आमला : वन विभाग ने पकड़ा अवैध सागौन का जखीरा

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आमला : वन विभाग ने पकड़ा अवैध सागौन का जखीरा


आमला, (दिलीप पाल)। वन विभाग को बीते कई दिनों से अवैध सागौन से बना रहे फर्नीचर के ठिकाने की सूचना मिल रही थी। जिसको लेकर वन विभाग द्वारा कई दिनों से सूचना अनुसार मोके की पड़ताल की जा रही थी। आज वन विभाग को बड़ी सफलता भी हाथ लगी है। प्राप्त जानकारी मुताबिक वन परीक्षेत्र के ग्राम लिमझरी में बीते कई दिनों से जंगल से अवैध रूप से सागौन की कटाई कर अवैध फर्नीचर निर्माण किया जा रहा था। जिसको लेकर वन विभाग द्वारा कार्यवाही करते हुए अवैध फर्नीचर निर्माण में लगे तीन लोगों के साथ बड़ी मात्रा में सागौन की चरपट सागौन की सल्ललिया बरामद की गई है इस विषय मे जानकारी देते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी महेंद्र प्लेचा ने बताया कि लिमझरी रोड़ से दो सौ मीटर की दूरी पर नाले में अलग अलग तीन स्थानों पर अवैध फर्नीचर का निर्माण किया जा रहा था मुख़बिर की सूचना पर मौके पर पहुँच कर तीन टीमो के द्वारा घेराव कर फर्नीचर बनाते हुए आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ा गया मौके से 0.470 घन मीटर निर्माण सागौन का फर्नीचर एव सागौन की चरपट सिलिया निर्माण करने औजार जिसकी कीमत साठ हजार जब्त किया आरोपी मोनु बेले पिता घनसिंग निवासी लिमझरी अनिल बेले पिता शंकर उर्फ केदार काजल बेले पिता भूजल को हिरासत में लेकर मध्यप्रदेश वन व्यापार अधिमयम की धारा 05 एव 1969 के तहत मामला पंजीबद्ध कर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।


मोवड़ बिट में हो रही सागौन की अवैध कटाई


वन परिक्षेत्र के अंतर्गत मोवाड़ बिट में अवैध सागौन की कटाई की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पचामा ओर मोवाड़ के जंगलों में बीते कई दिनों से सागौन के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चल रही है। गौरतलब होगा कि अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से अवैध सागौन माफिया द्वारा लगातार जंगलो को काटकर जंगल साफ किया जा रहा है। अगर जंगल में हो रही अवैध कटाई ओर सागौन का परिवहन नही रोका गया तो कुछ सालों में यह देखने मे आएगा कि जंगल से सागौन का नामो निशान ही मिट जायगा। ओर जंगल मे हरे भरे पेड़ो के नाम पर सिर्फ ठूठ ही मिलेंगे अगर समय रहते वन विभाग कार्यवाही करता तो बीते कई दिनों पहले ही अवैध सागौन से बना फर्नीचर पकड़ा जा सकता था।


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