August 1, 2021

विद्युत कंपनियों की हजारों करोड़ की संपति कौड़ियों में बेचने का मसौदा इलेक्टिसिटी अमेंडमेंट बिल 2021 का संयुक्त मोर्चा ने जताया विरोध

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विद्युत कंपनियों की हजारों करोड़ की संपति कौड़ियों में बेचने का मसौदा इलेक्टिसिटी अमेंडमेंट बिल 2021 का संयुक्त मोर्चा ने जताया विरोध

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सारनी, (ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के विद्युत अधिकारी कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मोर्चे के प्रदेश संयोजक कुलदीप सिंह गुर्जर ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2021 संसद में लाने का किया विरोध।

मोर्चे के संयोजक कुलदीप गुर्जर ने बताया पिछले वर्ष 17 अप्रैल 2020 को जो मसूदा इलेक्शन अमेंडमेंट बिल 2020 के नाम से प्रदेश सरकारों को और संबन्धित ऊर्जा विभागों को भेजा गया था उस मसौदे में इस तरह के प्रावधान थे जिससे देश की संपूर्ण विद्युत व्यवस्था चौपट हो सकती है।

वर्तमान में सस्ती दरों पर किसानों, गरीबों को मुहैया कराई जा रही बिजली महंगी होगी, विद्युत क्षेत्र में कार्यरत लाखों विद्युत कर्मियों के परिवारों का भविष्य दांव पर लग जाएगा, विद्युत कंपनियों की लाखों करोड़ों की संपत्ति निजी घरानों को कौड़ियों में बेचा जाएगा संपूर्ण देश के समस्त जानकारों ने इस बिल को इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।केंद्र सरकार द्वारा इस बिल के माध्यम से विद्युत क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों संस्थानों को निजी हार्थो में कौड़ियों के भाव देने का प्रावधान हैं पूर्व में भी इस बिल का प्रदेश स्तर पर विरोध किया गया था।

जिस पर केंद्र सरकार द्वारा बिल न लाने का आश्वासन दिया गया था प्रदेश सरकार यह कहा गया था ऐसी कोई मंशा प्रदेश सरकार की नहीं है।

इस बिल के मसौदे को कई प्रदेश सरकारों ने सिरे से खारिज किया है उसके उपरांत भी वर्तमान परिवेश में केंद्र सरकार द्वारा संसद के मानसून सत्र में इस बिल को पास कराने का प्रयास जनविरोधी है गरीब विरोधी है आम उपभोक्ताओं को बिजली भी पेट्रोल और डीजल के दामों के तरह बढ़े दामों पर मिलेंगे।

मध्य प्रदेश विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले 27 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन संपूर्ण प्रदेश में किया जाएगा अगर सरकार ने अपने कदम पीछे नहीं हटाए तो काम बंद हड़ताल करने को बाध्य होना होगा।

Brajkishore Bhardwaj

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