June 22, 2021

सारनी : श्री कल्याणेश्वर शिव मंदिर सारनी प्रांगण में मातृ पितृ पूजन दिवस मनाया गया

Advertisements

NEWS IN HINDI

सारनी : श्री कल्याणेश्वर शिव मंदिर सारनी प्रांगण में मातृ पितृ पूजन दिवस मनाया गया

बैतूल/सारनी। स्वामी विवेकानंद छात्र विचार मंच सारनी के कार्यकर्ताओं ने श्री कल्याणेश्वर शिव मंदिर सारनी प्रांगण मातृ पितृ पूजन दिवस बड़े ही धूमधाम से किया। स्वामी विवेकानंद छात्र विचार मंच के यश सावरकर एव भानु साहू ने बताया कि मातृ पितृ पूजन कार्यक्रम में अपने अपने माता पिता घर के बुजर्गो सदस्यों नगर के गणमान्य बुजर्गो एव लोगो को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने बताया कि कार्य्रकम की शुरुआत पंडित संतोष शर्मा जी समाजसेवी रंजीत डोंगरे, दशरथ डांगे जी, रुपलाल साहू ने भगवान शिव जी एव भारतमाता की मूर्ति व छायाचित्र पर पूजन दीप प्रज्वलित पुष्प चढ़ाकर एव शिव जी आरती व भारतमाता की आरती कर कार्यक्रम की शुरुआत की गयी एव आमंत्रित माता पिताओ बुजुर्गों बहनों एव गणमान्य लोगों को युवाओ के माध्यम से श्रीफल देकर तिलक कर माल्यार्पण कर मिठाई खिलाकर उनका आशीर्वाद लेकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम के मुख्यवक्ता समाजसेवी रंजीत डोंगरे जी ने उपस्थितिजनों तक कार्यक्रम करने का उद्देश्य ओर महत्व को अपने बक्तव्य के माध्यम से कहा कि 14 फरवरी हमारे देश मे माता पिता बुजर्गो बड़े लोगो का पूजन कर मानने का आग्रह कर भारतीय संस्क्रति सभ्यता परम्पराओ की जानकारी आज के युवापीढ़ी को होना अतिआवश्यक हो गया है।

उन्होंने कहा कि श्रवण कुमार ने अपने माता पिता पूरे तीर्थो के दर्शन करा कर पुत्र धर्म निभाया वही भगवान गणेश जी ने अपने माता पिता की परिकल्पना कर पूरे ब्रम्हांड की परिकल्पना का यश माता पिता के चरणों मे प्राप्त कर लिया और जगत में श्रेष्ठ कहलाये हमारी संस्क्रति सभ्यता सबसे श्रेष्ठ है हमसे विश्व सभी चीजें ग्रहण करके आगे बढ़ने की सोच रहा है और हम क्यों दूसरे देश की पश्चिमी सभ्यता को अपनाए हमारे देश मे पश्चिमी सभ्यता जो किसी न किसी प्रकार से घुसने का प्रयास कर रही है हम युवाओ को उसकी ओर नही भटकना चाहिए ,उन्होंने बताया कि 14 फरवरी को ही वीर शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव को फाँसी की सजा सुनाई गयी थी हम हमारे इतिहास को जाने हमारे पूर्वजों के बलिदानों को समझे उनके बताए मार्गो पर चले ताकि यह देश फिर से विश्व गुरु बन सके।

ऐसे कार्यक्रमो के माध्यमो से युवाओ में समाज मे जाग्रति लाये जिससे आज युवापीढ़ी अपनी सभ्यता सस्कृति इतिहास के लिए कार्य कर सके। इस अवसर पर युवा चन्द्रशेखर अहिरवार, बबन वासनिक, चेतन साबले, जयंत यादव, शिवम ठाकुर, अजय भान, खुमेश सिंगारे, माध्व विश्वकर्मा, मुकेश रजक, कु भारती रजक, लक्की हथिया, कैलाश मोहबे, सूरज पंवार, प्रकाश घोरसे, आशीष डोंगरे ,अमित सोनी आदि भारी संख्या में युवागण माताए बहने आमन्त्रित गणमान्य नागरिक बन्धुवर उपस्थिति थे।

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए लिंक पर क्लिक करके https://www.facebook.com/samacharokiduniya/ पेज को लाइक करें या वेब साईट पर FOLLOW बटन दबाकर ईमेल लिखकर ओके दबाये।

 

NEWS IN ENGLISH

Sarni: Sri Kalyaneshwar Shiva Mandir was celebrated with Sarni Praangana maternal Father worship

Betul / Sarani Swami Vivekananda students’ thoughts platform, Sarni’s activists, did the great work of Sri Kalyaneshwar Shiva Mandir, Sarni Prangan, Matru Patar Pujajan Das. Yashava Savarkar and Bhanu Sahu of the Swami Vivekananda Students’ Idea Forum, said that the dignitaries and people of the city were invited to the Bijargo members of their respective parents in the Maternal Pooja Program. He said that the program started with Pandit Santosh Sharmaji social worker Ranjeet Dongre, Dasharatha Dange, Rupalal Sahu, the program was performed by offering Pujan Deep-blazed flowers on the statue of Lord Shiva and Bharatmata and the aarti of Shiva Garti and Bharatmata. Invited parents and parents and dignitaries of the elderly, by giving them shrimps through young people, making tilak wreaths and sweet recipients His blessings were honored with. Chief Minister of the program, Ranjit Dongre, told the audience the importance and significance of the program to the attendees through the leniency, that on 14th February our parents urged to worship bigger people in our country and acknowledge the contribution of the Indian Sanskriti civilization tradition today. It has to be very important.

He said that Shravan Kumar showed his parents to the entire shrine and performed son’s religion. The same Lord Ganesh envisioned his parents and achieved the concept of the entire universe in the footsteps of the parents and called the best in the world, our Sanstati Civilization is the best, the world is thinking of moving forward by taking all the things and why we should adopt western civilization of another country In our country, Western civilization, which is trying to penetrate in some way, we should not wander towards the youth, they said that on 14th February, the warrior Shahid Bhagat Singh, Rajguru, Sukhdev was sentenced to hang us. Knowing the history, understand the sacrifices of our ancestors, go on their stated routes so that this country can again become a world master.

Through such programs, young people brought awareness in society, so that today the youth can work for their civilization and social history. On this occasion, Yuva Chandra Shekhar Ahirwar, Baban Wasnik, Chetan Sabale, Jayant Yadav, Shivam Thakur, Ajay Bhan, Khush Singare, Madhav Vishwakarma, Mukesh Rajak, Kun Bharti Rajak, Lakki Handiya, Kailash Mohbe, Suraj Panwar, Prakash Ghors, Ashish Dongre, Amit Soni etc. Involvement of large number of young mothers in the invited dignitaries was the Bandhuvar presence.
To get the latest updates, click on the link: https://www.facebook.com/samacharokiduniya/Like the page or press the FOLLOW button on the web site and press the OK

Advertisements

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error:
WhatsApp chat