रुपहले पर्दे की स्याह दुनिया – रंजीत सिंह

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रुपहले पर्दे की स्याह दुनिया – रंजीत सिंह


सारनी, (ब्यूरो)। सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या/हत्या से शुरू हुई कहानी, नेपोटिज्म, पैसे की हेराफेरी, ड्रग्स से होती हुई इस मोड़ तक पहुंचेगी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। सुशांत सिंह राजपूत केस में जब पहली बार ड्रग्स का एंगल सामने आया था तो सबने सोचा कि यह सिर्फ सुशांत सिंह राजपूत, रिया चक्रवर्ती उसके भाई शोवित चक्रवर्ती, सुशांत सिंह के कुछ कर्मचारियों और ड्रग पैडलर्स के बीच का मामला है, किंतु जब सच्चाई परत दर परत खुलने लगी तो ऐसे-ऐसे नाम सामने आए कि हर कोई हैरान रह गया और सबके सामने फिल्मी दुनिया की वह सच्चाई बेनकाब हुई जिसके बारे में गाहे-बगाहे खबरें आती रहती थी।

एनसीबी द्वारा अभी तक की गई पड़ताल में फिल्मी दुनिया की कई नामचीन अभिनेत्रियों का नाम ड्रग्स केस में सामने आया है। जिनकी नकल आज की युवा पीढ़ी बड़े शान के साथ करती है और उनको अपना रोल मॉडल मानने से भी कोई गुरेज नहीं करती है। अभिनेत्रियों दीपिका पादुकोण, श्रद्धा कपूर, सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह समेत उनसे जुड़ी कई हस्तियों के ड्रग्स से जुड़े कुछ व्हाट्सएप चैट सामने आए और एनसीबी द्वारा संबंधितों को सम्मन भेजकर पूछताछ भी की जा चुकी है, जिसमें कई अहम जानकारियों का खुलासा हुआ है।

कौन दोषी है, कौन निर्दोष है इस प्रश्न का उत्तर फिलहाल समय के गर्भ में है किंतु यह सब सामने आने से उन लोगों को अवश्य घोर निराशा हुई है जो इनके द्वारा अभिनीत फिल्मों के आधार पर इनके बारे में वह धारणा बना लेते है जो कि हकीकत से कोसों दूर होती है। किसी अभिनेता या अभिनेत्री द्वारा किसी फिल्म में निभाया गया चरित्र अभिनय मात्र होता है न कि उनका वास्तविक जीवन, जो किसी के द्वारा अभिनीत अच्छे या बुरे पात्र के ठीक उलट भी हो सकता है।

अभी तक सामने आए तमाम तथ्यों और जानकारियों के आधार पर यह स्पष्ट हो चुका है कि फिल्मी दुनिया सिर्फ वह दुनिया नहीं है जो कि हम सेवेंटी एमएम के रुपहले पर्दे पर देखते हैं। रुपहले पर्दे पर दिखाई गई अच्छाई और बुराई, इन फिल्मी सितारों की वास्तविक जिंदगी से अलग होती है। जिंदगी की जो रंगीनिया रुपहले पर्दे पर दिखाई देती है, वह शायद इन सितारों की जिंदगी को एकदम चरितार्थ नहीं करती है।

इनके वास्तविक जीवन में सिर्फ सब कुछ सिर्फ उजला-उजला ही नही है, असल जिंदगी में कहीं षड्यंत्र है, कहीं नेपोटिज्म है, कहीं शोषण है, कहीं खुद के ग़म हैं, जिनको ये सितारे ड्रग्स में डूबकर भुलने की कोशिश करते हैं। हम कह सकते हैं कि रुपहले परदे से अलग फिल्मी सितारों की वास्तविक दुनिया बहुत अलग है जो कुछ लोग के लिए थोड़ी स्याह है।

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