गंज मंडल में किया गया शिक्षकों का शाल श्रीफल से सम्मान

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गंज मंडल में किया गया शिक्षकों का शाल श्रीफल से सम्मान


बैतूल। भाजपा गंज नगर मंडल के द्वारा शिक्षिकों का सम्मान नगर में निवासरत शिक्षिको का शाल श्रीफल से किया गया। जहाँ नगर मंडल अध्यक्ष विकास मिश्रा द्वारा बताया गया कि हर व्यक्ति के जन्म के साथ ही एक कुम्हार के कच्चे घड़े के समान ही होता है लेकिन व्यक्ति को जीवन को मूल्यवान बनाने में अहम भूमिका निभाता होता है एक गुरु।

हर इंसान की पहली गुरु उसकी मां होती है और उसके बाद शिक्षा ग्रहण के दौरान एक शिक्षक ही मनुष्य को सफलता की बुलंदियों पर पहुंचाता है। हर साल 5 सितंबर का दिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। आइए जानते हैं शिक्षक दिवस का इतिहास क्या है और भारत में कब से मनाया जा रहा है। देश में शिक्षक दिवस डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक शिक्षक होने के साथ-साथ आजाद भारत के दूसरे उप राष्ट्रपति और पहले राष्ट्रपति थे। साथ ही एक महान दार्शनिक भी थे। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने करीब 40 साल तक एक शिक्षक के रूप में कार्य किया था। देशभर में शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा साल 1962 में शुरू हुई थी। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन मनाने के लिए उनके छात्रों ने ही उनसे इस बात को लेकर स्वीकृति ली थी।

तब डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कहा था कि मेरा जन्मदिन मनाने के बजाए इस दिन शिक्षकों के सम्मान में मनाना चाहिए। तब उन्होंने खुद इस दिन को शिक्षकों के सम्मान में शिक्षक दिवस आयोजित करने का सुझाव दिया। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन कहते थे कि पूरी दुनिया एक विद्यालय है, जहां हमें कुछ ना कुछ सीखने को मिलता रहता है।

आज के इस कार्यक्रम में उपस्थित कोठीबाजार मंडल अध्यक्ष विक्रम वैध, पवन यादव, गीतेश बारस्कर, आशीष पंवार, सतीश जौनजालकर, देवेन्द्र बर्थ उपस्थित रहे।

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