शराब माफियाओं की दंबगई के कारण अवैध शराब का संचालन जोरो पर

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शराब माफियाओं की दंबगई के कारण अवैध शराब का संचालन जोरो पर

बैतूल, (ब्रजकिशोर भारद्वाज)। अवैध शराब माफिया की दंबगई  के कारण पुरे बैतूल जिले  में सबसे ज्यादा आमला, शाहपुर, पाढर, बगडोना, शोभापुर, पाथाखेडा, सलैया, चोपना तथा खैरवानी गांव में शराब माफियों द्वारा देशी तथा विदेशी शराब बेचने कार्य का अवैध कारोबार जोर शोर से किया जा है। जबकि जिला आबकारी विभाग द्वारा शासकीय मंदिरा बेचने के लिये बगडोना, सारनी में अंग्रेजी की एक दुकान, पाथाखेडा में दो दुकान, कालीमाई में एक दुकान का आवटन होने के बावजूद शराब माफिया अवैध शराब का संचालन आमला, पाढर, शाहपुर बगडोना, शोभापुर, सारनी, सलैया गाव, शोभापुर गांव, पाथाखेडा में आजाद नगर, गुरुदारा के पीछे, शास्त्री नगर, डिलिग कैम्प के अलावा बस स्टैंड के पीछे अवैध शराब बेचने का कार्य किया जा है। इस अवैध धंधे का सचालन करने वाले अपने दमखम के साथ निडर हो कर अवैध मिलावट की पाउडर वाली शराब बेचकर युवा तथा वृद्ध लोगो को नशे का आदी बनाकर मौत के मुहँ मे धकेलने मे कोई कोरी कसर नही छोड रहे है। वही यह मिलावटी अवैध शराब होटल और ढाबो संचालको द्वारा भी बेची जा रही है। जिसकी जानकारी आबकारी विभाग तथा पुलिस विभाग को होने के बावजूद भी इन शराब माफिया पर महज दिखावे के नाम पर छोटी कार्रवाई कर अपनी खाना पूर्ति कर अपने कार्य प्रणाली को दाग लगने से सुरक्षित कर लेते है। वही सूत्रों की माने तो इन अवैध मिलावटी शराब का गोरखधंधा भाजपा तथा काग्रेस के छुटभैये नेता द्वारा किया जा रहा है। और राजनीति के दमखम पर शय भर कर ये शराब माफिया शराब के अवैध सचालन के कारोबार का आर्शीवाद आबकारी निरीक्षक तथा पुलिस विभाग के अधिकारियो से प्राप्त कर अपने जेब में लाखो रुपये भर रहे है। अगर ये लाखों रूपये आबकारी विभाग के राजस्व खजाने मे जाये तो सरकार के राजस्व के खजाने मे इजाफा होगा। पर जब आबकारी विभाग और पुलिस विभाग के अफसर ही अवैध शराब के संचालन करने वाले माफिया के साथ सहभागी बनकर बैठ हो तो इन माफिया पर बडी कार्रवाई होना सभव ही नही है। वही आबकारी विभाग के सिपाही द्वारा आये दिन आमला, बैतूल, बगडोना, चोपना से आने वाले राहगीरों रोक कर जबरन अवैध शराब के परिवहन के नाम पर परेशान किया जाता है। वही सूत्रो कि माने तो यह अवैध शराब सचालन का कार्य को अजाम देने के पीछे का कारण है, कि पुलिस विभाग तथा आबकारी विभाग द्वारा कार्रवाई के नाम पर मजह छोटी कार्रवाई कर खाना पूर्ति करना है। वही आबकारी विभाग के सिपाहियों खुद ही नशे मे धुत रहे कर अपना कार्य आबकारी कार्यालय में काम करने की चर्चा भी नगर मे चर्चा का विषय बनी हुई है। अब देखना यह है कि पुलिस विभाग तथा आबकारी विभाग द्वारा कोई बड़ी कार्रवाई कि जाती है, या मजह खानापूर्ति कर मामले को शांत कर देती है। वही इस कार्यवाही के दौरान अवैध कारोबार को शय भरने वाले शासकीय मंदिरा के ठेकेदारों की मिलीभगत से किया जा रहा है। जबकि शासकीय निविदा का टेंडर जारी किया तब से शासकीय मंदिरा को निर्धारित दर से मंहगी कीमत पर बेचना का कार्य किया जा रहा है। जिसके नशे के आदी लोगों को मजबूरी वश मंहगी शराब पीने को मजबूर होना पड रहा है। वही माफिया व्दारा अवैध शराब बिक्री के मामले में कार्यवाही नहीं करने के सबंध में चर्चा करने के लिये जिला आबकारी अधिकारी से सम्पर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन उन्होने दूरभाष उठाकर बात करना उचित नहीं समझा।

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