पत्नी का गला दबाकर हत्या करने वाले हत्यारे पति की चतुर्थ जमानत याचिका खारिज

Advertisements

पत्नी का गला दबाकर हत्या करने वाले हत्यारे पति की चतुर्थ जमानत याचिका खारिज


बैतूल। माननीय अपर सत्र न्यायालय भैसदेही ने पत्नी का गला दबाकर हत्या करने वाले हत्यारे पति शोभेराम पिता छोटेलाल उम 21 वर्ष निवासी लोकलदरी थाना भैसदेही जिला बैतूल की जमानत याचिका निरस्त कर जेल भेज दिया है। प्रकरण में म.प्र. शासन की ओर से पैरवी करते हुए सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, श्री मनवीर सिंह ठेनुआ द्वारा आरोपी की जमानत याचिका का विरोध किया गया था।

प्रकरण का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि फरियादी रामभाऊ दिनांक 11/04/18 को लगभग 4 बजे वह अपने घर में सोया था तभी उसका साला शोभेराम उसकी लड़की गुजरी उम डेढ़ वर्ष को लेकर घर आया और उसे जगाकर बोला कि उसकी लड़की गुजरी को उसके माँ बाप के खेत पर पंहुचा देना जब उसने शोभेराम से पूछा कि क्या हो गया तो शोभेरम ने उसे बताया कि उसकी पत्नी सुनीता रात में खाना परोसकर नहीं दे रही थी इसी बात पर से उसका सुनीता से विवाद हो गया और उसने सुनीता का गला दबा दिया, जिससे सुनीता की मौत हो गयी है।

शोभेराम इतना कहकर वहा से भाग गया। इसके बाद रामभाऊ अपने ससुर छोटेलाल के साथ शोभेरम के घर गया और देखा कि मृतिका सुनीता शोभेरम के घर के किचन में मरी पड़ी थी सुनीता के गले में नीले रंग का गहरा निशान था। फरियादी रामभाऊ की इस सूचना पर पुलिस थाना भैसदेही ने अपराध कायम किया और अनुसंधान में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसका विचारण मान, न्यायालय के समक्ष लंबित है।

आरोपी ने यह जमानत याचिका अपर सत्र न्यायालय भैसदेही के समक्ष पेश की । (उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व दिनांक 20/06/18 को इस न्यायालय द्वारा एवं दिनांक 24/12/18 एवं 20/11/19 को उच्च न्यायालय द्वारा आरोपी की जमानत याचिकाए निरस्त की जा चुकी है)।

म.प्र शासन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, श्री मनवीर सिंह ठेनुआ ने आरोपी की इस जमानत याचिका का विरोध करते हुए अपने तर्क प्रस्तुत किये जिनसे सहमत होकर माननीय न्यायालय द्वारा आज आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया।

Advertisements
No tags for this post.

Related posts

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error:
WhatsApp chat