डॉ. मोदी जन्मदिन विशेष – डॉ. कृष्णा मोदी के 92 वे जन्मदिवस से पूर्व उनके जीवन के कुछ अहम पहलू

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डॉ. मोदी जन्मदिन विशेष – डॉ. कृष्णा मोदी के 92 वे जन्मदिवस से पूर्व उनके जीवन के कुछ अहम पहलू


डाॅ मोदी के जीवन में ऐसे क्षण भी आए जब वर्ष 1986 में उनकी धर्मपत्नी शैल नेल्सन मोदी का कैंसर से निधन होगया था। उसके बाद पार्टी की जिम्मेदारी बढ़ती जाती रही । 1987 में भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधित्व करते हुए कॉम मोदी तीन माह के लिए लिए (यूएसएसआर) मॉस्को जाना पड़ा था।

पार्टी ट्रेनिंग खत्म कर वापस होते समय नागपुर एयरपोर्ट पर बीएमएस यूनियन के राष्ट्रीय नेता डॉ बसंत राय ने उन्हें पता चला कि उनके छोटे पुत्र प्रकाश मोदी जो रायपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के फाइनल ईयर में अध्ययन कर रहा थे उनका देहांत होगया है। मात्र 10 माह के अंतराल में बेटे और धर्मपत्नी के देहांत के बाद भी उन्होंने अपने जीवन की उदासी को नया अंदाज दिया और गम को पीकर अपने काम में लगे रहे।

डाॅ. मोदी मानते है कि आज वो जिस मुकाम पर है उसका पूरा श्रेय उनकी माता जी स्वा.सुन्दरबाई मोदी और धर्मपत्नी शैल नेल्सन मोदी जी को देते है। उनकी धर्मपत्नी वेकोली हॉस्पिटल की पहली नर्स थी जो अपने सामाजिक कार्यों की वजह से क्षेत्र में मोदी सिस्टर के नाम से प्रसिद्ध थी।

डॉ. मोदी की श्रमिक नेता के रूप में ख्याति एवम् उनके संघर्ष मे उनकी जीवन संगनी का विशेष योगदान रहा है। पाथाखेड़ा की महिला श्रमिकों को एटक यूनियन से जोड़ने में मददगार साबित हुई।

लेख – शिवम मोदी

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