कौन-सा रत्न किस राशि या ग्रह के लिए फायदेमंद या नुकसानदेह

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कौन-सा रत्न किस राशि या ग्रह के लिए फायदेमंद या नुकसानदेह

प्राचीन ग्रंथों में रत्नों के 84 से अधिक प्रकार बताए गए हैं। उनमें से बहुत तो अब मिलते ही नहीं। मुख्‍यत: 9 रत्नों का ही ज्यादा प्रचलन है। इन 9 रत्नों के ही उपरत्न भी बहुत से हैं। यहां जो नुकसान की बात कही जा रही है, वह लाल किताब के अनुसार भी है।
रत्नों को हम मुख्यत: 3 वर्गों में बांट सकते हैं-

1. प्राणिज रत्न अर्थात जीव-जंतुओं के शरीर से प्राप्त, जैसे गजमुक्ता, मूंगा आदि।

2. वानस्पतिक रत्न अर्थात वनस्पतियों से प्राप्त, जैसे वंशलोचन, तृणमणि, जेट आदि।

3. खनिज रत्न अर्थात प्राकृतिक रचनाओं अर्थात चट्टान, भूगर्भ, समुद्र आदि से प्राप्त किए जाते हैं। आओ, जानते हैं कुछ प्रमुख रत्नों की जानकारी।
1. मूंगा (प्रवाल)- मंगल की राशि मेष और वृश्‍चिक वालों के लिए मूंगा पहने की सलाह दी जाती है। मूंगा धारण करने से साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। पुलिस, आर्मी, डॉक्टर, प्रॉपर्टी का काम करने वाले, हथियार निर्माण करने वाले, सर्जन, कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर इंजीनियर आदि लोगों को मूंगा पहनने से विशेष लाभ होता है। रक्त संबंधी रोग, मिर्गी तथा पीलिया में भी लाभदायक माना गया है।

लेकिन इसके नुकसान भी हो सकते हैं। यदि कुंडली के अनुसार मूंगा नहीं पहना है, तो यह नुकसान भी कर सकता है। इससे दुर्घटना भी हो सकती है। कहते हैं कि इसका भार जीवनसाथी पर रहता है। इससे पारिवारिक कलह, कुटुम्ब से मनमुटाव और वाणी में दोष भी उत्‍पन्‍न हो सकता है। शनि और मंगल की युति कहीं भी हो तो मूंगा नहीं पहनना चाहिए।

2. ओपल या हीरा- शुक्र की राशि वृषभ और तुला वालों के लिए हीरा पहनने की सलाह दी जाती है। हीरा मालामाल भी कर सकता है और कंगाल भी। इसे पहनने से रूप, सौंदर्य, यश व प्रतिष्ठा प्राप्त होती है। कहते हैं कि यह मधुमेह रोग में लाभदायक है।

लाल किताब के अनुसार तीसरे, पांचवें और आठवें स्थान पर शुक्र हो तो हीरा नहीं पहनना चाहिए। इसके अलावा टूटा-फूटा हीरा भी नुकसानदायक होता है। कुंडली में शुक्र, मंगल या गुरु की राशि में बैठा हो या इनमें से किसी एक से दृष्ट हो या इनकी राशियों से स्थान परिवर्तन हो तो हीरा मारकेश की भांति बर्ताव करता है और वह आत्महत्या या पाप की ओर अग्रसर करता है।

3. पन्ना- बुध की राशि मिथुन और कन्या राशि वालों के लिए पन्ना पहनने की सलाह दी जाती है। पन्ना धारण करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है। हाजमा अच्‍छा करने के लिए भी इसे धारण करते हैं। नौकरी और व्यापार में उन्नति के लिए भी इसे धारण करने की सलाह दी जाती है।

लाल किताब के अनुसार बुध तीसरे या 12वें हो तो पन्ना नहीं पहनना चाहिए। ज्योतिष के अनुसार 6, 8, 12 का बुध स्वामी हो तो पन्ना पहनने से अचानक नुकसान, यदि बुध की महादशा चल रही है और बुध 8वें या 12वें भाव में बैठा है तो भी पन्ना धारण करने से समस्या उत्पन्न हो सकती है।

4. मोती- चंद्र की राशि कर्क और गुरु की राशि मीन राशि वालों के लिए मोती पहनने की सलाह दी जाती है। इसके पहनने से मन में सकारात्मक विचार उत्पन्न होते हैं। मन की बेचैनी मिट जाती है। इसे धारण करने पर सर्दी-जुकाम में फायदा, भयमुक्त जीवन और सुख बढ़ता है।

लाल किताब के अनुसार यदि कुंडली में चंद्र 12वें या 10वें घर में है तो मोती नहीं पहनना चाहिए। यह भी कहा गया है कि शुक्र, बुध, शनि की राशियों वालों को भी मोती धारण नहीं करना चाहिए। अत्यधिक भावुक लोगों और क्रोधी लोगों को मोती नहीं पहनना चाहिए।

5. माणिक- सूर्य की राशि सिंह राशि वालों के लिए लिए माणिक पहनने की सलाह दी जाती है। माणिक या माणिक्य से राजकीय और प्रशासनिक कार्यों में सफलता मिलती है। यदि इसका लाभ हो रहा है तो आपके चेहरे पर चमक आ जाएगी अन्यथा सिरदर्द होगा और पारिवारिक समस्या भी बढ़ जाएगी। अपयश झेलना पड़ सकता है।

6. पुखराज- बृहस्पति या गुरु की राशि धनु और मीन राशि वालों के लिए पुखराज पहनने की सलाह दी जाती है। पुखराज धारण करने से प्रसिद्धि मिलती है। प्रसिद्धि से मान-सम्मान बढ़ता है। शिक्षा और करियर में यह लाभदायक है। मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन राशि वाले लोग यदि पुखराज पहनते हैं तो संतान, विद्या, धन और यश में सफलता मिलती है।

 

लाल किताब के अनुसार धनु लग्न में यदि गुरु लग्न में है तो पुखराज या सोना केवल गले में ही धारण करना चाहिए, हाथों में नहीं। यदि हाथों में पहनेंगे तो ये ग्रह कुंडली के तीसरे घर में स्थापित हो जाएंगे। लेकिन ज्योतिष के अनुसार यदि जन्म पत्रिका नहीं दिखाई है और मन से ही पुखराज धारण किया है तो नुकसान भी पहुंचा सकता है। वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और मकर राशि वालों को पुखराज नहीं पहनना चाहिए।

7. नीलम- शनि की राशि कुंभ और मकर राशि वालों के लिए नीलम पहनने की सलाह दी जाती है। शनि लग्न, पंचम या 11वें स्थान पर हो तो नीलम नहीं। नीलम आसमान पर उठाता है और खाक में मिला भी देता है। इसीलिए कुंडली की जांच करने के बाद नीलम पहनें। यह व्यक्ति में दूरदृष्टि, कार्यकुशलता और ज्ञान को बढ़ाता है।

यह बहुत जल्दी से व्यक्ति को प्रसिद्ध कर देता है। लेकिन यदि नीलम सूट नहीं हो रहा है तो इसके शुरुआती लक्षणों में अकारण ही हाथ-पैरों में जबर्दस्त दर्द रहने लगेगा, बुद्धि विपरीत हो जाएगी, धीरे-धीरे संघर्ष बढ़ने लगेगा और व्यक्ति जिंदगी में खुद के ही बुने हुए जाल में उलझ मरेगा।

8. गोमेद- राहु के लिए गोमेद पहनने की सलाह दी जाती है। गोमेद धारण करने से नेतृत्व क्षमता का इजाफा होता है। कहते हैं कि गोमेद काले जादू से रक्षा करता है। अचानक लाभ पहुंचाता है और अचानक होने वाले नुकसान से भी रक्षा करता है।

लाल किताब के अनुसार राहु 12वें, 11वें, 5वें, 8वें या 9वें स्थान पर हो तो गोमेद नहीं पहनना चाहिए वर्ना नुकसान होगा। लेकिन ज्योतिषानुसार दोषयुक्त गोमेद के नुकसान हो सकते हैं। इससे पेट के रोग, आर्थिक नुकसान, पुत्र को नुकसान, व्यापार हानि, रक्त विकार के अलावा कहते हैं कि आकस्मिक मृत्यु तक हो जाती है।

9. लहसुनिया- केतु के लिए लहसुनिया पहनने की सलाह दी जाती है। इसे संस्कृत में वैदुर्य कहते हैं। व्यापार और कार्य में लहसुनिया पहनने से फायदा मिलता है। यह किसी की नजर नहीं लगने देता है।

लाल किताब के अनुसार तीसरे और छठे भाव में केतु है तो लहसुनिया नहीं पहनना चाहिए वर्ना नुकसान होगा। ज्योतिष के अनुसार दोषयुक्त लहसुनिया वैसा ही नुकसान पहुंचाता है, जैसा कि गोमेद।

अन्य रत्न और पत्‍थरों के नाम- सुलेमानी, पत्थर, वैक्रांत, यशद, फिरोजा, अजूबा, अहवा- यह गुलाबी रंग का धब्बेदार तथा मृदु पत्थर होता है। इसे फर्श तथा खरल बनाने के काम में लिया जाता है।

अबरी, अमलिया, उपल, उदाऊ, कर्पिशमणि, कसौटी, कटैला, कांसला, कुरण्ड, कुदरत, गुदड़ी, गोदंती, गौरी, चकमक, चन्द्रकांत, चित्तो, चुम्बक, जबरजद्द, जहर मोहरा, जजेमानी, झरना, टेढ़ी, डूर, तिलियर, तुरसावा, तृणमणि, दाने फिरग, दांतला, दारचना, दूरनजफ, धुनला, नरम या लालड़ी, नीलोपल या लाजवर्त आदि।
पत्थर- पनघन, हकीक, पारस, फाते जहर, फिरोजा, बसरो, बांसी, बेरुंज, मरगज, मकड़ी, मासर मणि, माक्षिक, मूवेनजफ, रक्तमणि या तामड़ा, रक्ताश्म, रातरतुआ, लास, मकराना, लूधिया, शेष मणि, शैलमणि या स्फटिक, शोभामणि या वैक्रांत, संगिया, संगेहदीद, संगेसिमाक, संगमूसा, संगमरमर, संगसितारा, सिफरी, सिन्दूरिया, सींगली, सीजरी, सुनहला, सूर्यकांत, सुरमा, सेलखड़ी, सोनामक्खी, हजरते बेर, हजरते ऊद, हरितोपल, हरितमणि आदि।

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NEWS IN ENGLISH

Which gem is beneficial or harmful for which amount or planet?

More than 84 types of gems have been reported in ancient texts. Many of them do not get anymore. Mainly, 9 gems are more prevalent. There are many of these 9 gems too. The loss that is being said here is also according to the red book.
We can mainly divide the gems into 3 sections-

1. Received from the body of animal or animal, such as gajmukta, coral etc.

2. Botanical gems, ie, derived from flora, such as Ranchochan, Tannamani, Jet etc.

3. Mineral gems that are obtained from natural creations i.e. rock, earth, sea etc. Come on, know about some major gems.
1. Coral (coral) – Mangalese is recommended to wear coral for Aries and Scorpio people. Fearing coral increases courage and confidence. People wearing copper have special advantages, such as police, army, doctors, property operators, weapon makers, surgeons, computer software and hardware engineers. It is considered beneficial in blood related diseases, epilepsy and jaundice.

But it can also be disadvantages. If the coral is not worn as per the horoscope then it can also do damage. It can also cause an accident. It is said that its weight remains on the life partner. This can also cause family discord, conflicts with family and defects in speech. If Saturn and Mangal are there anywhere, then coral should not be worn.

2. Opal or diamond- The diamond of Venus is recommended to wear diamond for Taurus and Libra. Diamond can also do Malala and poor too Wearing it brings form, beauty, achievement and prestige. It is said that it is beneficial in diabetes.

According to Lal Kitab, Venus should not be wearing diamond if third, fifth and eighth place. Apart from this, a broken diamond is also harmful. If you are sitting in the horoscope of Venus, Mars or Guru in the horoscope, or if there is a change from either of these or their zodiac signs, then the diamond behaves like Marakesh and leads it towards suicide or sin.

3. Panna – The amount of Mercury is recommended to wear emerald for Gemini and Virgo. Emerald retention increases memory power. Hazema also holds it to good. It is advisable to take it for job and business advancement.

According to the red book, if the third is the third or the 12th, then the pearl should not be worn. According to astrology, if there is a Mercury of 6th, 8th, 12th, then sudden loss due to wearing emerald, if Mahadasha of Mercury is going on and Mercury is sitting in the 8th or 12th house, then holding the emerald can also lead to problems.

4. Pearl – The amount of lunar is to be worn for the amount of Cancer and Guru Pisces for Pisces. By wearing it positive thoughts arise in the mind. The restlessness of the mind disappears. On wearing it, the benefits of cold, cold and happy life increases in winter and cold.

According to the red book, if the moon is 12th or 10th house in the horoscope then the pearl should not be worn. It has also been said that the mercenaries of Venus, Mercury, Saturn should not be wearing pearls too. Highly passionate people and angry people should not wear pearls.

5. Ruby – The amount of Sun is said to wear ruby ​​for the zodiac sign. Manik or Manikya brings success in political and administrative work. If it is being benefited then your face will shine otherwise there will be headache and family problems will also increase. Failure to suffer may be

6. Topaz- The amount of Jupiter or guru is recommended to wear topaz for sagittarius and pisces. The wearing of topraj gives fame. Fame increases with respect to fame. It’s profitable in education and careers. If people with Aries, Cancer, Leo, Scorpio, Sagittarius and Pisces wear topazaj, then there is success in children, Vidya, Dhan and Yash.

According to Lal Kitab, if the master is in marriage in Sagittarius wedding, then topraj or gold should be kept only in the neck, not in the hands. If you wear in hands, then these planets will be installed in the third house of the horoscope. But according to astrology, if birth journal has not been shown, and only by wearing the topaz, it can also be damaged. Taurus, Gemini, Virgo, Libra and Capricorn should not wear Topaz.

7. Neelam – Amount of Saturn is recommended to wear sapphire for those who like Aquarius and Capricorn. Saturn wedding, fifth or eighth position is not a sapphire. Sapphire raises on the sky and mixes it in the blueprint. So wear the sapphire after checking the horoscope. It enhances vision, efficiency and knowledge in the person.

It quickly makes the person famous. But if the sapphire suit is not happening then its initial symptoms will cause painful pain in hands and feet, intellect will be contrary, the struggle will gradually increase and the person will get tangled in the woven net in his own life.

8. Onyx is recommended to wear onyx for Rahu. Onyx holding leads to increase of leadership. It is said that Onyx protects with black magic. Suddenly improves and protects from sudden impairment.

According to Lal Kitab, if Rahu is 12th, 11th, 5th, 8th or 9th place, then onyx should not be worn or damaged. But according to astrology, there may be disadvantageous onyx damage. Apart from stomach disorders, economic losses, son loss, business loss, blood disorder, it says that accidental death takes place.

9. Garlic cloth is recommended for wearing a garlic for Ketu. This is called Vedurya in Sanskrit. Wearing garlic cloth in business and work benefits. It does not let anyone’s eyes look.

According to the red book, Ketu in the third and sixth house should not wear garlic or it will be damaged. According to astrology, the defective garlic can do the same damage, as onyx

The names of other gems and stones – Sulemani, stone, Vakrant, Yashad, Firoza, Ajuba, Ahwa – this is a pink spotted and soft stone. It is used in making floors and canals.

Abari, Amalia, Sublim, Udau, Karpashimani, Kasauti, Katala, Kansla, Kikand, Kudrat, Gudari, Goddoti, Gauri, Flint, Chandrakant, Chitta, Magnet, Zabarjadda, Poison Mohra, Gajemani, Waterfall, Kadhi, Door, Tilier, , Trinamani, Dana Pharag, Dantla, Darachana, Faranjaj, Dhunala, Soft or Laldi, Nilopal or Lajwart etc.
Stones – Panghan, Hakeek, Paras, Fate Poison, Firoza, Basaro, Bansi, Bereganj, Murdaz, Spider, Maasar Mani, Maqshik, Mewenjaf, Garnet or Tamara, Raktasham, Rastruta, Las, Makrana, Lodiya, Balaji Mani, Shalmani or Rhinestone , Shobamani or Vakranta, Sangia, Sangheidid, Sanggeema, Sangamusa, Marble, Sangshara, Sipri, Sinduria, Sungali, Cesare, Sun, Suryakant, Surma, Sailkari, Sonekkhi, Hazrat Baer, ​​Hazrat Oed, Haritopal, Harmamani etc.

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