7 Apr 2021

पुलिस कर्मचारियों पर हमला कर मारपीट करने वाले आरोपियों का जमानत आवेदन निरस्त

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पुलिस कर्मचारियों पर हमला कर मारपीट करने वाले आरोपियों का जमानत आवेदन निरस्त


बैतूल। माननीय अपर सत्र न्यायालय भैंसदेही ने आरोपी गुलाब पिता भगतसिंग उईके उम्र 40 वर्ष, भटू पिता मंगू मर्सकोले उम्र 40 वर्ष एवं गोविन्द पिता वारे मर्सकोले उम्र 24 वर्ष सभी निवासीगण सिहार थाना भैंसदेही की ओर से प्रस्तुत जमानत आवेदन पत्र निरस्त कर तीनों आरोपियों को जेल भेजा। शासन की ओर से पैरवी करते हुए आरोपीगण के जमानत आवेदन पत्र का विरोध अपर लोक अभियोजक मनवीर सिंह ठेनुआँ द्वारा किया गया।

इस घटना में थाना भैंसदेही में पदस्थ आरक्षक विवेक पाल द्वारा थाना भैंसदेही में इस आशय कि मौखिक रिपोर्ट कराई कि 31 मार्च को थाना प्रभारी के हमराह ग्राम सिहार में मुखबिर द्वारा जुआ खेलने की सूचना प्राप्त होने पर थाना स्टाफ आरक्षक प्रशांत, आरक्षक विनोद, आरक्षक किशोर के साथ सूचना की तस्दीक हेतु शासकीय वाहन से ग्राम सिहार गये थे।

ग्राम सिहार पहुंचकर शासकीय वाहन को गांव के बाहर खड़ा कर दिया, और वह विनोद, प्रशांत एवं किशोर थाना प्रभारी के आदेश से मेले में जुआं खेलने की सूचना तस्दीक करने हेतु रवाना हुए। करीब 7 बजे मेले के बाहर पहाड़ी के पास वे लोग पहुंचे तो हल्के उजाले में पहाड़ी के पास जुआं की फड दिख रही थी।

वे सभी देखने के लिए आगे बढ़े तभी तीन-चार अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा जुआं रेड करने का विरोध किया और माँ-बहन की गालियां देकर बोलने लगे कि ये लोग जुआ पकड़ने आये है, “इन पुलिस वालों को मारो” तब तीन-चार व्यक्ति उनके पास आये और उन्हें लाठी से मारपीट करने लगे। वे लोग भागने लगे तो पीछे से पत्थर फेंककर मारे। आसपास कुछ परिचित लोगों ने उन्हें बचाया।

आरोपीगण के विरूद्ध थाना भैंसदेही में धारा 353, 186, 332, 34 भादवि का अपराध कायम किया गया। तथा प्रकरण की विवेचना के दौरान आरोपीगण को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय जे.एम.एफ.सी. भैंसदेही के समक्ष प्रस्तुत किया गया, माननीय न्यायालय जे. एम.एफ.सी. भैंसदेही ने आरोपीगण के द्वारा प्रस्तुत जमानत आवेदन को निरस्त कर आरोपीगण को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। तत्पश्चात आरोपीगण ने माननीय अपर सत्र न्यायालय भैंसदेही मे जमानत आवेदन पत्र प्रस्तुत किया।

.प्र. शासन की ओर से माननीय अपर सत्र न्यायालय भैंसदेही में आरोपीगण द्वारा प्रस्तुत जमानत आवेदन पत्र का विरोध करते हुए अपर लोक अभियोजक मनवीर सिंह ठेनुआँ द्वारा तर्क प्रस्तुत किये गये। अभियोजन के तर्क से सहमत होकर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण की ओर से प्रस्तुत जमानत आवेदन पत्र निरस्त कर दिया गया।

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