छिंदवाड़ा में आयोजित रेरा एक्ट की जनसामान्य में जागरूकता बढ़ाने सेमीनार हुआ आयोजित

Advertisements
छिंदवाड़ा में आयोजित रेरा एक्ट की जनसामान्य में जागरूकता बढ़ाने सेमीनार हुआ आयोजित

छिंदवाड़ा, (ब्यूरो)। रेरा अध्यक्ष श्री अन्टोनी डिसा ने कहा है कि रेरा एक्ट पारदर्शिता के नये दौर में बिल्डर्स और खरीददारों की रक्षा का माध्यम है। उन्होनें कहा कि साथ ही इससे पूंजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश में रेरा का गठन बेहतर रूप से किया गया है, जिससे आज प्रदेश में रेरा आदर्श रूप में है। श्री डिसा बुधवार को छिंदवाड़ा में आयोजित रेरा एक्ट की जनसामान्य में जागरूकता बढ़ाने तथा मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन संबंधी सेमीनार को संबोधित कर रहे थे। सेमीनार में प्रमुख सचिव नगरीय विकास श्री संजय दुबे, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के डायरेक्टर श्री राहुल जैन, रेरा के तकनीकी सदस्य श्री अनिरूध्द कपाले और रेरा सचिव श्री चंद्रशेखर वालिंबे सहित बिल्डर एसोसियशन, एडवोकेट एसोसियशन और सी.ए.एसोसियशन के पदाधिकारियों के साथ ही छिंदवाड़ा, सिवनी और बैतूल जिले के रियल स्टेट से जुडे व्यक्ति उपस्थित थे ।
श्री डिसा ने रेरा अधिनियम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेरा एक्ट नागरिक केंद्रित तो है परन्तु यह बिल्डरों के विरूद्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि रेरा एक्ट का उद्देश्य सुधारात्मक ज्यादा है न कि प्रतिबंधात्मक। श्री डिसा ने कहा कि रेरा एक्ट के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश प्रारंभ से ही अग्रणी राज्य रहा है और यहां पर रेरा प्राधिकरण द्वारा आवंटियों को लाभ दिलाने के लिए सार्वधिक प्रयास किए गए है। उन्होंने कहा कि इससे जो बदलाव आएगा उससे बिल्डरों को ज्यादा खरीदार मिलने के साथ ही बाजार में मांग बढ़ेगी। साथ ही समय पर खरीदार अपनी गाढ़ी कमाई से पंसदीदा आवास प्राप्त कर सकेंगे। श्री डिसा ने कहा कि रियल स्टेट भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाला द्वितीय सर्वाधिक महत्वपूर्ण घटक है। सामाजिक जरूरत पूरी करने होने के साथ-साथ इससे अर्थव्यवस्था को भी बल मिलता है। रेरा अध्यक्ष श्री डिसा ने कहा कि रियल स्टेट सेक्टर की सफलता के लिये इससे जुड़े सभी घटकों द्वारा रेरा के नियमों का पालन जरूरी है। 
रेरा अध्यक्ष ने कहा कि इस सेक्टर से जुड़े लोगों को सहूलियत मिली है। उन्होंने कहा कि पहले उपभोक्ता अधिनियम में यदि सेवाओं में कमी या असुविधा होती थी तो क्षतिपूर्ति मिलती थी। अब रेरा के अंतर्गत ग्राहक समय पर गुणवत्ता और सुविधाओं के साथ आश्वासित मूल्य पर पारदर्शिता और समानता के आधार पर संपत्ति प्राप्त कर सकता है, जिससे रेरा की लोकप्रियता बढी है। श्री डिसा ने बताया कि पहले इंदौर, भोपाल जैसे बड़े शहरों में रेरा की परिचर्चा आयोजित की गई। छिंदवाड़ा शहर के बढ़ते स्वरूप को दृष्टिगत रखते हुये रेरा सेमीनार के लिये चयनित किया गया। इस कारण प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर में आवंटितों का विश्वास कायम हो रहा है। श्री डिसा ने कहा कि प्रदेश में रेरा एक्ट के क्रियान्वयन में, प्रदेश के चार बड़े महानगरों को यदि छोड़ दें तो सर्वाधिक प्रोजेक्ट छिंदवाड़ा जिले में ही रेरा में पंजीकृत हुये हैं तथा बैतूल व सिवनी से भी काफी संख्या में प्रोजेक्ट पंजीकृत हुए हैं, जो इस अंचल में रेरा एक्ट के पालन के प्रति पक्षकारों की जागरूकता एवं रूचि प्रदर्शित करता है। सेमीनार के आयोजन से आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम निश्चित रूप से देखने को मिलेंगे। सेमीनार में बताया गया कि रेरा में पारदर्शिता के अंतर्गत संप्रवर्तक या बिल्डर्स और वित्तीय अनुशासन की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। सेमीनार में रेरा से संबंधित कई शंकाओं का समाधान भी किया गया। 


Advertisements

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error:
WhatsApp chat
%d bloggers like this: