व्यापारियों और स्वयंसेवी संगठनों की संगोष्ठी को सांसद उईके ने किया संबोधित

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मोदी के सशक्त नेतृत्व में कोरोना से जल्द उबरा भारत : सांसद डीडी उइके

व्यापारियों और स्वयंसेवी संगठनों की संगोष्ठी को सांसद उईके ने किया संबोधित


घोड़ाडोंगरी, (विशाल घोड़की)। कोराना की महामारी से विश्व के लगभग सभी देश अनजान थे अतः किसी के भी पास इससे निपटने की पर्याप्त तैयारी पूर्व से नहीं थी। यह ऐसा ही था जैसे किसी आयोजन में अगर पांच सौ लोगों की व्यवस्था हो और पहुंच जाएं पांच हजार तो व्यवस्थाएं गड़बड़ाना स्वभाविक है।

कोविड-19 की महामारी के दौरान कुछ इसी प्रकार की परिस्थिति विश्व के सभी देशों के समक्ष उत्पन्न हुई थी और अमेरिका,ब्रिटेन, जर्मनी जैसी महाशक्तियों ने भी कोरोना की बीमारी के आगे घुटने टेक दिए थे।

लेकिन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व औऱ उनके द्वारा उठाए गए कदमों कि वजह भारत कोरोना की पहली लहर में न्यूनतम क्षति के साथ महामारी से उबरने में सफल हुआ। यह विचार बैतूल-हरदा-हरसूद संसदीय क्षेत्र के सांसद दुर्गादास उइके ने गुरुवार की दोपहर घोड़ाडोंगरी में आयोजित व्यापारियों एवं स्वयंसेवी संगठनों की एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। संगोष्ठी का विषय था “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में कोविड-19 की चुनौतियों से मुकाबला करता भारत”।

इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव रामजीलाल उइके, पूर्व विधायक गीता उईके, जिला महामंत्री कमलेश सिंह, जिला मीडिया सह प्रभारी विशाल बत्रा, मंडल अध्यक्ष राजेश महतो, संगोष्ठी के सह प्रभारी प्रशांत गावंडे, भाजयुमो प्रदेश मंत्री दीपक उइके, वरिष्ठ नेता एवं व्यापारी महेश अग्रवाल, मरोतिराव सोनारे, राजेश अग्रवाल, महामंत्री जतिन आहूजा, बिजिलाल धुर्वे, व्यापारी संघ अध्यक्ष तोषण गावंडे, प्रदान संस्था के प्रशांत, स्वसहायता समूह की सुरेखा चौधरी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी गण एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

सांसद दुर्गादास उइके ने अपने संबोधन में आगे कहा कि पूर्व में जितनी भी महामारियाँ आई उनकी वैक्सीन भारत तक आने में 10-20 साल तक लग गए। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ की कोरोना जैसी भीषण महामारी से बचाव की 2 वैक्सीन भारत में बीमारी के आने के 9 महीने के भीतर ही देश में ही निर्मित कर ली गई। मोदी सरकार ने देश के सारे संसाधन कोरोना से नागरिकों की जान की रक्षा करने में झोंक दिए।

बड़े पैमाने पर कोविड सेंटर्स का निर्माण किया गया। ऑक्सीजन, जरूरी दवाईयां, पीपीई किट, आदि के मामलों में कुछ माह के भीतर भारत ने आत्मनिर्भरता हासिल कर ली। इन संसाधनों को भारत के कोने कोने तक पहुंचाने के लिए सड़क मार्ग से लेकर वायु मार्ग तक सारे संसाधन झोंक दिए गए। इन सारी व्यवस्थाओं कि निगरानी स्वयं प्रधानमंत्री कार्यालय से की गई।

कोरोनाकाल में सेवाएं दे रहे डॉक्टर,मेडिकल स्टाफ और फ्रंटलाइन वर्कर्स का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्साहवर्धन किया। इन सब सम्मिलित प्रयासों का परिणाम यह हुआ कि भारत में पिछले दिनों कोविड 19 की दूसरी लहर में हुई क्षति के बावजूद हम एक से डेढ़ माह के भीतर ही इस लहर से उबरने में कामयाब हो गए। कोरोना ने बहुत से हमारे परिचितों को और प्रिय जनों को हमसे छीन लिया लेकिन यह ऐसी महामारी है जिसका पूर्वानुमान करना किसी के लिए भी संभव नहीं था।

अतः एकाएक हुए महामारी के हमले में लाखों लोगों दुःखद रूप से काल कवलित हो गए। लेकिन सरकार ने सारे संसाधन झोंक इस अनजान दुश्मन को हराया और दूसरी लहर में भी करोड़ों जानों को बचाने का काम किया है। अब तीसरी लहर की आहट सुनाई दे रही है तब भी सरकार इससे निपटने की तैयारियों में कमर कस चुकी है। बड़े पैमाने पर फ्री वैक्सीनेशन प्रोग्राम चल रहा है। समाज को भी चाहिए कि आगे आए और बढ़ चढ़कर वैक्सीन लगाएं और कोरोना से देश को उबारने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ बटाएं।

भाजपा के जिला महामंत्री कमलेश सिंह ने भी संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी नीतियों से नागरिकों को न केवल कोरोना से बचाया बल्कि विभिन्न योजनाओं के माध्यमों से नागरिकों को आर्थिक संबल देने का काम भी किया है। मोदी सरकार ने रेहड़ी पटरी वालों को ₹10000 की ऋण सहायता देने से लेकर समाज के गरीब कमजोर वर्गों का मुफ्त अनाज के माध्यम से भरण-पोषण करने का काम कोरोनाकाल के दौरान किया है।

संगोष्ठी प्रभारी विशाल बत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा शक्ति ही थी कि उन्होंने सीरम इंस्टिट्यूट और भारत बायोटेक का दौरा कर वैक्सीन निर्माण और उसकी मंजूरी में आने वाली प्रक्रियाओं की बाधा को व्यक्तिगत रुचि लेकर दूर कराया, जिसके कारण भारत के नागरिकों को एक साल के भीतर ही कोरोना जैसी महामारी की वैक्सीन उपलब्ध हो पाई।

स्वसहायता समूह सदस्यों ने सांसद को चिक्की भेंट की

संगोष्ठी के दौरान उपस्थित स्व सहायता समूह की पदाधिकारी महिलाओं ने सांसद को स्वनिर्मित चिक्की भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

संगोष्ठी के अंत में चर्चा सत्र का आयोजन भी हुआ जिसमें व्यापारी संघ के कमलेश जैन , पत्रकार सचिन अग्रवाल , सहित अन्य लोगों ने कोरोना से बचाओ हेतु सुझाव
रखे।

संगोष्ठी का मंच संचालन प्रशांत गावंडे एवं आभार प्रदर्शन मंडल अध्यक्ष राजेश महतो ने किया। इस अवसर पर भाजपा मंडल के पदाधिकारी आशीष वागद्रे, राकेश अरोरा, आभाष मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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