April 21, 2021

जन-धन खाते में पैसे डालने या निकालने से पहले जरूर पढ़े ये खबर

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जन-धन खाते में पैसे डालने या निकालने से पहले जरूर पढ़े ये खबर


जनधन योजना के तहत आप पोस्ट ऑफिस और किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक में जीरो बैलेंस पर खाता खुलवा सकते हैं। इन खातों पर 10 हजार रुपये ओवरड्राफ्ट की सुविधा दी जाती है साथ ही 1 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा भी मिलता है। लेकिन, देश के सरकारी बैंक ही इन खातों के जरिए गरीब लोगों का पैसा लूट रहे हैं और उन पर मनमानी से टैक्स लगा रहे हैं।

रिपोर्ट में खुलासा

बैंक अपने खाताधारकों से कई तरह के चार्ज वसूल रहे हैं। जीरो बैलेंस अकाउंट और बेसिक सेविंग अकाउंट पर यह राशि वसूली जा रही है। आईआईटी बॉम्बे की एक रिसर्च के आधार पर न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बताया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में सेविंग अकाउंट के खाताधारकों को महीने में चौथे ट्रांजैक्शन के बाद हर लेन-देन के लिए 17.70 रुपए देने पड़ते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है “कुछ बैंक सेविंग अकाउंट को लेकर रिजर्व बैंक के नियमों की अवमानना कर रहे हैं। खासकर स्टेट बैंक जहां सबसे सेविंग अकाउंट हैं। यह बैंक एक महीने में 4 से ज्यादा लेन-देन होने पर हर ट्रांजैक्शन के लिए 17.70 रुपए चार्ज करता है। इसमें डिजिटल पेमेंट भी शामिल हैं।”

क्या है रिजर्व बैंक का नियम

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की 2013 में जारी हुई गाइडलाइन के मुताबिक सेविंग अकाउंट के खाताधारकों को एक महीने में चार से ज्यादा लेन-देन करने की छूट है। इसके लिए बैंक अपने नियम बना सकता है पर पैसे नहीं ले सकता।

इसके अलावा बैंक अपनी मर्जी से खाताधारकों को अन्य सेवाएं भी दे सकता है, लेकिन इनके लिए भी कोई फीस नहीं ली जाएगी। रिजर्व बैंक एक महीने के अंदर चार से ज्यादा लेन-देन होने पर उन्हें वैल्यू ऐडेड सेवा के रूप में देखता है।

देश में कुल 42 करोड़ जन-धन खाते

देश में जनधन खातों की संख्या 42 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है। इनमें सरकारी बैंकों में 33.23 करोड़, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में 7.52 करोड़ और प्राइवेट बैंकों में 1.25 करोड़ खाते खुले हैं। कुल जनधन खाताधारकों में महिलाओं की संख्या 23.27 करोड़ है।

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