कामगार कांग्रेस के नेतृत्व में ग्रामीण मजदूरों ने किया जिला पंचायत का घेराव

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कामगार कांग्रेस के नेतृत्व में ग्रामीण मजदूरों ने किया जिला पंचायत का घेराव

मांगें पूरी नहीं हुईं तो 15 अक्टूबर को करेंगे जिपं. पर हल्ला बोल आंदोलन


छिन्दवाड़ा, (दुर्गेश डेहरिया)। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं लोकप्रिय सांसद नकुलनाथ के निर्देश पर कामगार कांग्रेस की ओर से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के हितों के लिए कांग्रेस सरकारों में बनी योजनाओं पर अमल कराने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत आज पिंडरई खुर्द, जैतपुर, पारतलाई, लिंगा आदि गांवों के सैकड़ों गरीब मजदूरों ने कामगार कांग्रेस के नेतृत्व में इंदिरा तिराहे पर धरना दिया और जिला पंचायत सीईओ का घेराव किया।

धरना घेराव आंदोलन में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष मजदूर शामिल थे, जिन्होंने सीईओ को 9 सूत्रीय मांगपत्र देकर मांग की कि गांवों में आवास योजना के मकान स्वीकृत किए जाने, मनरेगा में काम शुरू कराने, आवासीय पट्टे दिए जाने, कलेक्टर दर पर 335 रुपए मजदूरी दिलाए जाने जैसी मांगें शामिल थीं।

कामगार कांग्रेस के जिला अध्यक्ष वासुदेव शर्मा के नेतृत्व में दिए गए धरना एवं घेराव में मोहखेड़ ब्लाक के अध्यक्ष नृसिंह साहू, कदीर खान, सुरेंद्र शुक्ला, मितेंद्र चंदेल, राजू यादव, चौरई के राजेंद्र वर्मा, रामेश्वर राऊत, तौसीफ सब्जवारी, विमल चौरिया, आशाराम धुर्वे, बालकराम, रामलाल विश्वकर्मा, क्रांति वंदेवार, मुन्नी, रानू यादव, सूरज सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण पदाधिकारी उपस्थित थे।

एक घंटे तक चले जिला पंचायत घेराव के दौरान सीईओ को भी इस बात पर यकीन नहीं हुआ कि पांच साल से पिंडरई खुर्द में मनरेगा में काम नहीं मिला या आवास योजना में मकान ही स्वीकृत नहीं हुए, जब उन्हें घेराव में उपस्थित महिला मजदूरों ने बताया कि न मकान मिले और न ही मनरेगा में काम मिला। सीईओ इस बात पर भी हैरान थे कि मजदूरों में जिला पंचायत के घेराव की हिम्मत कहां से आई और उन्होंने धमकाने की कोशिश भी की, लेकिन मजदूरों के गुस्से के आगे उनकी नहीं चली और उन्होंने मांगपत्र की मांगों के निराकरण का भरोसा दिलाया।

कामगार कांग्रेस के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने सीईओ से हुई चर्चा के बाद मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री रहते हुए कमलनाथ ने मनरेगा इसलिए बनाई थी जिससे गांव के गरीब मजदूर को साल में 100 दिन काम मिले और उसके बदले उसे 25 हजार रुपए मिलें, भाजपा सरकार मनरेगा जैसी गरीब हितैषी योजना का गला घोंट देना चाहती है, मजदूरों को काम से वंचित कर रही है, कामगार कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी।

उन्होंने इंदिरा आवास योजना की तरह पीएम आवास में प्लाट और पैसा दोनों दिए जाने की बात कहते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार मकान बनाने के लिए जगह और पैसा दोनों देती थी, भाजपा सरकार गरीब मजदूरों के हिस्से का प्लाट पहले ही खा गई, अब पक्के मकान बनाने के लिए पैसा भी नहीं दे रही है। वासुदेव शर्मा ने कहा कि यदि एक महीने में आवास योजना में मकान स्वीकृत नहीं हुए, मनरेगा में काम नहीं मिला और आवासी पट्टे जारी नहीं किए गए तो एक महीने बाद 15 अक्टूबर को जिला पंचायत पर हल्लाबोल आंदोलन किया जाएगा।

घेराव में उपस्थित मजदूरों ने एक स्वर से घोषणा की कि अभी हम सैकड़ों की संख्या में आए हैं, अगली बार हम हजारों की संख्या में आएंगे और तब तक जिला पंचायत पर बैठेंगे जब तक कि मांगें पूरी नहीं हो जाती।

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