August 1, 2021

अति वर्षा की स्थिति को देखते हुए मैदानी अमला सजग रहे, नदी-नालों, पुल-पुलियाओं पर सतत् निगरानी रखी जाए-कलेक्टर

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अति वर्षा की स्थिति को देखते हुए मैदानी अमला सजग रहे, नदी-नालों, पुल-पुलियाओं पर सतत् निगरानी रखी जाए-कलेक्टर

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बैतूल। कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस ने जिले में अति वर्षा की स्थिति को देखते हुए समस्त मैदानी अमले को सजग रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि बाढ़ संभावित चिन्हित स्थानों पर सतत् निगरानी रखी जाए, साथ ही संभावित जलभराव वाले स्थानों पर भी संबंधित अधिकारी सतत् नजर रखें। मैदानी अमला मुख्यालय पर रहे, अपनी ड्यूटी मुस्तैदी से करे एवं निरंतर अपना फोन चालू रखें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी जाए।

कलेक्टर ने कहा कि पुल-पुलियाओं पर तैनात कर्मचारी सतत् अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहें। कोई भी कर्मचारी अपनी ड्यूटी में लापरवाही न करे। उन्होंने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में होमगार्ड की ड्यूटी लगाई जाए। जल संसाधन विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा तथा ग्राम पंचायतें बांधों, जलाशयों एवं अन्य जल संरचनाओं पर सतत् निगरानी रखे, ताकि वहां अति वर्षा की स्थिति में कोई खतरे की स्थिति निर्मित न हो।

नगरीय क्षेत्रों में अतिवर्षा से कहीं भी जल अवरोध की स्थिति न बने

निचली बस्तियों के रहवासी बाढ़ अथवा वर्षा के पानी से सुरक्षित रहें-कलेक्टर

कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस ने गुरुवार को जिले के नगरीय निकायों की समीक्षा करते हुए कहा कि अतिवर्षा की स्थिति देखते हुए सभी नगरीय निकायों का अमला सजग रहे। नगरीय क्षेत्रों में अतिवर्षा से कहीं भी जल अवरोध की स्थिति न बने, इस बात की निगरानी रखी जाए। निचली बस्तियों के रहवासी बाढ़ अथवा वर्षा के पानी से सुरक्षित रहे, इस बात का भी ध्यान रखा जाए। आवश्यकता पडऩे पर इन बस्तियों के रहवासियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए।

बैठक में कलेक्टर ने नगरीय निकायों के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। साथ ही अधूरे निर्माण कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल परियोजनाओं की समय-सीमा में पूर्णता को गंभीरता से लिया जाए। इस दौरान उन्होंने अन्य निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों की स्थिति की भी कलेक्टर द्वारा समीक्षा की गई।

इसके अलावा नगरीय क्षेत्रों में हितग्राहीमूलक योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर भी कलेक्टर ने विस्तार से चर्चा की। स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति भी कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान जानी। इस दौरान जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी श्री अक्षत बुंदेला सहित नगरीय निकायों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी मौजूद थे।

जलमग्न पुल-पुलियाओं से न निकाले जाएं वाहन

जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती रंजना सिंह कुशवाह ने वाहन स्वामियों एवं वाहन चालक/परिचालकों को निर्देशित किया है कि बाढ़ एवं अतिवृष्टि के समय जलमग्न सडक़ों एवं पुल-पुलियाओं से जोखिम लेकर वाहन पार करने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में गंभीर दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने कहा है कि वाहनों में किसी तरह की ओवर लोडिंग न की जाए। साथ ही निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी न बैठाएं। इसके साथ ही वाहन निर्धारित गति में ही संचालित किया जाए। निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर वाहन चालक/परिचालक का लाइसेंस निरस्त किया जा सकेगा।

डिप्टी कलेक्टर बांगरे संभाल रही हैं राहत प्रभारी का दायित्व, अधीक्षक भू-अभिलेख को बनाया गया है बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी

वर्षाकाल के दृष्टिगत जिला स्तर पर स्थापित किए गए बाढ़ नियंत्रण कक्ष का प्रभारी अधीक्षक भू-अभिलेख श्री एस.के. नागू को बनाया गया है। राजस्व निरीक्षक श्री हिरू कुमरे सहायक बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी होंगे। बाढ़ नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 07141-230371 है। यह संयुक्त जिला कार्यालय भवन के भू-तल पर कक्ष क्रमांक जी-1 में संचालित है। डिप्टी कलेक्टर श्रीमती निशा बांगरे को जिला राहत प्रभारी बनाया गया है। उनका दूरभाष नंबर 07141-234240 है।

कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस द्वारा बाढ़ नियंत्रण कक्ष में राउण्ड-द-क्लॉक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उक्त कर्मचारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए जिम्मेदार होंगे। साथ ही प्राप्त संदेशों को एक पंजी में अंकित कर वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्तुत करेंगे।

Brajkishore Bhardwaj

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