ग्राम सिरडी निवासी आनंदराव देशमुख के अंधेकत्ल का पुलिस में किया खुलासा

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ग्राम सिरडी निवासी आनंदराव देशमुख के अंधेकत्ल का पुलिस में किया खुलासा


बैतूल। 29 अक्टूबर को रात्री 03 बजे बेटे निकलेश ने अपने पिता आनंदराव देशमुख निवासी सिरडी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थीं। जिसमें निकलेश बताया कि वह खेती किसानी का काम करता हैं दिनांक 28 अक्टूबर को सुबह 08.30 बजे करीबन मेरे पिता आनंदराव बैलगाड़ी जोतकर खेत गए थे। खेत में तुलसीराम के ट्रैक्टर से एक घंटा खेत की जुताई कराये और उसी के ट्रैक्टर मे बैठकर आए और बस स्टैंड सिरडी पर सुबह 11.30 बजे उतर गए। और तुलसीराम उसका ट्रैक्टर लेकर घर चले गया।

जहां मेरे पिता बस स्टैंड से घर के लिए निकले थे जो घर नहीं आए जिनकी तलाश आस पास गाँव मे या रिश्तेदारों मे किए कोई पता नहीं चला है। उक्त रिपोर्ट पर गुम इंसान क्र. 105/2020 पंजीबद्ध कर जांच मे लिया गया था।

जिसके बाद जांच दौरान पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रध्दा जोशी एवं एसडीओपी मुलताई सोधिया के मार्ग दर्शन में थाना प्रभारी मुलताई सुरेश सोलंकी के निर्देशन में 29 अक्टूबर को गुमशुदा के पुत्र अकलेश देशमुख निकलेश देशमुख एवं उम्रकान्त देशमुख एवं अन्य परिजनो से पूछताछ कर कथन लेखबद्ध किए गए।

जिन्होने बताया कि उनके परिवार व रिश्ते के भाई कृष्णराव का भांजा प्रमोद मगरदे एवं उसके परिवार का गाँव स्थित जमीन व कुआ का विवाद करीबन 2-3 साल से चल रहा है। करीबन एक साल पहले मक्के की दावन की बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच मारपीट हुई थी जिसमे काउंटर मामला क्र 1030/19 , 1031/19 पंजीबद्ध हुआ था जो नयायालय विचाराधीन है एवं जमीन का मामला राजस्व न्यायालय मे विचाराधीन है।

इसी बात को लेकर आरोपी प्रमोद मगरदे ने 28 अक्टूबर को दोपहर करीबन 11 बजे जब आनंदराव खेत से घर आते समय रास्ते मे प्रमोद के घर के सामने से जा रहा था तभी आरोपी प्रमोद ने उसके घर के सामने आनंदराव को पीछे से मूह दबाकर खीच कर घर के अंदर ले गया और घर मे प्रमोद का पिता भीमराव मगरदे था जिसने तुरंत किवाड़ बंद कर अंदर से कुंदा लगा दिया।

फिर प्रमोद ने आनंदराव को जमीन पर पटक दिया और छाती पर बैठ गया और आनंदराव के मूह पर शर्ट का कपड़ा ठूस दिया और दोनों हाथ पकड़ लिया फिर भीमराव ने सन की रस्सी लाकर आनंदराव के दोनों हाथ बांध दिया। फिर प्रमोद ने लोहे की दराती से आनंदराव के सिर मे मारा।

इतना सब करने के बाद भी आनंदराव नहीं मरा तो प्रमोद ने आनंदराव के गले मे बंधा गमछा खीचकर एवं रस्सी से खीचकर आनंदराव की हत्या कर दी फिर लाश को ठिकाने लगाने के लिए शाम को भाई दिलीप के आने पर तीनों ने साथ मिलकर आनंदराव की लाश को बोरे मे भरकर लाश को बैलगाड़ी मे रखकर भाउराव लिखितकर के खेत के पास मेड़ पर रखे तीन पत्थरो से लाश को बांधकर भाउराव लिखितकर के खेत स्थित कुआ मे लाश को फेक दिया था।

फिर आरोपी प्रमोद की निशादेही पर मृतक आनंदराव की लाश को बरामद कर प्रकरण क्र 895/2020 धारा 364, 302, 201, 34 आईपीसी मे तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जिन्हे आज 31 अक्टूबर को न्यायालय पेश किया जा रहा है।

उक्त हत्या के प्रकरण के आरोपियों को गिरफ्तार करने मे थाना प्रभारी सुरेश सोलंकी, उनि, उत्तम नंदन मस्तकार, प्रआर. 551 गंभीर सिंह रघुवंशी, आर. 127 मनोज डेहरिया, आर. 332 अजय हाथिया, आर. 618 जगदीश, आर. चालक 620 गोपाल, सैनिक 92 कृष्णा बरडे की विशेष भूमिका रही।

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