धू-धू कर जल उठा अहंकार का प्रतीक रावण

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धू-धू कर जल उठा अहंकार का प्रतीक रावण

श्रीरामलीला का मंचन एक अनुकरणीय कार्य- विधायक सुनील उइके

क्षेत्र की गौरवशाली पहचान है श्री रामलीला- पुष्पा साहू

समवेत प्रयासों का सुफल है श्रीरामलीला- राजेश श्रीवास्तव

नौ दिवसीय श्री रामलीला का भव्य समापन


जुन्नारदेव, (दुर्गेश डेहरिया)। त्रेता युग के मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के अद्भुत प्रसंगो का लगातार मंचन कर आम जनमानस में धर्म एवं अध्यात्म के प्रति जागृत किया जाना एक अनुकरणीय पहल है। श्री रामलीला समिति, जुन्नारदेव का यह समवेत प्रयास निश्चित रूप से प्रशंसनीय है। पंचानवे वर्षों की गौरवशाली परंपरा का अनवरत निर्वहन किया जाना एक अनुकरणीय प्रयास है। इसमें बतौर विधायक मेरे द्वारा तन, मन और धन से सहयोग किया जाना गौरव का कारण बन जाता है।

उक्त उद्गार स्थानीय दशहरा मैदान पर श्रीरामलीला समिति, जुन्नारदेव के रावण दहन के आयोजित कार्यक्रम में सुनील उईके विधायक के द्वारा व्यक्त किए गए। दशहरा के शुभ अवसर पर रावण दहन के इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रही नपा अध्यक्ष पुष्पा साहू के द्वारा ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहर श्रीरामलीला का मंचन को इस क्षेत्र की पहचान निरूपित किया गया है।

कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व विधायक नथन शाह कवरेती के द्वारा रामलीला के इस गौरवशाली आयोजन को आम जनमानस के धर्म के प्रति जागृत करने का एक बेहतरीन प्रयास बताया गया है। इस कार्यक्रम का अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए रामलीला कमेटी के अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव के द्वारा रामलीला ऐतिहासिक काल का वर्णन करते हुए इसके वर्तमान दौर की प्रासंगिकता की महती आवश्यकता को बताया गया।

उन्होंने इस आयोजन में क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति, वर्ग, संप्रदाय, संगठन एवं शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मिल रहे सतत व अनवरत सहयोग के लिए आभार भी ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन मुकेश विश्वकर्मा एवं तरुण बत्रा के द्वारा किया गया। इस दौरान श्री रामलीला समिति के समस्त सदस्य मौजूद रहे थे।

दशहरा मैदान पर धू-धू कर जल उठा रावण का विशालकाय पुतला

श्री रामलीला समिति, जुन्नारदेव के तत्वावधान में स्थानीय दशहरा मैदान पर आकाशीय ऊंचाई वाला रावण पुतला का निर्माण किया गया था। यहां पर लगभग 25000 से अधिक दर्शकों की उपस्थिति में देर रात को भगवान श्री राम के अग्निबाण से रावण के पुतले की नाभि कुंड में अग्नि प्रवाहित करने से वह धू-धू कर जल उठा। इस दौरान रामलीला समिति के द्वारा आकर्षक और भव्य रंगीन आतिशबाजी का लोगों ने जमकर लुफ्त उठाया।

दशहरा की रात से तड़के तक चला रामलीला का मंचन

स्थानीय दशहरा मैदान पर रावण के विशालकाय पुतले के दहन के पश्चात गुरुवार की मध्यरात्रि से श्री रामलीला समिति के द्वारा अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण वध, मेघनाथ वध, अहिरावण वध की लीला का शनिवार की सुबह तक मंचन किया गया। यहां पर रामलीला के विभिन्न पात्रों के द्वारा सजीव अभिनय कर उपस्थित दर्शकों को लुभाया गया। शुक्रवार की सुबह भगवान श्री राम के द्वारा रावण वध किए जाने के पश्चात भगवान श्री राम का राज्याभिषेक से इस 9 दिवसीय रामलीला का विधिवत समापन किया गया।

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