बैतूल : अति कम वजन वाले बच्चों पर सुपरवाइजर एवं सीडीपीओ निगरानी रखें, महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

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बैतूल : अति कम वजन वाले बच्चों पर सुपरवाइजर एवं सीडीपीओ निगरानी रखें, महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित


बैतूल, (गजेंद्र सोनी)। कलेक्टर श्री तरूण कुमार पिथोड़े ने कहा है कि कम एवं अति कम वजन के बच्चों को सुपोषण देकर स्वस्थ की श्रेणी में लाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग का अमला ऐसे बच्चों को गोद ले। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका को अपने क्षेत्र के कम वजन वाले चार-चार बच्चे गोद लेना होंगे। इसी तरह विभाग की सुपरवाइजर एवं परियोजना अधिकारियों को अपने क्षेत्र से अतिकम वजन वाले 16-16 बच्चे गोद लेकर उन्हें सुपोषण के दायरे में लाना होगा। गुरूवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी न हो, इस बात पर सघन निगरानी रखी जाए। पंचायत सचिव एवं ग्राम कोटवार की जवाबदारी हो कि वे उनके गांव से बाहर मजदूरी के लिए जाने वाले मजदूरों की जानकारी दर्ज करें। मजदूरी के लिए ले जाने वाले व्यक्ति का नाम-पता दर्ज भी करें एवं इसकी सूचना संबंधित थाने को भी दें। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र में उदिता कॉर्नर आवश्यक रूप से स्थापित किए जाएं। बालिका छात्रावासों में भी सेनेटरी वेंडिंग मशीन स्थापित की जाएं अथवा छात्रावास अधीक्षिका के पास सेनेटरी नेपकिन्स उपलब्ध कराई जाएं। उपयोग की हुई सेनेटरी नेपकिन के विनिष्टीकरण की भी उचित व्यवस्था हो। विभाग यह सुनिश्चित करें कि सेनेटरी नेपकिन पंजीकृत संस्थाओं से ही खरीदे जाएं। सेनेटरी नेपकिन निर्माण का कार्य महिलाओं से जुड़े स्वसहायता समूहों से करवाया जाए ताकि उनकी आर्थिक आय में भी वृद्धि हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक आंगनबाड़ी में स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखा जाए। आंगनबाडिय़ों से वितरित होने वाले टेक-होम राशन का सही उपयोग हो, इस बात के लिए विभाग पूरी तरह सजग रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में कोई भी बच्चा सरकार से मिल रही योजनाओं/सुविधाओं से न छूटे तथा वह आवश्यक रूप से आंगनबाड़ी व स्कूल जाए। कलेक्टर ने कहा कि आंगनबाड़ी से बच्चों को मिलने वाले सुबह के नाश्ते एवं भोजन की व्यवस्था में कोई लापरवाही न हो। बच्चों को यथासमय नाश्ता एवं भोजन पृथक-पृथक वितरित हो। कलेक्टर ने बाल विवाह निषेध जागरूकता कार्यक्रम की जानकारी लेते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में पिछले सालों में बाल विवाह होने की जानकारी मिली है, वहां विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। हिरण्यगर्भा योजना में भी बेहतर परिणाम परिलक्षित हों। बैठक में विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री सुमन पिल्लई, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री राधेश्याम वर्मा सहित विभाग के मैदानी अधिकारी मौजूद रहे।

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