महाआरती समिति कालीमाई के तत्वावधान मे राष्ट्रीय विराट कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन

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महाआरती समिति कालीमाई के तत्वावधान मे राष्ट्रीय विराट कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन


सारनी, (ब्यूरो)। शनिवार को रामनवमी के अवसर पर महाआरती समिति कालीमाई के तत्वावधान मे राष्ट्रीय विराट कवि सम्मेलन का आयोजन स्थानीय शोभापुर मुख्य व्यापारी केन्द्र सुपर मार्केट में किया गया। उपस्थित कवियों ने जेएनयू में किए जा रहे देश विरोधी कार्यों, असहिष्णुता के विषय पर, बेटी बचाओ-बेटी बढ़ाओ, सेना के पराक्रम और राम जन्मभूमि निर्माण के विषय पर कविताओं का पाठ कर कार्यक्रम में समां बांधा। कार्यक्रम की शुरुआत भारतमाता के समक्ष दिप प्रज्वलित, भगवान श्रीराम, स्तभन लेके पूजा कि थाली, भारतमाता आरती के साथ प्रारम्भ हुआ।


वीर रस के कवियों ने बांधा समां


कवि सम्मेलन में आमंत्रित वीर रस के कवियों ने देशभक्ति, राष्ट्रवाद, श्रीराम जन्मभूमि और देश की राजनीति पर ऐसी ओजस्वी रचनाएं प्रस्तुत की, जिसे सुनकर हजारों श्रोता देशप्रेम से ओतप्रोत हो गए।नगर में कई साल बाद हुआ कवि सम्मेलन सफल रहा। श्रोताओं ने सभी कवियों की रचनाओं पर जमकर दाद देते हुए भारत माता की जय और जय-जय सियाराम के नारों का जयघोष किया।

महाआरती समिति कालीमाई के दीपचंद मालवीय, फूलचंद पवार, पप्पु उज्जैनवार, सतीश चौरे, रामजी नरवरे, महेश पथरोड संरक्षक पंडित आलोक मिश्रा ने बताया कि कवि सम्मेलन का शुभारंभ वरिष्ठ कवि भारतमाता आरती के रचियता देव कृष्ण व्यास, मुकेश शाण्डिल्य, सरीता सरोज, सुमित मिश्रा, सुरेश सौरभ सूर्य, कानता माखन और समिति के वरिष्ठ जनों ने भारतमाता और भगवान श्रीराम के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण किया गया। संचालन समिति के उपाध्यक्ष दीपचंद मालवीय और कवि सुमित मिश्रा ने किया। आभार जोगेन्द्र सूर्यवंशी ने माना।


देशभक्ति के जज्बे ने बांधा समां


राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में वीर रस के युवा कवि प्रख्यात सुमित मिश्रा ओरक्षा, सुरेश सौरभ सूर्य पन्ना ने अपनी वीर रस की कविताओं से पूरे पांडाल में समां बांध दिया। उनकी पाकिस्तान को ललकार की रचना ने खूब वाह वाही बटोरी। अपनी रचनाओं की प्रस्तुति का निराला अंदाज उपस्थित हजारों श्रोताओं के दिल को छू गया। काव्य पाठ के दौरान उपस्थित लोगो ने करतल तालियों की ध्वनि से अभिनंदन किया। वीर रस कवि सुरेश सौरभ, सुमित मिश्रा की मै भी चौकिदार वाली काव्य रचना को भी खूब दाद मिली। इसी प्रकार वीर रस के वरिष्ठ कवि देव कृष्ण व्यास की वीर रस की रचना “एक पृष्ठ छोड दो सुभाष के लिए” पर श्रोतागण भाव विभोर हो उठे। हास्य व्यंग्य कवि मुकेश शाण्डिल्य ने अपनी “एक काला ग्वाला बाटे प्रेम का संदेश” कविता सुनाई। कौन कहता है, काला रंग है, खराब काजल तो गोरिया आखो में लगाती है, काले रंग को आप कहे ना खराब, कोयले की खान तो हिरों को बनवाती है। पर श्रोतागण हंस हंस कर लोटपोट हो गए। इसके अलावा सौरभ सूर्य, सरिता सरोज और कानता माखन ने भी अपनी शानदार रचनाओं की प्रस्तुति से समां बांधा। कवि सम्मेलन में मंच संचालन सुमित मिश्रा उर्फ ओरक्षि वीर रस कवि ने किया। कवि सम्मेलन का पहला दौर ही हुआ जो रात 9 बजे तक चला, दूसरे दौर मे ठीक रात 10 बजे कवि सम्मेलन का समापन किया। आयोजन की नगर में खूब सराहना हुई।


मुख्य बाजार परिसर हुआ भगवामय


कवि सम्मेलन को लेकर समिति के कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्य बाजार परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था। कार्यक्रम स्थल पर भगवान राम के साथ ही भारतमाता के छाया चित्र भी लगाए गए। परिसर को विद्युत साज सज्जाा के साथ भगवा झंडो और ध्वजों से सजाया गया था।


नगर भर से लोग हुए सम्मिलित


कवि सम्मेलन को सुनने सारनी, पाथाखेडा, शोभापुर, बगडोना, जाँजबोडी, छूरी, सलैया, सीताकामथ, घोडाडोंगरी सहित अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के मोहन बुआडे, रमेश गढेकर, फूलचंद पँवार, सतीश चौरे, रामजी नरवरे, धर्मेन्द्र खैराले, राकेश भादे, देवेन्द्र सोनी, प्रकाश शिवहरे, रमेश हारोडे कुलदिप परमार, रितेश राजपूत, रूपेश साकरे, सुमित नरवरे, मनोज सीमैया, लक्ष्मण, रोहित, पीन्टू पथरोड, लक्की गोस्वामी, कल्पेश, राहुल मालवीय सहित समस्त कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।

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