नाबालिग के दुष्कर्मी को न्यायालय ने सुनाई बीस- बीस वर्ष का सश्रम कारावास की सजा

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नाबालिग के दुष्कर्मी को न्यायालय ने सुनाई बीस- बीस वर्ष का सश्रम कारावास की सजा


छिन्दवाड़ा, (दुर्गेश डेहरिया)। विषेश न्यायालय (पाक्सो एक्ट) छिन्दवाडा के द्वारा प्रकरण क्रमांक 160/20 के आरोपी सुरेश धुर्वे पिता छोटेलाल धुर्वे उम्र 33 वर्ष को दोषी पाते हुये धारा 376 भा दवि एवं 5,6 पाक्सो एक्ट में बीस-बीस वर्ष का सश्रम कारावास और 10000-10000₹ तथा तथा धारा 366 भादवि में पाच वर्ष का सश्रम कारावास और 5000₹ के अर्थदंड से दंडित किया गया।

मामला इस प्रकार है कि दिनांक 10/9/20 को सुबह 9 बजे जब नाबालिग जिसकी उम्र लगभग 9 वर्ष की थी अपनी बकरी बांधने के कोठे को साफ करने गई थी तभी पडोस में रहने वाला आरोपी नाबालिग को बहला फुसलाकर अपने घर के अंदर ले गया और नाबालिक के साथ अश्लील हरकत कर उसके साथ दुष्कर्म जैसा कार्य किया था।

नाबालिग को काफी दर्द होने पर वह भागकर घटना की बात अपने घर वालो क बताई थी। पीडित की रिपोर्ट पर थाना रावनवाडा के द्वारा आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 212/20 पंजीबध्द कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।

मामले शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी दिनेश कुमार उइके के दौरा पैरवी की गई।

प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए मामले को जघन्य सनसनीखेज के रूप चिन्हित किया गया था और पुलिस अधीक्षक छिंदवाडा के द्वारा सतत निगरानी की जा रही थी।

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