फर्जी नामांतरण, रजिस्ट्री को निरस्त करने दफ्तरों के चक्कर काट रही बुजुर्ग आदिवासी महिला, लगाया धोखाधड़ी का आरोप

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फर्जी नामांतरण, रजिस्ट्री को निरस्त करने दफ्तरों के चक्कर काट रही बुजुर्ग आदिवासी महिला, लगाया धोखाधड़ी का आरोप


बैतूल। जिले की सबसे बड़ी नगरपालिका सारनी क्षेत्र कि एक बुजुर्ग आदिवासी महिला की भूमि को दबंगों के द्वारा फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर नामांतरण करने का प्रयास किया जा रहा है। तहसीलदार द्वारा जब नामांतरण आवेदन को खारिज कर दिया गया तो अब भू माफिया एसडीएम से जुगत लगाकर नामांतरण करने का प्रयास कर रहे हैं।

1 हजार वर्ग फुट भूमि विक्रय करने का बोल कर 0.130 हेक्टेयर भूमि के संपूर्ण रकबा की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कर दबंगों द्वारा आदिवासी महिला के साथ धोखाधड़ी की गई है। बुजुर्ग महिला अब न्याय के लिए जिला मुख्यालय आकर दफ्तरों के चक्कर काटने के लिए मजबूर है।

जानकारी के अनुसार बुजुर्ग महिला रमिया पति गोरेलाल कोरकू की भूमि पाठाखेड़ा तहसील घोड़ाडोंगरी निवासी दबंग महिला लीलावती पति बालम सिंह मरकाम, जामई जिला छिंदवाड़ा निवासी बुगिया शीलू पति जुगरा ने पंजीयक कार्यालय से सांठगांठ कर नामांतरित कर ली है। इस मामले में महिला ने आला अधिकारियों से शिकायत कर फर्जी नामांतरण एवं रजिस्ट्री को निरस्त कर अनावेदक महिलाओं के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की मांग की है।

शिकायतकर्ता बुजुर्ग महिला के पुत्र दशन, महेश, अनिल पिता गोरेलाल ने बताया कि उनकी माँ रमिया पति गोरेलाल बारस्कर के नाम मौजा पाठाखेड़ा ख.नं. 33/1/1 रकबा 0.130 हे. भूमि स्थित है। मां बहुत वृद्ध है उसे पढ़ना लिखना नही आता अनपढ़ है। रमिया बारस्कर द्वारा ख.नं. 33/1/1 रकबा 0.130 हे . भूमि में से मकान के सामने आंगन की 1 हजार वर्ग फुट भूमि को विक्रय करने का बोल कर सौदा किया गया था, परन्तु अनावेदकगणों द्वारा रमिया बाई से ख.नं. 33/1/1 रक्बा 0.130 हे . भूमि का सम्पूर्ण रकबा की रजिस्ट्री 22 जुलाई 2020 को फर्जी तरिके से करायी गयी है।

जबकि उक्त भूमि पर कालोनी की रोड है जिससे सभी कालोनी वालो का आना जाना है, उसके अलावा कोई रिक्त भूमि नहीं है, जिस रजिस्ट्री में उक्त भूमि पर फर्जी तरीके से फोटो एडिट कर खाली भूमी दिखाया गया है, रमिया बाई द्वारा उक्त भूमी पर कोई फोटो नही खीची गई थी। ख.नं. 33/1/1 रक्बा 0.130 हे. में रमिया गोरेलाल की रोड की जमीन बची थी बाकी जमीन पर मकान बने हुये है, जिसमें लीलावती मरकाम का भी मकान बना हुआ है जिसकी रजिस्ट्री लगभग 20 वर्ष पूर्व 1200 स्क्यर फिट की है। लेकिन 3300 स्क्योर फिट पर मकान बनाया हुआ है।

जिसकी भी पूर्व में शिकायत कि गई थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई थी। शिकायत में उल्लेख किया गया रमिया गोरेलाल द्वारा उनके पुत्रों की सहमती से 10 वर्ष पूर्व मुन्नालाल पिता जुगरू जाति गोंड को 1 प्लाट बेचा था जिसपर भी लीलावती मरकाम द्वारा अवैध कब्जा कर लिया है इस मामले में शिकायत कर्ताओं ने उचित जांच कर नामांतरण एवं रजिस्ट्री को खारिज करने की गुहार लगाई है।

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