कस्टमर केयर बनकर लोगों के पैसे उड़ा रहे साइबर अपराधी, ऐसे करें इन फेक नंबरों की पहचान

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कस्टमर केयर बनकर लोगों के पैसे उड़ा रहे साइबर अपराधी, ऐसे करें इन फेक नंबरों की पहचान


आम लोग किसी भी कंपनी के कस्टमर केयर का नंबर (Customer Care Number) पाने के लिए गूगल का सहारा लेते हैं। ऐसा करते समय कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है, क्योंकि साइबर अपराधी (Cyber Criminal) आपकी एक चूक की ताक में बैठे हुए हैं। फेसबुक (Facebook) और ट्विटर (Twitter) से लेकर गूगल (Google) तक पर ये अपराधी फेक कस्टमर केयर नंबर डालकर रखते हैं। आपने जरा सी गलती की और आप शातिर साइबर अपराधियों के बिछाये जाल में फंस जाते हैं।

SBI ने ट्वीट कर ग्राहकों को किया आगाह

इस बारे में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने पिछले सप्ताह ट्वीट कर लोगों को आगाह किया। एसबीआई ने कहा, ‘‘फर्जी कस्टमर केयर नंबरों से सावधान रहें। सही कस्टमर केयर नंबर पाने के लिए एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। गोपनीय बैंकिंग जानकारियां किसी के साथ शेयर करने से बचें।’’

बढ़ती बैंकिंग धोखाधड़ी के बीच एसबीआई की यह चेतावनी प्रासंगिक हो जाती है। साइबर अपराधी लोगों से फर्जी नंबरों पर कॉल कराने के लिए कई हथकंडे अपनाते हैं। इनमें मिलते-जुलते नाम से वेबसाइट बनाने से लेकर गूगल मैप (Google Map) और सोशल मीडिया साइटों पर गलत नंबर डालना शामिल है।

How to identify fake customer care number on Google:

गूगल पर कुछ भी सर्च करते हैं तो रिजल्ट में सबसे ऊपर दिख रही वेबसाइट को सही नहीं मानें।

सर्च में सबसे ऊपर के रिजल्ट के साथ यदि Ad/Sponsored लिखा दिख रहा है तो उसे क्लिक न करें।

यदि कोई सरकारी वेबसाइट है तो उसके अंत में gov.in या nic.in होगा। ऐसा है तो वेबसाइट ठीक है।

कोई भी वेबसाइट खोलें तो यह देख लें कि वह सिक्योर है या नहीं। जिस वेबसाइट की शुरुआत में http/https होता है, वह सिक्योर है।

गूगल मैप के रिजल्ट पर कभी भरोसा नहीं करें। इसे कोई भी एडिट कर सकता है।

ट्विटर और फेसबुक पर ब्लूटिक जरूर चेक करें। हैंडल वेरिफायड है तो सुरक्षित है।

सोशल मीडिया पर अपराधी लोगों की शिकायतों पर नजर रखते हैं। आपके शिकायत करते ही इनबॉक्स में कस्टमर केयर बनकर वे अपना नंबर दे सकते हैं। ध्यान रखें कि कोई भी संस्थान सीधे इनबॉक्स में नहीं आता है।

सबसे महत्वपूर्ण कि लोभ नहीं करें। आज के समय में अपराधी सस्ता लोन ऑफर करने की वेबसाइट बनाकर ठगी कर रहे हैं।

अंतिम और जरूरी बात कि भी किसी से कार्ड नंबर, सीवीवी, कार्ड का पिन, नेट बैंकिंग का पासवर्ड, ओटीपी आदि शेयर नहीं करें।

ऐसे करें Cyber Fraud की शिकायत

संभव है कि कभी आप भी गलती से साइबर अपराधियों के झांसे में आ जाएं। ऐसे में सबसे पहले अपने बैंक को असली वेबसाइट के माध्यम से या ईमेल के माध्यम से सूचित करें। सभी बैंकों के ऐप में भी शिकायत करने की सुविधा दी जाती है। पेटीएम, फोनपे जैसे ऐप से ठगी होने पर इन कंपनियों को उनकी वेबसाइट या ऐप से बतायें। सरकार ने बढ़ते साइबर फ्रॉड को लेकर जून में एक राष्ट्रीय हेल्पलाइन की शुरुआत की है। इसका नंबर 155260 है। इसे नोट करके रख लें। ठगी का शिकार होने पर इस नंबर पर जरूर शिकायत करें। ध्यान रखें कि आप घटना के जितने कम समय बाद शिकायत करेंगे, आपका पैसा वापस होने के चांसेज उतने अधिक होंगे।

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