साहब हम भी है, इंसान हमे भी लगती है धूप, पर पेट के लिये करना पड़ता है, भारी गर्मी धूप में कार्य कर रहे कर्मचारी

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साहब हम भी है, इंसान हमे भी लगती है धूप, पर पेट के लिये करना पड़ता है, भारी गर्मी धूप में कार्य कर रहे कर्मचारी


सारनी, (ब्रजकिशोर भारद्वाज)। सर्दी, गर्मी, बरसात तीनों मौसमों में नगरो, महानगरों एवं ग्रामों को साफ सुथरा रखने वालों का इस गर्मी के मौसम में क्या हाल होता होगा यह तो वह खुद ही बता पाएंगे। स्वच्छ भारत अभियान में सबसे बड़ा हाथ जिनका है वह है सफाई कर्मचारियों का पर अब इन सफाई कर्मचारियों द्वारा इस गर्मी के मौसम में में भी दिन रात किया जा रहा है। जब सभी बड़े अधिकारी एसी लगे रूम में बैठकर आराम से बैठे रहते है, तब यह सफाई कर्मचारी ही देश की सफाई व्यवस्था को देखते है, और भरी धूप में कार्य करते है। जिनके बारे में शायद ही किसी भी लेखनी से लिखा जाए परंतु वह कम होगा, सारनी क्षेत्र को स्वच्छ सर्वेक्षण में आम जनता से सबसे ज्यादा नंबर दिलाते हैं, तो सफाई कर्मचारी जिनके बारे में बहुत ही कम लिखा जाता है। परंतु सच्चाई तो यह है कि अगर यह सफाई करमचारी 1 महीने तक कोई भी सफाई ना करें तो पूरा क्षेत्र ही गंदगी के अंबार से भरा पड़ जाएगा। क्योंकि हम सभी को मालूम है, कि गर्मी का मौसम दिन पर दिन बढ़ते जा रहा है, और सारनी क्षेत्र में कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों को दो पालियों में कार्य करना पड़ता है, जिसमें प्रथम पाली सुबह खत्म हो जाती है जिसमें कि कर्मचारियों कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है, परंतु जो दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शुरू होती है इस पाली में कड़ाके की धूप में भी सफाई कर्मचारी कार्य करते हैं परंतु इस और ना किसी अधिकारी ना किसी जिम्मेदार नागरिक का ध्यान है। जिसको सबसे पहले हमारे माध्यम से उठाया जा रहा है, क्योंकि यह सफाई कर्मचारी भी एक इंसान हैं। गौरतलब हो कि जिला प्रशासन के माध्यम से बढ़ती हुई गर्मी के असर को देखते हुए लगने वाले विद्यालयों में स्कूली बच्चों के विद्यालय जाने के समय में परिवर्तन किया और हर विद्यालय को सुबह 7.30 से 12.30 बजे तक लगाने के निर्देश दिए हैं, परंतु इसके बावजूद कभी भी किसी भी अधिकारी या फिर जिम्मेदार नागरिक ने यह आवाज नहीं उठाई की क्षेत्र में कार्य कर रहे भरी धूप और गर्मी में सफाई कर्मचारी कैसे रहते होंगे। परंतु अपने परिवार के पालन पोषण हेतु सफाई कर्मचारी यह भी करने को तैयार हैं जिस पर जिम्मेदार अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए परंतु कोई भी इनकी सुध नहीं ले रहा है।


किसी को भी नही रहता है, इनके सेहत का ध्यान


हर दिन हर समय सारनी क्षेत्र की सफाई के लिए लगे रहने वाले सैकड़ो सफाई कर्मचारियों की सेहत का ध्यान शायद ही किसी बड़े अधिकारी या कर्मचारी को रहता होगा। क्योंकि यह सैकड़ो सफाई कर्मचारी भरी धूप में इस समय कार्य कर रहे हैं, इनकी अगर किसी भी हालत में सेहत खराब होती है तो कौन अधिकारी इनकी इस सेहत खराब होने का जिम्मेदार होगा यह तो किसी को नहीं मालूम होता है।


द्वितीय पाली में होना चाहिए परिवर्तन


इन सफाई कामगारों के माध्यम से लगातार बिना रुके कार्य किया जाता है जिसके बाद भी इन्हें वेतन तो कम मिलता ही है और इनके ऊपर तो शाखा के अधिकारी ही इनका फायदा उठाकर किसी मामलों में फंसा देते हैं, और इन्हें मुर्गा समझ कर उस मामले में बलि चढ़ा देते हैं, परंतु सफाई कर्मचारियों के द्वारा जो दिन-रात कार्य किया जा रहा है, उसको देखने के बाद अधिकारियों को चाहिए कि वे इनके द्वितीय पाली में या तो परिवर्तन करें या फिर एक ही पाली में ही साफ-सफाई करवाएं अगर वह द्वितीय पाली में परिवर्तन करते हैं, तो उस द्वितीय पाली को वह शाम के के समय मे ही शुरू करें क्योंकि उस समय गर्मी का माहौल थोड़ा कम रहता है।


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