अंतिम यात्रा के सारथी बने विकास, विक्रम

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अंतिम यात्रा के सारथी बने विकास, विक्रम


बैतूल। आजकल जहाँ देखने मिलता है कि रिश्तेदार भी एक दूसरे की मदद नही करते। इस कठिन समय में आज भाजपा और भाजपा के गंज एवं कोठीबाज़ार मंडल अध्यक्षो ने मिलकर एक ऐसी मिसाल पेश की है जो सभी के लिए गर्व करने के साथ ही सिख लेने की भी मिसाल है।

हुआ यह कि जिला चिकित्सालय में एक वयोवृद्ध मरीज जो कि आमला क्षेत्र के वार्ड नंबर 9 के निवासी है को कुछ दिवस पूर्व जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया। मरीज की उम्र जहा 81 वर्ष हो चुकी थी वही उनकी हालत में भी खासा सुधार नही देखा जा रहा था। आज उस वयोवृद्ध महिला मरीज की मृत्यु जिला चिकित्सालय में हो गयी।

परंतु परिवार की आर्थिक स्तिथि अत्यंत दयनीय होने के कारण परिवार वृद्ध महिला का अंतिम संस्कार करने में भी असमर्थ था। जब परिजन हर जगह से हार गए उनकी मदद के लिए कोई नही आया तो जिला चिकित्सालय की पार्किंग में उनकी चर्चा राजेश शुक्ला जी से हुई। शुक्ला जी ने तुरंत ही परिवार की स्थिति को गंभीरता से लिया एवं इसकी जानकारी भाजपा गंज मंडलाध्यक्ष विकास मिश्रा को दी।

विकास मिश्रा को जैसे ही इस बारे में जानकारी लगी सर्वप्रथम उन्होंने पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल से इस संबंध में चर्चा की और स्व. विजय खंडेलवाल की स्मृति में चलाए जा रहे शव वाहन को जिला चिकित्सालय पहुँचवाया उस के पश्चात उन्होंने कोठीबाज़ार मंडल अध्यक्ष विक्रम वैद्य से चर्चा कर परिवार की आर्थिक सहायता एवं महिला के अंतिम संस्कार के लिए धन एकत्रित करने शुरू किया।

विकास मिश्रा एवं विक्रम वैद्य द्वारा कुछ ही देर में महिला के अंतिम संस्कार हेतु समस्त सामग्री एकत्रित करली गयी एवं परिजनों के साथ गंज मोक्षधाम में जाकर महिला के अंतिम संस्कार को परिवार जनों की भांति सम्पन्न कराया,उनके साथ विक्रम शर्मा,निलेश यादव व राजेश शुक्ला जी ने कंधे दे कर परिवार के सदस्य बने। साथ ही साथ परिवार को अन्य आर्थिक मदद का आश्वासन देकर विदा किया गया।

भाजपा गंज मंडलाध्यक्ष विकास मिश्रा ने बताया कि हमे जैसे ही इस संबंध में जानकारी लगी हमने तुरंत ही एकरूपता से मामले को गंभीरता से लेकर महिला के परिजनों से चर्चा की और मदद करने पहुचे। कोठीबाज़ार मंडलाध्यक्ष विक्रम वैद्य जी ने बताया कि भाजपा और हम सदैव गरीब असहाय लोगो की सेवा के लिए तत्तपर है एवं आगे भी हम इसी प्रेरणा से कार्य करते रहेंगे।

मृत्यु अटल है यही सत्य है

जाने वाला कब रुकता है
कालपुरुष ये कब झुकता है
जो निश्चित है होना तय है
जीवन जय है मृत्यु अजय है
अश्रु , वेदना, पीर,निराशा
व्रत,उपवास, मंत्र या आशा
रोक सके कब यम के रथ को
छोड़ चलें जग ही में गथ को
तारे टूटें जैसे नभ में
छूटे जीवन यही सत्य है

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