April 14, 2021

जिला प्रशासन की तालाबंदी को तोड़, छिंदवाड़ा जिले से 35 कोलकर्मी सात गाड़ियों से पहुँचे जिलाधीश कार्यालय

Advertisements

जिला प्रशासन की तालाबंदी को तोड़, छिंदवाड़ा जिले से 35 कोलकर्मी सात गाड़ियों से पहुँचे जिलाधीश कार्यालय

जिला प्रशासन में मचा हड़कंप, सारनी और रानीपुर पुलिस की तालाबंदी को भी तोड़ा

सारनी एसडीओपी को सख्त निर्देश बैतूल छिंदवाड़ा जिले की सीमा से आवागमन करने पर लगाये रोक


बैतूल। बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन ने दो दिन पूर्व में वेकोलि प्रबंधन को एक पत्र लिखा था जिसमें अवगत कराया था कि छिंदवाड़ा जिले से लगभग दो सौ कोल कर्मी में प्रतिदिन बैतूल जिले पाथाखेडा की भूमिगत कोयला खदानों पर आवागमन कर रहे हैं।

जिससे कोरोना संक्रमण बैतूल जिले में बढ़ने का खतरा है और आपको बता दें कि छिंदवाड़ा जिले में पूर्व में ही तालाबंदी लगा दिया गया हैं। ताकि कोरोना संक्रमण के चैन को तोड़ा जा सके। लेकिन यह सब जानकारी होने के बावजूद पाथाखेड़ा की भूमिगत खदानों में वह वेकोलि कोल कर्मी लगातार छिंदवाड़ा जिले के दमुआ से बैतूल जिले के खैरवानी की सीमा में आसानी से प्रवेश हो रहे थे।

जिसको लेकर समाचारों की दुनिया टीम ने प्रमुखता से मामले को उठाया था। जिसके बाद बैतूल जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझा और तत्काल वेकोलि प्रबंधन को पत्र लिखकर निर्देशित किया और यह अवगत कराया था कि बैतूल छिंदवाड़ा की सीमा सील की जा रही है। इसके बाद छिंदवाड़ा जिले से किसी भी तरह का कोई आवागमन करने नहीं दिया जाएगा और कोलकर्मियों को होने वाली परेशानी के लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार नहीं होगा।

वही जिला प्रशासन के पत्र को पाते ही वेकोलि प्रबंधन ने तत्काल मामले की गंभीरता को समझते हुए छिंदवाड़ा जिले से आने वाले कुल कर्मियों को निर्देशित किया था। पेंच एवं कन्हान क्षेत्र से आने वाले समस्त अधिकारी कर्मचारी कामगार जिले कंपनी द्वारा पाथाखेड़ा क्षेत्र में आवास आवंटित किया गया है। वह अपने आवंटित आवास में रहकर अपना कार्य कर सकते हैं।

लेकिन जो लोग पेंच एवं कन्हान क्षेत्र से आना-जाना करते हुए किसी भी तरह की समस्या होगी तो उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होंगे कंपनी से उस दिन का वेतन नहीं दिया जाएगा। और जो कोल कर्मी अपने आवास का आवंटन करवाना चाहता है वह वेकोलि कार्मिक अधिकारी से सम्पर्क कर सकता हैं। इसी कारण छिंदवाड़ा जिला के कोलकर्मी बैतूल जिले की कोयला खदानों में कार्यरत है।

वह इस आदेश के जारी होने के बाद जब खैरवानी सीमा पर बनी जांच चौकी पर पुलिस के जवानों ने पास पहुंचे। बैतूल जिले की प्रवेश होने से रोक दिया गया। तो वह इस बात की अनुमति लेने के लिए सात वाहनों से जिलाधीश कार्यालय पहुंचे कि ताकि उन्हें आवागमन की अनुमति आसानी से मिल जाए।

लेकिन सोचने वाली बात यह है कि जब पुलिस की जबरदस्त सख्त तालाबंदी है तो फिर खैरबानी की सीमा में प्रवेश कर सारणी रानीपुर होते हुए यह कोल कर्मी अपने 35 साथियों के साथ सात वाहनों से किस तरीके से बैतूल पहुंचे और जिला प्रशासन के लिए एक सोचनीय विषय है क्योंकि जब एक आम व्यक्ति को सड़कों पर घूमने पर प्रतिबंध है तो सात वाहन कैसे सड़कों पर तफरी मचते रहे थे।

मतलब तो यह है कि तालाबंदी का नियम केवल आम जनता के लिए है कोल कर्मियों की तफरी मचाने के लिए कोई तालाबंदी नहीं है। इससे जिला प्रशासन की चौकसी की पोल खुल गई। फिलहाल बैतूल एसडीएम सीएल चनाप और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रद्धा जोशी ने उन्हें चेतावनी दे कर रवाना कर दिया।

आज लगभग 12 बजे छिंदवाड़ा के दमुआ ब्लॉक से 7 गाड़ियों पर सवार होकर 35 कोलकर्मी आवेदन करने जिलाधीश कार्यालय पहुंचे थे। इधर निरीक्षण के लिए निकले एसडीएम सीएल चनाप ने एक साथ इतनी गाड़ी देखी तो उन्होंने गाड़ियों में सवार लोगो से पूछताछ की।एसडीएम श्री चनाप ने इसकी सूचना अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रद्धा जोशी को दी वो भी तुरंत ही मौके पर पहुंच गई थी। दोनों ही अधिकारियों ने पहले कोल कर्मियो से उनके बैैैैतूल आने का कारण पूछा ओर उसके बाद जमकर फटकार लगाई।

वही कोलकर्मियो ने बताया कि कल तक हम दमुआ से बिना रोक टोक काम करने आते जाते रहे लेकिन हमें किसी ने नहीं रोका। आज हम सुबह जब जिले की सीमा पर पहुंचे तो उन्होंने आने जाने के लिए जिलाधीश से परमिशन लेकर आनेेे की बात कही। तो सभी कोल कर्मी आज जिलाधीश अनुमति के लिए यंहा तक आ गये।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रद्धा जोशी ने तुरंत ही एसडीओपी सारणी को फोन लगाया कर जिले की सीमा से आने जाने वालों पर सख्ती से रोक लगाने की फटकार लगाई और यह भी कहा कि यह लोग कैसे जिलाधीश कार्यालय तक आ गये इसकी भी जानकारी ली।

उन्होंने सभी पॉइंट पर पुलिस को सख्त हिदायत दी कि सरकारी कर्मचारी के आई कार्ड के साथ अनुमति हो तो ही छोड़े अन्यथा किसी को भी अनुमति नहीं दी जाए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रद्धा जोशी ने बताया कि यह सभी कोलकर्मी है। और प्रतिदिन सारणी मजदूरी करने आते है।

इन्हें आज सीमा पर मना किया तो यह बैतूूल जिलाधीश कार्यालय पहुंच गए थे। हमने सभी कोलकर्मियों को समझाइश दे कर दोबारा नहीं आने की सख्त हिदायत दी है। इस सबके बावजूद पुलिस की सख्ती के बाद भी सीमा पार से आने वालों का सिलसिला बदस्तूर जारी है जिससे सीमा चौकसी की पोल खुलते नज़र आ रही है।

Advertisements
No tags for this post.

Related posts

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error:
WhatsApp chat