20 Jan 2021

भारत की अस्मिता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है राम मंदिर – खगेन्द्र भार्गव

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भारत की अस्मिता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है राम मंदिर – खगेन्द्र भार्गव


सारनी, (ब्यूरो)। अयोध्या में बनने वाला भगवान श्री राम का मंदिर भारत की अस्मिता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। इस मंदिर के निर्माण में हिन्दू समाज के प्रत्येक व्यक्ति का समर्पण होना चाहिए।

यह उद्गार विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री खगेन्द्र भार्गव ने बुधवार को शोभापुर कालोनी एवं पाथाखेड़ा में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ न्यास द्वारा आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।

उपस्थित जन समुदाय को सम्बोधित करते हुए श्री भार्गव ने कहा कि पिछले पांच सौ वर्ष से अयोधया में भगवान राम का मंदिर भूमि पर नही था लेकिन पीढ़ी दर पीढ़ी हमारे हृदय में विराजमान था। श्री राम जन्मभूमि के लिए वर्षो तक हुए संघर्ष की याद दिलाते हुए श्री भार्गव ने कहा कि हजारों राम भक्तो के बलिदान के बाद यह शुभ घडी आई है।

अब हमें बलिदान नही बल्कि मंदिर निर्माण के लिए धन और समय का समर्पण करना है। उन्होंने कहा कि रामजन्मभूमि का केस पहला ऐसा मामला था जिसे स्वयं रामलला ने लड़ा। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर पूरी दुनिया की निगाह थी। 5 अगस्त 2020 को जब मंदिर भूमिपूजन हुआ तो यह कार्यक्रम दुनिया मे सबसे अधिक देखा जाने वाला लाइव कार्यक्रम था।

श्री भार्गव ने कहा कि कभी राम को काल्पनिक मानने वाले आज अपना गोत्र ढूंढते फिर रहे हैं। यह हमारे संकल्प शक्ति की विजय है। आने वाले समय मे भारत समरस, समर्थ और समृद्ध होकर विश्व का जगत गुरु बनेगा।

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