18 Mar 2021

इन 8 तरीकों से आपके मोबाइल कि बैटरी लाइफ बढ़ेगी कई गुना

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इन 8 तरीकों से आपके मोबाइल कि बैटरी लाइफ बढ़ेगी कई गुना


अब मोबाइल फोन दिनभर हमारे हाथों में रहता है। यही वजह है कि हमें अब मोबाइल फोन में ज्यादा बैटरी की जरूरत महसूस होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब स्मार्टफोन कंपनियों ने विशाल बैटरी वाले मोबाइल फोन लॉन्च करने शुरू कर दिए हैं।

हालांकि कुछ ऐसे टिप्स और ट्रिक्स भी होते हैं, जिनकी बदौलत आप घंटों का अतिरिक्त बैटरी बैकअप (increase Phone’s Battery Backup) प्राप्त कर सकते हैं।

आपको अपने फोन की सेटिंग्स में कुछ बदलाव करने होते हैं या आप कुछ बातों का ध्यान रख कर अपने फोन में ज्यादा से ज्यादा बैटरी बैकअप (Battery Boosting Tips and Tricks) प्राप्त कर सकते हैं। नीचे बताए गए बैटरी सेविंग टिप्स एंड ट्रिक्स को फॉलो करें और अपने फोन की बैटरी बचाएं।

ब्राइटनेस को कम करें या ऑटो-ब्राइटनेस मोड पर रखें

डिस्प्ले साइज़ बढ़ते जा रहे हैं और पैनल्स का रिज़ॉल्यूशन 2k तक पहुंच गया है। इसके ऊपर दिनभर में फोन का कई घंटों तक चलते रहना निश्चित तौर पर बैटरी को खत्म करने के लिए काफी है। बता दें कि स्क्रीन ऑन टाइम जितना ज्यादा होगा, बैटरी की खपता भी उतनी ही ज्यादा होगी।

यहां आप ब्राइटनेस को कम कर काफी बैटरी बचा सकते हैं। पहले तो कोशिश करें कि आप जरूरत पड़ने पर भी स्क्रीन को ऑन रखें और उसके ऊपर यदि आप स्क्रीन ब्राइटनेस को कम रखते हैं या ऑटो पर रखते हैं, तो आप काफी बैटरी बचा सकते हैं।

स्क्रीन टाइम आउट को कम करें

जैसा कि हमने बताया कि आपकी स्क्रीन जितना ज्यादा ऑन रहेगी, बैटरी की खपत भी उतनी ही बढ़ेगी। ब्राइटनेस के अलावा आप स्क्रीन ऑन टाइम को भी कम कर सकते हैं। सेटिंग्स मेन्यू में या तो आपको स्क्रीन टाइम आउट या फिर स्लीप में से कोई एक विकल्प दिखाई देगा। यदि आपका फोन 1 मिनट या उससे अधिक समय पर सेट है, तो इस समय को 15 सेकेंड या फिर 30 सेकेंड पर सेट कर दें। यह आपको बैटरी बैकअप बढ़ाने में मदद करेगा।

नोटिफिकेशन सेटिंग्स

हमारे स्मार्टफोन में ऐप्स का भंडार होता है और ये ऐप्स समय-समय पर हमें नोटिफिकेशन्स देते रहते हैं। इनमें से कई नोटिफिकेशन्स बेतुके होते हैं। कई ऐप्स तो ऐसे होते हैं, जिनका इस्तेमाल हम बहुत कम करते हैं, लेकिन ये ऐप्स हमें रोज़ भर-भर के नोटिफिकेशन्स भेजते हैं। शॉपिंग ऐप्स, कस्टमाइजेशन ऐप्स और गेम्स इनमें सबसे आगे हैं।

दरअसल, लगातार नोटिफिकेशन्स का मिलना फोन को स्लीप से हटा देता है। इसका मतलब यह भी होता है कि नोटिफिकेशन्स भेजने वाला ऐप बार-बार बैकग्राउंड में एक्टिवेट हो रहा है। कोशिश करें कि इन ऐप्स के नोटिफिकेशन्स को आप बंद कर दें।

ऐप्स और सर्विस के बैकग्राउंड प्रोसेस को सीमित करें

Facebook, WhatsApp, Snapchat, instagram जैसे ऐप्स लगातार बैकग्राउंड में बने रहते हैं। ये ऐप्स आपके फोन की बैटरी के सबसे बड़े दुश्मन हैं। इन ऐप्स को बार-बार इस्तेमाल किए जाने की वजह से बैटरी सेविंग मोड या अडेप्टिव बैटरी मोड का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इनके बैकग्राउंड प्रोसेस को बंद नहीं करते हैं।

ऐसे में हमारी सलाह है कि आप अपने फोन की सेटिंग्स के अंदर से इन ऐप्स के बैकग्राउंड डेटा यूसेज और एक्टिविटी को सीमित कर दें। इसके अलावा, आप वाई-फाई स्कैनिंग और एनएफसी विकल्प को बंद कर भी काफी बैटरी बचा सकते हैं।

लोकेशन, ब्लूटूथ और वाईफाई को बंद रखें

वायरलेस तकनीक ने भी बैटरी के ऊपर काफी प्रभाव डाला है। आज के समय में हमारे फोन में घंटों तक वाई-फाई कनेक्टेड रहता है। वायरलेस ईयरफोन और स्मार्टवॉच या स्मार्ट बैंड ने ब्लूटूथ का इस्तेमाल बढ़ा दिया है।

कई ऐप्स लगातार GPS का एक्सेस लेते हैं, जिसकी वजह से आपके फोन पर लोकेशन सर्विस भी लगातार ऑन रहती है। ऐसे में कोशिश करें कि जरूरत पड़ने पर ही लोकेशन सर्विस, वाई-फाई और ब्लूटूथ का इस्तेमाल करें, अन्यथा इन्हें बंद रखें। इन तीन सर्विस के बंद रहने पर काफी बैटरी बचती है।

वाइब्रेशन को बंद करें

यदि आप ज्यादातर समय अपना फोन वाइब्रेट मोड पर रखते हैं तो ऐसे करने से बचना चाहिए। वाइब्रेशन मोटर भी बैटरी का इस्तेमाल करती है। मैसेज या कॉलिंग के समय तो इसका इस्तेमाल होता ही है, लेकिन आप जब भी टाइपिंग करते हैं, तो कई कीबोर्ड हैप्टिक फीडबैक देते हैं, जिस वजह से बैटरी खपत बढ़ने लगती है। फोन में वाइब्रेट मोड की जरूरत ना हो तो इस फीचर को ऑफ कर दें।

बैटरी सेविंग मोड या अडेप्टिव बैटरी मोड

गूगल अपने एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम में बैटरी बचाने के लिए बैटरी सेविंग मोड या अडेप्टिव बैटरी मोड फीचर देता है। कई स्मार्टफोन कंपनियां Android पर आधारित अपनी कस्टम स्किन में इस फीचर को अपने हिसाब से ट्वीक भी कर देती है। यह फीचर आपको बैटरी बचाने में बहुत मदद कर सकता है।

अकसर जब फोन की बैटरी 10 या 15 प्रतिशत बचती है, तो यह मोड अपने आप चालू हो जाता है, लेकिन हम सलाह देंगे कि जब भी आपको अपने फोन पर ज्यादा काम न हो या आपका फोन लंबे समय तक टेबल या जेब में हो, तो आप इस मोड को खुद से ऑन कर दें।

ये मोड फोन के बैकग्राउंड प्रोसेस को सीमित कर देते हैं और साथ ही ब्राइटनेस को कम कर देते हैं और वाइब्रेशन आदि बैटरी की खपत करने वाले फीचर्स को भी बंद कर देते हैं।

बैटरी बढ़ाने वाले ऐप्स ही हैं बैटरी के दुश्मन

यदि आप सोच रहे हैं कि आप बैटरी सेविंग या बैटरी बूस्टिंग ऐप्स इंस्टॉल कर बैटरी बैकअप बढ़ा लेंगे, तो आप बिल्कुल गलत हैं। बैटरी बढ़ाने वाले ऐप्स खुद बैटरी की खपत करते हैं और इन फ्री ऐप्स में आने वाले विज्ञापन बैटरी बैकअप को और कम कर देते हैं।

ये ऐप्स आपके अन्य ऐप्स को बैकग्राउंड से किल करने का दिखावा करते हैं, लेकिन फिर भी कई ऐप्स या सर्विस चालू ही रहती हैं। उलटा बैटरी सेविंग ऐप दिन रात 24 घंटे बैकग्राउंड में चलते हैं और आपकी बैटरी पर बुरा असर डालते हैं। ऐसे ऐप्स के छलावे में न पड़ें। इससे बेहतर आप एंड्रॉयड के खुद के बैटरी सेविंग मोड या अडेप्टिव बैटरी मोड का इस्तेमाल करें।

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