शनिवार का गुडलक: देवी धूमावती देंगी जादू-टोने से छुटकारा

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शनिवार का गुडलक: देवी धूमावती देंगी जादू-टोने से छुटकारा

शनिवार दिनांक 07.04.18 को वैसाख सप्तमी तिथि मूल नक्षत्र में आई है। आज के योग में देवी जेष्ठा अर्थात धूमावती का पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा। पद्मपुराण के अनुसार दुर्भाग्य की देवी ज्येष्ठा लक्ष्मी की बड़ी बहन हैं। इनकी उत्पत्ति समुद्र मंथन से हुई थी। परंतु यह देवी लक्ष्मी के बिल्कुल विपरीत हैं। यह सदैव देवी लक्ष्मी के साथ रहती हैं व इनका निवास पीपल है। शास्त्रों ने इन्हें दरिद्रता, अलक्ष्मी व धूमवती भी कहा है। ये अशुभता, पाप, आलस, गरीबी, दुख, कुरूपता पर आधिपत्य रखती हैं। कौए पर सवार जेष्ठा के पूजन से ये घर से दूर रहती है व जीवन से दुख, दुर्भाग्य, दरिद्रता को दूर करती हैं।

पौराणिक मतानुसार जब माता सती ने पिता के यज्ञ में स्वेच्छा से स्वयं को जला कर भस्म कर दिया तो उनके जलते हुए शरीर से जो धुआं निकला, उससे धूमावती का जन्म हुआ। अतः धूमावती धुएं के रूप में सती का भौतिक स्वरूप हैं। धूमावती रोग, शोक और दुख की नियंत्रक महाविद्या मानी जाती हैं। ज्योतिष शास्त्रानुसार धूमावती का संबंध केतु ग्रह से है व इनका नक्षत्र ज्येष्ठा है। ये श्वेत वस्त्र धारण किए हुए, खुले केश रुप में होती हैं। ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति की कुण्डली के बारहवें भाव से मोक्ष, बैंक से ऋण या किसी भी प्रकार का लोन और आर्थिक हानि का विचार किया जाता है।

धूमावती महाविद्या ही ऐसी शक्ति हैं जो व्यक्ति को दीनहीन अवस्था से छुटकारा दिलाती हैं। व्यक्ति सभी कर्जों से मुक्ति पाता है, व्यक्ति पर से काले जादू टोने के प्रभाव से मुक्ति मिलती है तथा धन व ऐश्वर्य की वृद्धि होती है।

पूजन विधि: घर की पश्चिम दिशा में स्लेटी रंग का वस्त्र बिछाकर देवी धूमवाती का चित्र या यंत्र की स्थापना कर विधिवत पूजन करें। स्टील के दीपक में सरसों के तेल का दीपक करें, लोहबान से धूप करें, राख या भभूति से तिलक करें, दोरंगे फूल चढ़ाएं व उड़द की खिचड़ी का भोग लगाएं। किसी माला से 108 बार यह विशेष मंत्र जपें। पूजन उपरांत भोग प्रसाद स्वरूप वितरित करें।

पूजन मुहूर्त: दिन 11:45 से दिन 12:45 तक।

पूजन मंत्र: ॐ धूं धूं धूमावती देव्यै स्वाहा:॥

आज का शुभाशुभ

आज का अभिजीत मुहूर्त: दिन 11:58 से दिन 12:48 तक।

आज का अमृत काल: प्रातः 07:24 से प्रातः 09:11 तक।

आज का राहु काल: प्रातः 09:15 से प्रातः 10:49 तक।

आज का गुलिक काल: प्रातः 06:08 से प्रातः 07:42 तक।

आज का यमगंड काल: दिन 13:57 से शाम 15:30 तक।

यात्रा मुहूर्त: दिशाशूल- पूर्व, राहुकाल वास- पूर्व। अतः आज पूर्व दिशा की यात्रा टालें। पाताल वासिनी भद्रा प्रातः सूर्योदय से प्रातः 10:14 तक रहेगी, इसमे शुभ कार्य वर्जित कहे गए हैं।

आज का गुडलक ज्ञान

आज का गुडलक कलर: काला।

आज का गुडलक दिशा: पश्चिम।

आज का गुडलक मंत्र: ह्रीं श्रीं ज्येष्टालक्ष्मी स्वयमेव ह्रीं ज्येष्टायै नमः॥

आज का गुडलक टाइम: रात 21:30 से रात 22:30 तक।

आज का बर्थडे गुडलक: दुर्भाग्य से छुटकारे के लिए देवी धूमवाती पर चढ़े 12 केले चितकबरी गाय को खिलाएं।

आज का एनिवर्सरी गुडलक: कर्जों से मुक्ति के लिए लौंग लगा नींबू तिजोरी से वारकर देवी धूमवाती पर चढ़ाएं।

गुडलक महागुरु का महा टोटका: जादू टोने से सुरक्षा हेतु 1 मुट्ठी सतनाजा सिर से उतारकर देवी धूमावती पर चढ़ाएं।

 

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NEWS IN ENGLISH

Saturday’s auspicious: Goddess will shake ridicule

On Saturday, 07.04.18, the Wisak Saptami date has come in the original constellation. In today’s yoga, it will be best to worship Goddess, Dhumavati. According to Padmapuraan, goddess of unfortunate Jyeshtha is the elder sister of Lakshmi. They originated from sea churning. But this is exactly the opposite of Goddess Lakshmi. It always lives with Goddess Laxmi and their residence is Peepal. The scriptures have also called them poorness, alkshmi and pomp. They dominate the inauspiciousness, sin, sloth, poverty, misery and misery. This person is away from the house by worshiping the pot on the pot, and removes sadness, misfortune, poverty from life.

According to mythology, when Mother Sati burnt herself in the sacrifice of her father voluntarily and burnt it, the smoke that came out of her burning body, Dhoomavati was born. Therefore, the smoke is the physical form of Sati in the form of smoke. The controller of blurred disease, mourning and sadness is considered as a college. According to astrology, Dhoomavati is related to Ketu planet and its nakshatra is jyeshta. These are white clothing, in the form of open hair. According to astrology, salvation from the twelfth house of the person’s horoscope, loan from the bank or any type of loan and financial loss is considered.

Dhoomawati Mahavidya is the only power that relieves a person from a state of despair. One is able to get rid of all debts, the person gets rid of the effect of black magic and increases the wealth and wealth.

Poojan Method: By wearing a gray cloth on the west side of the house, worship the Goddess Dhumavati by establishing a picture or instrument and doing duly worship. Lamp of mustard oil in the lamp of the steel, sunbathe with myrrh, tilak with ash or goddess, offering roasted flowers and enjoying urad khichdi. Chant this special mantra 108 times from a garland. Distribute the bhog offerings after post worship

Poojan Muhurta: Day 11:45 to day 12:45

Poojan Mantra: Dhun Dhoo Dhoomavati Deewai Swaha :.

Good luck today

Today’s Abhijit Muhurta: Day 11:58 to day 12:48

Today’s nectar period: from 07:24 am to 09:11 am

Today’s Rahu period: from 09:15 am to 10:49 am

Today’s Gulick Era: from 06:08 AM to 07:42 AM

Today’s Yaggund period: from day 13:57 to evening 15:30

Journey to Muhurat: Dashashul-East, Rahukal Vas-East So, avoid the journey today in the east direction. Patal Vasini Bhadra will remain from Sunrise till 10:14 in the morning, in which the auspicious works are said to be taboo.

Today’s Tulle Knowledge

Today’s auspicious color: black

Today’s bunch of directions: west.

Today’s Tulle Mantra: Hrishan Shree Jyeshtalakshmi Self-Hedin Zyeshayyai Namah

Today’s Good Luck Time: Night from 21:30 to 22:30

Today’s Birthday Goodkill: Unfortunately for the redemption, goddess feed on 12 kalya potted cow on a trumpet.

Today’s anniversary knockdown: Clap the cloves of lemon cigarettes to liberate debt, and offer it to Warkar Devi Dhumavati.

The great tragedy of Good Luck Mahaguru: Take a handful of Satnaja from the witchcraft and take it on the Goddess Dhoomawati.

 

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