रोजगार गारंटी ने बदल दी ग्राम की तस्वीर , बंजर भूमि पर उगाई फसल

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रोजगार गारंटी ने बदल दी ग्राम की तस्वीर , बंजर भूमि पर उगाई फसल

कई दशक बाद चेहरे पर लौटी मुस्कान


जुन्नारदेव, (दुर्गेश डेहरिया)। महात्मा गांधी नेशनल रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए ग्रामीण जनों को इस योजना में लाभान्वित किया मजदूर के साथ-साथ हितग्राही को भी इसका फायदा हुआ जुन्नारदेव जनपद से करीब 35 किमी दूरस्थ ग्राम पंचायत गोप के जामुनडोंगा मे नजर आई जब कई सालों से बंजर पथरीली भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए ठानी कृषक हरिचंद्र नर्रे पेशेवर शिक्षक ग्राम मे स्कूल पर अपनी सेवाएं देते आ रहे है।

कोरोना महामारी के चलते स्कूल बंद होने से अपने पुश्तैनी कारोबार पर ध्यान दे रहे है। जानकारी देते हुए बताया कि वर्षों से इस बंजर जमीन पर खेती करने के सपने संजोए हुए थे लेकिन जमीन को खेतीहर बनाने के प्रयास किए पर सफलता नही मिली उक्त भूमि पर रवी खरीफ की फसल उगाना संभव नही था।

जिसके कारण बंजर पड़ी थी जिसमें किसी भी प्रकार की खेती करना किसान के लिए संभव नहीं था कोरोना काल मे लाकडाऊन के दौरान मनरेगा के तहत मेड बंधान कार्य कराने के लिए जब ग्राम पंचायत के सरपंच सिकल सिंग नर्रे ओर सचिव दयाल सिंग बटके ने इस खेत में वर्क प्लान बनाकर मजदूरों को खेत के पत्थर समेट कर मेडबंधान कार्य कराया गया जिसका सफल प्रतिसाद मिला किसान ने मेहनत कर रवी फसल मक्का बोनी की गई। अच्छी पैदावार होने से बंजर भूमि की शक्ल बदल गई है।

महात्मा गांधी नेशनल रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों पर जोर दिया गया है। आज विकास खंड के दूरदराज गांव गांव मे सड़क मार्ग, कूप निर्माण, मेडबंधान जैसे हितग्राही मूलक कार्य से ग्रामीणों की स्थिति में सुधार हुआ है।

हितग्राही ने जानकारी देते हुए बताया कि बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने मे जनपद सीईओ सुरेन्द्र साहू ग्राम पंचायत सरपंच सचिव द्वारा योजना मे चिन्हित कर लाभांवित किऐ जाने पर के प्रति अभार जताया है।

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