Indo-China बॉर्डर पर ताकत बढ़ाएगा ITBP, 9000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की मांग

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Indo-China बॉर्डर पर ताकत बढ़ाएगा ITBP, 9000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की मांग

अरुणाचल प्रदेश में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए आईटीबीपी ने मांग की है कि भारत-चीन सीमा पर 9 अतिरिक्त बटालियनों की तैनाती की जाए. ITBP ने इसके लिए गृह मंत्रालय से इजाजत मांगी है.

सूत्रों ने आज़तक को जानकारी दी है कि अरुणाचल प्रदेश से लगती चीन सीमा पर चीनी सैनिकों की तरफ से आए दिन होने वाले घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस बल यानी की आईटीबीपी ने गृह मंत्रालय से 9 अतिरिक्त बटालियनों की मांग की है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि इस पर विचार किया जा रहा है और जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा.

बता दें कि भारत-चीन सीमा पर भारतीय सेना के साथ साथ लेह से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक आईटीबीपी के जवान तैनात हैं.

चीनी सैनिकों की ओर से अक्सर लेह से लेकर उत्तराखंड के बारोहोती और अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सीमा में जबरन प्रवेश की खबरें आती रहती हैं. अरुणाचल प्रदेश में आईटीबीपी की एक पोस्ट से दूसरी पोस्ट की दूरी कई जगहों पर 100 किलोमीटर से भी ज्यादा है. ऐसे में चीनी सैनिकों की घुसपैठ की जानकारी सही वक्त पर नहीं मिल पाती है. पहाड़ी और जंगली इलाके में पेट्रोलिंग करनी आसान नहीं होती है और कैंप के बीच में कई किलोमीटर का फासला होने से ये समस्या और भी जटिल हो जाती है.

यही वजह है कि इस दूरी को कम करने के लिए 9 बटालियन यानी कि करीब 9000 जवानों को लाने की मांग की जा रही है. गृह मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आईटीबीपी की फाईल कई महीनों से मंत्रालय में लंबित पड़ी हुई है. इस फाइल पर रक्षा मंत्रालय की भी सहमति जरूरी है.

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, “अरुणांचल प्रदेश से सटे इलाके बेहद संवेदनशील है और लेह और बारोहती के मुकाबले अरुणाचल प्रदेश में आईटीबीपी जवानों की संख्या कम है ऐसे में आईटीबीपी 9 नई बटालियनों की स्वीकृति चाहती है लेकिन अभी रक्षा मंत्रालय के जवाब का इतंजार किया जा रहा है.”

अरुणाचल प्रदेश के सामरिक महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में जब पीएम नरेंद्र मोदी यहां के दौरे पर गए थे तो चीन ने इस पर आपत्ति जताई थी और इसे विवादित क्षेत्र बताया था. भारत ने चीन की आपत्ति का कड़ाई से जवाब देते हुए कहा था कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य अंग है और इसका दौरा देश के नेता वैसे ही करते हैं जैसे किसी और इलाके का.

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NEWS IN ENGLISH

Indo-China border will boost ITBP, demand for deployment of 9000 additional troops

To increase its strength in Arunachal Pradesh, ITBP has demanded that 9 additional battalions be deployed on the Indo-China border. ITBP has sought permission from the Home Ministry for this.

Sources have informed Ajattak that the Indo Tibet Border Police Force, ie ITBP has demanded 9 additional battalions from the Home Ministry to rein in the infiltration of Chinese soldiers on the Chinese border from Arunachal Pradesh. Sources in the Union Home Ministry say that this is being considered and a decision will be taken soon.

Tell that the ITBP jawans are deployed along the Indian Army along the Indo-China border from Leh to Arunachal Pradesh.

From Leh to Chinese troops, there are reports of forced entry in Baroohoti of Uttarakhand and forcibly entering Indian territory in Arunachal Pradesh. In Arunachal Pradesh, the distance from one Post of ITBP to another post is more than 100 km in many places. In such a situation, the infiltration of Chinese soldiers is not available at the right time. Petroling is not easy in hill and wild areas, and due to the distance of several kilometers between camps, this problem becomes even more complex.

This is the reason why the demand for bringing 9 battalion i.e. about 9000 soldiers is being sought to reduce this distance. According to information from the Home Ministry sources, the ITBP file has been pending in the ministry for several months. The consent of the Ministry of Defense is also necessary on this file.

According to an official of the Home Ministry, “The area adjacent to the Arunachal Pradesh is very sensitive and the number of ITBP jawans in Arunachal Pradesh is less compared to Leh and Barhoti, in which ITBP wants the approval of 9 new battalions but now the reply of the Defense Ministry is over. being done.”

The strategic importance of Arunachal Pradesh can be estimated from the point that when recently PM Narendra Modi visited here, China had objected to it and described it as a disputed area. India had strictly replied to China’s objection that Arunachal Pradesh was an integral part of India and its tour is done by the leaders of the country just like any other area.

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