पपीते की खेती ने मजदूर कमलती को बनाया लखपति

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पपीते की खेती ने मजदूर कमलती को बनाया लखपति

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बना रहा महिलाओं को आत्मनिर्भर


बैतूल। जिले के विकासखंड भैंसदेही के ग्राम मच्छी निवासी श्रीमती कमलती पति महगू उइके पहले दूसरे के खेतों में मजदूरी का कार्य करती थी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व सहायता समूह से जुडक़र उन्होंने ऋण लेकर पपीते की खेती शुरू की। आज हालात ये हैं कि कभी मजदूरी करने वाली कमलती अब अपने ही खेत के पपीते विक्रय कर लखपति बन गई है।

श्रीमती कमलती उइके बताती हैं कि वे अपने पति श्री महगू उइके के साथ मिलकर कुछ वर्षों पहले दूसरे के खेतों में दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं, लेकिन इस मजदूरी के बमुश्किल उनका गुजारा हो पाता था।

उनके पास भी तीन एकड़ पैतृक जमीन थी, लेकिन पानी की कमी एवं आर्थिक तंगी के चलते उस जमीन पर वर्ष में सिर्फ एक ही फसल हो पाती थी। वर्ष 2016-17 में ग्राम मच्छी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा गठित जय शारदा स्व सहायता समूह से जुडऩे पर उन्हें 5 हजार रूपए का ऋण मिला, जिससे उन्होंने सब्जी का व्यवसाय शुरू किया। कमलती ने नियत समय पर समूह का ऋण वापस किया। सब्जी व्यवसाय से उन्होंने लगभग दस हजार रूपए की आमदनी प्राप्त की।

स्व सहायता समूह से ऋण सहायता मिलने के पश्चात कमलती ने अपनी तीन एकड़ जमीन पर खेती करने का विचार किया। इस संबंध में उन्होंने आजीविका मिशन के अधिकारियों से चर्चा की, जिसमें उन्हें पपीता की खेती करने की समझाइश दी गई। कमलती ने समूह से 28 हजार रूपए का ऋण लेकर पपीता की खेती शुरू की।

उन्होंने अपने खेत में ताइवान पपीता के रोप तैयार कर 300 पौधे लगाए एवं एक वर्ष तक इसकी खेती की। इस कार्य में उनके पति ने पूरा सहयोग किया। एक वर्ष पश्चात् उनकी मेहनत रंग लाई। उनके खेत में उत्पादित पपीतों को पहले उन्होंने आसपास के ग्रामों में बेचने का कार्य किया, जिससे उन्हें बेहतर आमदनी होने लगी।

पपीते के उत्पादन के बढऩे के साथ कमलती उन्हें विकासखंड के बाजार में विक्रय करने लगी। पपीते का उत्पादन अधिक होने से वे फुटकर से थोक विक्रेता बनीं और पपीते सीधे जिले की मंडी में विक्रय करने लगी। वर्तमान में वे पपीता विक्रय कर 15 हजार रूपए मासिक आमदनी कर रही हैं। उनके इन प्रयासों स वे ग्राम की पहली लखपति बन मिशन के लखपति क्लब में शामिल हुई हैं।

कमलती की सफलता से प्रभावित होकर आजीविका मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एमएम बेलवाल पिछले दिनों ग्राम मच्छी पहुंचे एवं पपीते की खेती का अवलोकन कर उनके कार्य को सराहा।

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