राफेल पर CAG रिपोर्ट में कीमत का जिक्र नहीं, 11 डिफेंस डील का हिसाब, आज संसद में रखेगी सरकार

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राफेल पर CAG रिपोर्ट में कीमत का जिक्र नहीं, 11 डिफेंस डील का हिसाब, आज संसद में रखेगी सरकार

नई दिल्ली। राफेल सौदे पर विपक्ष के लगातार हमले के बीच आज संसद में इस पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट पेश की जाएगी. सूत्रों के मुताबिक सीएजी सिर्फ राफेल नहीं बल्कि वायु सेना के 11 खरीद सौदों पर अपनी रिपोर्ट देगी. यही नहीं, इस रिपोर्ट में राफेल विमानों की वास्तविक कीमत के बारे में कोई चर्चा नहीं है.

सूत्रों ने आजतक-इंडिया टुडे को बताया कि राफेल सौदा तो सीएजी की रिपोर्ट का महज एक हिस्सा है. सीएजी ने एक साथ अब तक के वायु सेना के 11 रक्षा खरीद सौदों की ऑडिट की है. इस रिपोर्ट में रक्षा खरीद के सभी पैरामीटर के आधार पर राफेल डील का मूल्यांकन किया गया है. सूत्रों के मुताबिक सीएजी ने रक्षा खरीद सौदों का एक ‘तुलनात्मक मूल्यांकन’ किया है.

गौरतलब है कि राफेल सौदे को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर रहा है. सोमवार को लखनऊ में आयोजित कांग्रेस के रोड शो के दौरान भी राहुल-प्रियंका ने राफेल विमान की प्रतिकृति हाथ में लहराई थी. इस सौदे के बारे में मीडिया में लगातार कई ऐसी खबरें आ रही हैं, जिससे सरकार को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा है. हालांकि, सरकार इसका सख्ती से जवाब भी दे रही है.

सोमवार को ही अंग्रेजी अखबार द हिंदू में छपी एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि केंद्र सरकार ने इस सौदे से एंटी करप्शन क्लॉज जैसी महत्वपूर्ण शर्त को हटा दिया था. इस पर समाचार एजेंसी एएनआई पर सूत्रों के हवाले से सफाई आई है कि इस सौदे के लिए भारत और फ्रांस सरकार में हुआ समझौता वास्तव में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार द्वारा तय की गई नीतियों के तहत हुआ था. तब ए.के. एंटनी रक्षा मंत्री थे.

पिछले हफ्ते छपी ऐसी ही एक रिपोर्ट में कहा गया था कि रक्षा मंत्रालय की टीम के समानांतर पीएमओ ने इस सौदे के लिए फ्रांस सरकार से बात की थी.

साल 2015 में हुआ था समझौता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान साल 2015 में भारत और फ्रांस के बीच इस विमान की खरीद को लेकर समझौता किया गया था. इस समझौते में भारत ने जल्द से जल्द 36 राफेल विमान फ्लाइ-अवे यानी उड़ान के लिए तैयार विमान हासिल करने की बात कही. समझौते के अनुसार दोनों देश विमानों की आपूर्ति की शर्तों के लिए एक अंतर-सरकारी समझौता करने को सहमत हुए.

कीमत को लेकर बवाल

एनडीए सरकार ने दावा किया कि यह सौदा उसने यूपीए से ज्यादा बेहतर कीमत में किया है और करीब 12,600 करोड़ रुपये बचाए हैं. लेकिन 36 विमानों के लिए हुए सौदे की लागत का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया. सरकार का दावा है कि पहले भी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की कोई बात नहीं थी, सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी की लाइसेंस देने की बात थी. लेकिन मौजूदा समझौते में ‘मेक इन इंडिया’ पहल किया गया है. फ्रांसीसी कंपनी भारत में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देगी.

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NEWS IN ENGLISH

Not to mention the price in the CAG report on Raphael, 11 will be accounted for by the Defense Deal, the government will keep it in Parliament today.

new Delhi. The report of the Comptroller and Auditor General (CAG) will be presented in the Parliament today on the continuous attack on the Rafael Deal. According to sources, the CAG will not only report Rafael but also report on 11 purchase deals of Air Force. Not only this, there is no discussion about the actual cost of the Raphael aircraft in this report.

Sources told Aaj Tak-INDIA TODAY that the Raphael deal was just a part of the CAG report. CAG has audited 11 defense purchase deals so far. In this report, Rafael Deal has been evaluated based on all parameters of defense purchase. According to sources, the CAG has done a ‘comparative assessment’ of defense purchase deals.

Significantly, the opposition has consistently attacked the Modi government over the Rafael deal. Even during the road show of Congress held in Lucknow on Monday, Rahul-Priyanka raised a replica of the Raphael aircraft. There are frequent such reports in the media about this deal, which has caused the government to come to the rescue. However, the government is giving it a rigid response.

In a report published in the English newspaper The Hindu on Monday, it was claimed that the central government had removed the important condition like anti-corruption clauses from this deal. On the contrary, the sources said on the news agency ANI that the agreement between India and France for the deal was actually under the policies set by the United Progressive Alliance (UPA) government. Then AK Antony was the Defense Minister.

In a similar report printed last week, it was said that in line with the Defense Ministry’s team, the PMO spoke to the French government for the deal.

Agreement in the year 2015

During the visit of Prime Minister Narendra Modi to France in 2015, the agreement between India and France for the purchase of this aircraft was reached. In this agreement, India has agreed to get the aircraft ready for the first 36 Rafale aircraft Fly-Away. According to the agreement, the two countries agreed to make an inter-governmental agreement for the supply conditions of the aircraft.

Bargain with price

The NDA government claimed that this deal has done better than the UPA and saved nearly 12,600 crore rupees. But the full details of the cost of the deal for 36 aircraft were not made public. The government claims that there was no talk of technology transfer even before, it was only a matter of licensing of manufacturing technology. But in the current agreement, ‘Make in India’ has been initiated. The French company will promote Make in India in India.

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