उत्तराखंड की ये झांकी होगी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल, बापू की यादों को करेगी ताजा

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उत्तराखंड की ये झांकी होगी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल, बापू की यादों को करेगी ताजा

देहरादून: गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार उत्तराखंड की तरफ से एक ऐसी झांकी राजपथ पर नजर आएगी, जो अपने आप में ही एक अलग पहचान रखती है. ये झांकी एक ऐसी महान सख्शियत से जुड़ी है, जिन्होंने अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए देश की आजादी की लड़ाई को न सिर्फ निर्णायक मोड़ पर पहुंचाया बल्कि, आजाद भारत के सपने को साकार करने के लिए अहिंसा का मार्ग अपनाया.
26 जनवरी 2019 पर निकलने वाली झांकी में इस बार की झांकी महात्मा गांधी की उन यादों से जुड़ी है, जो पल उन्होंने उत्तराखंड में बिताए. ये झांकी बापू की उन यादों को तरोताजा करेगी, जो देवभूमि के साथ जुड़ी है. ये झांकी है कौसानी स्थित ‘अनाशक्ति आश्रम’ की. वो आश्रम जहां महात्मा गांधी ने अपना कुछ समय बिताया और उस दौरान यहां वो कुछ वक्त ठहरे भी.
बेहद खूबसूरत पर्यटक स्थल है कौसानी
‘कौसानी’ देवभूमि उत्तराखंड में स्थित बेहद खूबसूरत व शांत पर्यटक स्थल है. इसे महात्मा गांधी ने ‘भारत का स्विट्जरलैंड’ बताया. ‘अनासक्ति आश्रम’ बहुत ही शांतिपूर्ण स्थान है. महात्मा गांधी ने वर्ष 1929 में कौसानी का भ्रमण किया था व इसी स्थान पर उन्होंने गीता पर आधारित अपनी प्रसिद्व पुस्तक ‘अनासक्ति योग’ की प्रस्तावना लिखी थी. इस आश्रम का संचालन गांधी स्मारक निधि द्वारा किया जाता है. आश्रम में प्रतिदिन सुबह व शाम प्रार्थना सभा आयोजित की जाती है. आश्रम को पुस्तकालय, वाचनालय और प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित किया गया है. इस आश्रम में गांधी दर्शन पर शोधकर्ताओं, दार्शनिकों एवं पर्यटकों के लिए ग्रन्थ भी उपलब्ध है.
देहरादून: गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार उत्तराखंड की तरफ से एक ऐसी झांकी राजपथ पर नजर आएगी, जो अपने आप में ही एक अलग पहचान रखती है. ये झांकी एक ऐसी महान सख्शियत से जुड़ी है, जिन्होंने अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए देश की आजादी की लड़ाई को न सिर्फ निर्णायक मोड़ पर पहुंचाया बल्कि, आजाद भारत के सपने को साकार करने के लिए अहिंसा का मार्ग अपनाया.

26 जनवरी 2019 पर निकलने वाली झांकी में इस बार की झांकी महात्मा गांधी की उन यादों से जुड़ी है, जो पल उन्होंने उत्तराखंड में बिताए. ये झांकी बापू की उन यादों को तरोताजा करेगी, जो देवभूमि के साथ जुड़ी है. ये झांकी है कौसानी स्थित ‘अनाशक्ति आश्रम’ की. वो आश्रम जहां महात्मा गांधी ने अपना कुछ समय बिताया और उस दौरान यहां वो कुछ वक्त ठहरे भी.

बेहद खूबसूरत पर्यटक स्थल है कौसानी
‘कौसानी’ देवभूमि उत्तराखंड में स्थित बेहद खूबसूरत व शांत पर्यटक स्थल है. इसे महात्मा गांधी ने ‘भारत का स्विट्जरलैंड’ बताया. ‘अनासक्ति आश्रम’ बहुत ही शांतिपूर्ण स्थान है. महात्मा गांधी ने वर्ष 1929 में कौसानी का भ्रमण किया था व इसी स्थान पर उन्होंने गीता पर आधारित अपनी प्रसिद्व पुस्तक ‘अनासक्ति योग’ की प्रस्तावना लिखी थी. इस आश्रम का संचालन गांधी स्मारक निधि द्वारा किया जाता है. आश्रम में प्रतिदिन सुबह व शाम प्रार्थना सभा आयोजित की जाती है. आश्रम को पुस्तकालय, वाचनालय और प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित किया गया है. इस आश्रम में गांधी दर्शन पर शोधकर्ताओं, दार्शनिकों एवं पर्यटकों के लिए ग्रन्थ भी उपलब्ध है.
महात्मा गांधी के जीवन दर्शन पर आधारित है झांकी

उत्तराखण्ड राज्य की झांकी के अग्रभाग में अनासक्ति योग लिखते हुए महात्मा गांधी की बड़ी आकृति को दिखाया गया है. मध्य भाग में कौसानी स्थित अनासक्ति आश्रम को दिखाया गया है व आश्रम के दोनों ओर पर्यटक योग व अध्ययन करते हुए नागरिकों व पण्डित गोविन्द बल्लभ पंत को महात्मा गांधी से बातचीत करते हुए दिखाया गया है. झांकी के पृष्ठ भाग में देवदार के वृक्ष, स्थानीय नागरिकों व ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं को दिखाया गया है. साइड पैनल में उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत, जागेश्वर धाम, बद्रीनाथ तथा केदारनाथ मंदिर को दर्शाया गया है. उत्तराखण्ड राज्य की झांकी के टीम लीडर के एस चौहान ने के मुताबिक, राष्ट्र इस वर्ष महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है, इसलिए गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ में भाग लेने वाली सभी झांकियों की थीम ‘महात्मा गांधी के जीवन दर्शन’ पर आधारित है.

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NEWS IN ENGLISH

This tableau of Uttarakhand will be included in the Republic Day parade, will be remembered for the memories of Bapu

Dehradun: At the Republic Day celebration this time, a tableau from Uttarakhand will be seen on the Rajpath, which has a distinct identity in itself. This tableau is associated with such a great situation, which, on the path of non-violence, brought the country’s freedom struggle to a turning point, not only on the turning point, but also the path of non-violence for the independence of the independent India.
The tableau of this time, on 26th January, 2019, is linked to the memories of Mahatma Gandhi, the moment he spent in Uttarakhand. These tableaux will rejuvenate the memories of Bapu, which is associated with the Godland. This tableau is based on Kausani’s ‘Anashakti Ashram’. At that Ashram where Mahatma Gandhi spent some time there and there he stayed for some time during that time.
Kausani is a very beautiful tourist destination
‘Kausani’ is a beautiful and peaceful tourist spot located in Devlakhan, Uttarakhand. Mahatma Gandhi referred to it as ‘Switzerland of India’. ‘Anasakshana Ashram’ is a very peaceful place. Mahatma Gandhi had visited Kausani in 1929 and at this place he wrote the preface of his famous book ‘Anasakti Yoga’ based on Gita. This Ashram is managed by Gandhi Memorial Fund. A prayer meeting is organized every morning and evening in the ashram. The ashram has been developed as library, reading room and training center. In this Ashram, there is also a book for researchers, philosophers and tourists on Gandhi Darshan.
Dehradun: At the Republic Day celebration this time, a tableau from Uttarakhand will be seen on the Rajpath, which has a distinct identity in itself. This tableau is associated with such a great situation, which, on the path of non-violence, brought the country’s freedom struggle to a turning point, not only on the turning point, but also the path of non-violence for the independence of the independent India.

The tableau of this time, on 26th January, 2019, is linked to the memories of Mahatma Gandhi, the moment he spent in Uttarakhand. These tableaux will rejuvenate the memories of Bapu, which is associated with the Godland. This tableau is based on Kausani’s ‘Anashakti Ashram’. At that Ashram where Mahatma Gandhi spent some time there and there he stayed for some time during that time.

Kausani is a very beautiful tourist destination
‘Kausani’ is a beautiful and peaceful tourist spot located in Devlakhan, Uttarakhand. Mahatma Gandhi referred to it as ‘Switzerland of India’. ‘Anasakshana Ashram’ is a very peaceful place. Mahatma Gandhi had visited Kausani in 1929 and at this place he wrote the preface of his famous book ‘Anasakti Yoga’ based on Gita. This Ashram is managed by Gandhi Memorial Fund. A prayer meeting is organized every morning and evening in the ashram. The ashram has been developed as library, reading room and training center. In this Ashram, there is also a book for researchers, philosophers and tourists on Gandhi Darshan.
Tableau is based on Mahatma Gandhi’s philosophy of life

The large figure of Mahatma Gandhi has been shown while writing anaasakshi yoga in the foreground of the tableau of Uttarakhand. In the middle part, Anasakti Ashram is located in Kausani, and on both sides of the ashram, tourists yoga and studying, citizens and Pandit Govind Ballabh Pant has been shown talking to Mahatma Gandhi. In the page section of the tableau, the pine trees, local citizens and high mountain ranges are shown. In the side panel, the cultural heritage of Uttarakhand, Jageshwar Dham, Badrinath and Kedarnath temple are depicted. According to the team leader of Uttarakhand state table KS Chauhan, the country is celebrating 150th birth anniversary of Mahatma Gandhi this year, so on the occasion of Republic Day all the participants participating in Rajpath, based on ‘Mahatma Gandhi’s life philosophy’ is.

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