July 23, 2021

अपनों से बिछड़े तो ग्राम भारती ने दिया सहारा, 2 सदस्य को मिलेगा जीएनएम का प्रशिक्षण

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अपनों से बिछड़े तो ग्राम भारती ने दिया सहारा, 2 सदस्य को मिलेगा जीएनएम का प्रशिक्षण

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सारनी, (ब्यूरो)। मुख्यंमत्री सशक्तिकरण योजना के तहत स्वाधार ग्रह में रह रही 2 सदस्यों का चयन जीएनएम प्रशिक्षण के लिए हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम भारती महिला मंडल के द्वारा संचालित स्वाधार गृह में निवासरत महिला भूमरकर एवं पुष्पा धुर्वे को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संस्थाध्यक्ष भारती अग्रवाल के प्रयासों से नर्सिंग कॉलेज पाढर में प्रशिक्षण हेतु प्रवेश मिलेगा।

श्रीमती अग्रवाल ने बताया कि उनके निवेदन पर मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास बीएल बिश्नोई के द्वारा पत्र लिखकर नर्सिंग कॉलेज पाढर को प्रवेश लेने हेतु आदेशित किया गया। उक्त दोनों सदस्यों का नर्सिंग चयन होने से संस्था के सभी सदस्य एवं स्वाधार ग्रह में निवासरत आश्रित सदस्यों ने बधाइयां प्रेषित की और उन्हें भविष्य में आगे बढ़ने हेतु शुभकामनाएं दी।

स्वाधार ग्रह में निवासरत महिमा भूमरकर ने बताया कि वे ग्राम भारती स्वाधार गृह में पिछले 4 महीने से निवासरत हैं। उनकी मम्मी की मृत्यु के पश्चात बुआ और मेरे दादा ने पढ़ाया। कक्षा बारहवीं उत्तीर्ण करने के बाद बुआ ने मुझे रखने से इनकार किया और वन स्टॉप सेंटर में लाकर छोड़ दिया। इस वक्त मेरे दस्तावेज भी नहीं दिए वन स्टॉप सेंटर से मुझे स्वाधार गृह भेजा गया। स्वाधार गृह में आने से पहले मैं बहुत परेशान थी कि मेरा भविष्य कैसा होगा मैं आगे क्या करूंगी पर यहां आने के बाद मेरी मुलाकात संस्था की संचालिका भारती अग्रवाल से हुई।

मैंने उनसे आगे की पढ़ाई के संबंध में चर्चा की कि मैं आगे पढ़ना चाहती हूं और मैंने कक्षा बारहवीं उत्तीर्ण की है और उनके सामने एक इच्छा व्यक्त की थी मैं आगे नर्सिंग करना चाहती हूं। अभी मैं बीएससी कर रही हूं और मेरे पास मेरे दस्तावेज भी नहीं है तो मैं अपनी पढ़ाई कैसे करूंगी तो जिस पर संस्थाध्यक्ष अग्रवाल ने मुझे आश्वासन दिया कि हम तुम्हारी पढ़ाई का पूरा खर्चा उठाएंगे और तुम्हें आगे बढ़ाने बढ़ाने की पूरी कोशिश करेंगे। और मैम ने मेरी बीएससी की फीस स्टेशनरी सभी का खर्चा उठाया और मेरे दस्तावेज भी वापस दिलवाए।

संस्थाध्यक्ष अग्रवाल मैम ने जैसा बोला था, वैसा किया भी मैंम ने मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना अंतर्गत हमारे फॉर्म भरवाए और मेरा सिलेक्शन जीएनएम नर्सिंग के लिए हो गया। स्वाधार गृह में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला एवं कार्यक्रम अधिकारी बीएल विशनोई थे, उनसे नर्सिंग में एडमिशन के लिए निवेदन किया था और उनके ही द्वारा यह फॉर्म वेरिफिकेशन के लिए भोपाल गया और उनके द्वारा ही हमारा चयन नर्सिंग में हो पाया है।

जबकि महिमा भूमरकर के अलावा स्वाधार ग्रह निवासरत पुष्पा धुर्वे का भी चयन जीएनएम नर्सिंग हेतु हुआ। जबकि महिमा ने बताया कि उनके साथ स्वाधार ग्रह में निवासरत पुष्पा धुर्वे का भी चयन जीएनएम नर्सिंग हेतु हुआ।

महिमा ने बताया कि पुष्पा भी बहुत परेशानी में थी और इसी बीच कोरोना काल में इनके पति का देहांत हो गया। इनके साथ इनके दो बच्चों का भविष्य भी है यह बहुत चिंता में थी पर संस्था द्वारा इनके भी फॉर्म भरवाए गए और इनका भी चयन जीएनएम नर्सिंग में हो गया है। इनके पति के गुजर जाने के बाद इन पर दुःखो का पहाड़ टूट पड़ा पर कहते हैं। पर कहते हैं ना भगवान के यहां देर है पर अंधेर नहीं और उनकी बेटी का चयन भी आरटीई के तहत बालाजी इंटरनेशनल स्कूल में हुआ। यह सब संस्था के प्रयासों से ही संभव हो सका है हम पर संस्था और संस्था की टीम का बहुत बड़ा एहसान है।

महिमा एवं पुष्पा ने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था के प्रयासों को हम जिंदगी भर नहीं भूलेंगे हम संस्था की संचालिका का और संस्था की टीम का धन्यवाद करते हैं कि हमारे भविष्य के लिए कितना महत्वपूर्ण योगदान दिया हम एक बात और कहना चाहेंगे कि स्वाधार गृह में आकर निराश्रित महिला और युवतियों का भविष्य बन जाता है।

Brajkishore Bhardwaj

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