रास्ता देखते देखते मरीजों की हालत बिगड़ जाती है जिस कारण उन्हें निजी वाहनों का भारी भरकम किराया चुकाकर अस्पताल तक पहुंचना आवश्यक हो जाता है। एंबुलेंस और स्थाई डॉक्टर नहीं होने से क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश पैदा हो गया है। स्थायी डॉक्टर और एंबुलेंस की नियुक्ति करवाने हेतु अब क्षेत्र वासियों ने धरना प्रदर्शन और आंदोलन का मन बना लिया है।

Advertisements

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error:
WhatsApp chat