बांस की पैदावार ने बदली 40 परिवारो की तकदीर, तवाढाना समिति की मेहनत रंग लाई

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बांस की पैदावार ने बदली 40 परिवारो की तकदीर, तवाढाना समिति की मेहनत रंग लाई

उत्तर वन मंडल का अभिनव प्रयास, बांस बेचकर कमाए 15 लाख


सारनी, (ब्यूरो)। बांस की देखभाल करने वाले ग्रामीणों ने बांस बेचकर अपनी तकदीर संवार ली है। उत्तर वन मंडल ने जंगल बचाने की मुहिम चलाने के अलावा गरीब परिवारों का जीवन स्तर सुधारने के लिए बांस की देखभाल के अभिनव प्रयास किया है। इस मुहिम में एक बड़ी सफलता हासिल की है। ऐसा ही प्रयास सारनी रेंज के अलावा अन्य रेंज भी किया जा रहा है।

एसडीओ ठाकुर विजय कुमार मौर्य एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी अमित साहू ने कहा कि उत्तर वन मंडल के डीएफओ पुनीत गोयल के अभिनव प्रयास से तवा ढाना में गरीब परिवारों को बांस की देखभाल एवं बिक्री में लाखों रुपयों की कमाई का जरिया बनाया है। उन्होंने कहा कि लोनिया पंचायत के तवा ढाना में 70 हेक्टेयर में 56 हजार बांस लगाये।

कोरोना काल एवं लॉक डाउन के बावजूद भी डीएफओ गोयल के प्रयास से बांस की बिक्री तवा समिति के माध्यम से हुई है। 56 हजार बांस की बिक्री से 15 लाख 10 हजार 180 रुपये की आमदनी हुई है। इतना ही नही दोबारा बांस की कटाई की योजना बनाई है। जिससे 25 लाख के आसपास आमदनी होने की उम्मीद है।

श्री साहू ने कहा कि पहले तवा ढाना उजड़े बांस के जंगल मे गिना जाता था। इस क्षेत्र में बांस की पैदावार बेहद कम एवं आगजनी के चलते फायदा नही मिलता था। परन्तु डीएफओ पुनीत गोयल के निर्देशन में सारनी रेंज ने ग्रामीणों को बांस की पैदावार एवं बांस के महत्व की जानकारी दी। बांस की देखभाल में 40 परिवारो को जोड़ा गया।

सारनी रेंज के अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने बांस को आग से बचाने एवं पैदावार बढ़ाने का भरपूर प्रयास किया। बांस घने में लगने से जंगल मे हरियाली भी साफ नजर आने लगी। उत्तर वन मंडल ने बांस के जरिये गरीब परिवार का जीवन स्तर भी सुधार लाने का अभिनव प्रयास किया है

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