8 Apr 2021

नाबालिग बालिका का अपहरण कर बलात्कार करने वाले आरोपी को 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं जुर्माने की सजा

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नाबालिग बालिका का अपहरण कर बलात्कार करने वाले आरोपी को 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं जुर्माने की सजा


बैतूल। जिला न्यायालय ने 12 वर्षीय नाबालिक बालिका के साथ अपहरण कर दुष्कर्म किये जाने के मामले में सजा सुनाई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार अनन्य विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल, जिला बैतूल ने आरोपी ब्रजेश उर्फ विजय को धारा 376(6) भा.द.वि. में दोषी पाते हुए 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रूपये के जुर्माने, धारा 363 भा.द.वि. में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रूपये के जुर्माना, धारा 342 भा.द.वि.में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रूपये के जुर्माने से दण्डित किया गया तथा इसी मामले में पीड़िता के अपहरण एवं परिरोध में रखने के अपराध के लिए सहआरोपी चन्द्रशेखर को धारा 363 भा.द.वि. में दोषी पाते हुए 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500रूपये के जुर्माने तथा धारा 342 भा.दवि. में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रूपये के जुर्मान से दण्डित किया गया।

प्रकरण में म.प्र. शासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी, विशेष लोक अभियोजक एस.पी.वर्मा एवं विशेष लोक अभियोजक ओमप्रकाश सूर्यवंशी के द्वारा पैरवी की
गयी। प्रकरण की पैरवी में वरिष्ठ ए.डी.पी.ओ. अमित कुमार राय एवं वंदना शिवहरे के द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।

घटना दिनांक 13.05.2018 को पीड़िता अपने भाई-बहन के साथ घर पर थी तथा उसकी मम्मी काम करने गई थी तभी उसे नाले के पास उसकी सहेली मिली और उसे कहा कि उसके घर चल उसके पापा ब्रजेश (आरोपी) मुर्गा लेकर आये है, अपन लोग खायेंगे। तब पीड़िता उसकी सहेली के साथ उसके घर चली गयी। घटना वाले दिन आरोपी ब्रजेश के घर पर रात हो गयी थी, आरोपी ब्रजेश जो मुर्गा लेकर आया था जिसे पकाकर उन्होंने खाया था फिर पीड़िता की सहेली उसके दूसरे वाले घर जहां उसकी दादी रहती थी चली गयी थी तथा पीड़िता को आरोपी ब्रजेश ने यहीं रुक जाओ कहकर रोक लिया था।

पीड़िता को खाने के कुछ देर बाद चक्कर और नशा जैसे आने लगा तो वह आरोपी ब्रजेश के घर ही सो गयी थी। सुबह जब उठी तो उसने देखा कि उसके बदन में कोई कपड़ा नहीं था और उसके साथ आरोपी ब्रजेश सोया था आरोपी ब्रजेश ने उसके साथ गलत काम (बलात्कार) किया था।

जब उसने आरोपी ब्रजेश से कहा उसे उसके घर छोड़ दे तो आरोपी ब्रजेश ने उसे उसके घर नहीं छोड़ा और उसके दोस्त सहआरोपी चन्द्रशेखर के साथ पीड़िता को आरोपी चन्द्रशेखर के घर मोटर सायकल में बैठा कर ले गये मोटर सायकल को चन्द्रशेखर चला रहा था और आरोपी ब्रजेश उसे पकड़ कर बैठा था। दोनों आरोपीयों ने पीड़िता को आरोपी चन्द्रशेखर के घर तुलसीनगर बैतूल में बंद कर रखा था।

दूसरे दिन सुबह आरोपी चन्द्रशेखर उर्फ राजा की पत्नी ने पीड़िता को उठाकर उससे कहा कि तुम यहां से भाग जाओ और उसे घर से भगा दिया तब वह भाग कर अपने घर आई और घटना की पूरी जानकारी उसकी खाला और मां को बतायी, फिर वह पीड़िता को लेकर पुलिस के पास गयी।

इस घटना में पीड़िता की मां ने थाना कोतवाली बैतूल में दिनांक 14.05.2018 को पीड़िता की गुमशुदगी रिपोर्ट लेख कराई थी जिस पर थाना कोतवाली द्वारा अपराध क्रमांक 359/2018, अपराध अंतर्गत धारा 363 भा.द.वि. का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।

पीड़िता के दस्तयाब होने के उपरांत पीड़िता द्वारा आरोपी ब्रजेश द्वारा उसके साथ गलत काम किये जाने एवं आरोपी चन्द्रशेखर द्वारा उसका सदोष परिरोध किये जाने के संबंध में बताये जाने के आधार पर आरोपीगण को गिरफ्तार किया गया एंव अन्य आवश्यक विवेचना उपरांत अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

प्रकरण में माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया था जिसके आधार पर आरोपीगण को दोषी पाते हुए कटोर कारावास से
दण्डित किया गया।

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