किसान आंदोलन का नरसिंहपुर में फल, सब्जी की आवक पर नहीं पड़ा असर

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किसान आंदोलन का नरसिंहपुर में फल, सब्जी की आवक पर नहीं पड़ा असर

नरसिंहपुर। कृषि प्रधान जिले नरसिंहपुर में किसान आंदोलन पहले ही दिन बेअसर रहा। सब्जी बाजार में रोजाना की तरह बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। किसान आंदोलन के बावजूद गर्मी के इन दिनों में रोजाना आ रही पुदीना, नीबू, आम, कच्चे आम, ककड़ी, गिलकी, भिंडी, कद्दू, बरबटी, लौकी, भटे, आलू, प्याज जैसी हरी साग-सब्जियों की आवक रही। मंडी में कामकाज रोजमर्रा की तरह रहा।किसान बड़ी संख्या में सब्जियां लेकर आए।

यद्यपि आंदोलन की खबर से बाजार में कास्तकारों की कमी रही। लेकिन जो भी कास्तकार थे, उनकी संख्या काफी कम थी नगर में दूध विक्रेता रोजाना की तरह घरों में दूध पहुंचाते देखे गए। फलों की भी आवक बाजार में यथावत देखी गई। लंगड़ा, दशहरी, तोतापरी जैसे आम, तरबूज, खरबूज, अनार, सेव, पपीता सबकुछ बाजार में पहले की तरह बिक रहा है।

सब्जी और फलों की आवक को देखते हुए लोगों ने राहत की सांस ली और उम्मीद जताई कि हड़ताल के आने वाले 9 दिन भी सुकून के साथ गुजरेंगे। डोंगरगांव के किसान और कास्तकार बलवंत का कहना है कि हम 20-25 किग्रा गिलकी लेकर आए हैं, करीब 400 से ज्यादा नीबू, अब यह बिकेगा तब ही तो हम रोजाना के खर्चे निकाल पाएंगे और गांव के गांव 20-25 किग्रा गिलकी बिकेगी कहां, खपत कहां होगी, वह रखी हुई सड़ जाएगी। इससे बेहतर है कि गरीबी में दो पैसे जो आ रहे हैं, वह तो उपलब्ध हो। इसलिए बाजार आना उनकी मजबूरी है। यहां खमरिया, कठौतिया, चिनकी उमरिया, मुआर, कपूरी, डोकरघाट आदि कई गांवों किसान और कास्तकार रोजाना की तरह सब्जियां लेकर पहुंचे।

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NEWS IN ENGLISH

Farmers’ movement did not result in fruits, vegetables and fruits in Narsinghpur

 Narsinghpur Farmers’ movement in Krishi Pradhan district Narsinghpur was neutralized the very first day. A large number of farmers arrived in the vegetable market everyday. In spite of the peasant movement, in these days of summer, green vegetables such as mint, lemon, mangoes, raw mangoes, cucumber, gilkis, lady beans, pumpkin, barbati, gourd, roasted, potato, onion were coming in. Work in the mandi was like everyday. A large number of casinos brought vegetables

Although the news of the agitation lacked artwork in the market. But the number of artisans, their number was very low, in the city milk dealers were seen distributing milk in their homes like daily. Fruits were also seen as seen in the incoming market. Mangoes such as lame, dusher, totapri, watermelon, melon, pomegranate, sev, papaya are all sold in the market as before.

Looking at the arrival of vegetables and fruits, the people breathed in relief and hoped that the 9 days of the strike would pass through with ease. The farmer and artisan of Dongargaon Balwant says that we have brought 20-25 kg of Gilli, more than 400 lemon, now it will be sold only then we will be able to get daily expenses and villages will sell 20-25 kg of gilaki where, Wherever the consumption will be, it will be decayed. It is better that two paise in poverty are coming, it is available. Therefore, coming to the market is their compulsion. Many villages like Khamaria, Kathautia, Chinki Umaria, Muar, Kapuri, Dokarghat and others brought vegetables like vegetables and vegetables daily.

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