जानिए आपकी टीवी स्क्रीन पर बार-बार क्यों आते हैं ऐसे कोड

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जानिए आपकी टीवी स्क्रीन पर बार-बार क्यों आते हैं ऐसे कोड


टीवी देखते समय आपने कई बार स्क्रीन पर खास तरह के कोड देखे होंगे। ये कोड अक्सर स्क्रीन के नीचे दाईं तरफ आते हैं। कई बार ये स्क्रीन के ऊपर और बीच में भी आ जाते हैं। आम न्यूज चैनल और सामान्य गाने के चैनलों में ऐसे कोड कम ही देखने को मिलते हैं, लेकिन जब कोई मैच चल रहा होता है या फिर किसी चैनल का स्पेशल प्रोग्राम आ रहा होता है।

उस समय ये कोड ज्यादा दिखाई देते हैं। कई बार क्रिकेट मैच को दौरान खिलाड़ी के मुंह पर ही यह कोड आ जाता है। ऐसे में आपने भी जरूर सोचा होगा कि आखिर ये कोड क्यों बार-बार आपकी स्क्रीन पर भेजे जाते हैं।

इन कोड को ट्रेकिंग कोड भी कहा जा सकता है। ये खास तरह को कोड होते हैं, जो चैनल के कंटेंट को कॉपी होने से बचाने में मदद करते हैं। दरअसल, यह कोड जगह ट्रैक करने के काम ही आता है। इसे वह टीवी चैनल जनरेट करता जिसे दिखते समय आपको यह कोड दिखाई देते हैं।

हर जगह के दर्शकों को यह कोड अलग-अलग दिखाई देता है। और अलग-अलग चैनल भी अपनी सुविधा के अनुसार कोड का इस्तेमाल करते हैं। चैनल इस रेंडम नंबर की स्ट्रिप को क्षेत्र के आधार पर एल्गोरिदम के जरिए जनरेट करता है।

वीडियो को कॉपी होने से बचाता है ये कोड

हर इलाके के आधार पर यह जनरेट होता है और थोड़-थोड़ी देर में यह टीवी पर प्रसारित होता रहता है। खासकर जब चैनल का कोई खास प्रोग्राम आ रहा होता है, जिसके चोरी या कॉपी होने की आशंका ज्यादा रहती है। उस समय यह कोड जरूर दिखाई देता है।

इस कोड के प्रसारित होने से जब भी कोई व्यक्ति यह वीडियो रिकॉर्ड करता है तो चैनल के वीडियो के साथ-साथ यह कोड भी उस वीडियो में रिकॉर्ड हो जाता है। इसके बाद वह व्यक्ति जब भी इस वीडियो को इस्तेमाल करता है तो चैनल वह कोड देखकर समझ जाते हैं कि इसे किछ क्षेत्र में रिकॉर्ड किया गया था।

कंटेट चोर को पकड़ने में होती है आसानी

टीवी चैनल के कंटेट को चोरी करने वाले लोगों के क्षेत्र की पहचान होने पर टीवी चैनल आसानी से उन्हें पकड़ लेते हैं और उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाती है। पहले के समय में कई लोग टीवी चैनलों का एक्सक्लूसिव कंटेंट रिकॉर्ड करके इस्तेमाल कर लेते थे।

ऐसे में टीवी चैनलों का कंटेट एक्सक्लूसिव नहीं रह जाता था और उनकी पूरी मेहनत बर्बाद हो जाती थी। इस नंबर स्ट्रिप की तकनीकि के आने से पायरेटेड कंटेंट को रोकने में मदद मिली है।

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