शाहपुर की बेटी ने गांव का नाम रोशन किया, हाईकोर्ट ने कहा पीएससी संशोधित चयन सूची जारी करें

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शाहपुर की बेटी ने गांव का नाम रोशन किया, हाईकोर्ट ने कहा पीएससी संशोधित चयन सूची जारी करें

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शाहपुर, (सचिन शुक्ला)। उच्च न्यायालय ने मध्य प्रदेश पीएससी को निर्देश दिया है कि वह संशोधित चयन सूची जारी करें मामला असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया में अनारक्षित याने सामान्य वर्ग की महिला आवेदकों का हक मारे जाने के रवैया को चुनौती से संबंधित था। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश आरएस झा एवं जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता एकता जैन पुत्री अनिल जैन शाहपुर का पक्ष अधिवक्ता मानस वर्मा व सुयस मोहन गुरु ने रखा हायर एजुकेशन के मांग पत्र के आधार पर निकाला गया। विज्ञापन उन्होंने क्लीनचिट दी कि विगत 25 वर्षों से मध्यप्रदेश में अतिथि स्टैंड प्रोफेसर पर की नियमित नियुक्ति नहीं की गई है, वर्ष 2017 में नियमित नियुक्ति के संदर्भ में विज्ञापन निकाला गया उसी परिक्षेत्र में पीएससी द्वारा पद लिखित परीक्षा ली गई।

हायर एजुकेशन के मांग पत्र के आधार पर निकाला गया विज्ञापन

उन्होंने ने क्लीन चिट दी की विगत 25 बरसों से मध्य प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर पर की नियमित नियुक्ति नहीं की गई है वर्ष 2017 में नियमित नियुक्ति के संदर्भ में विज्ञापन निकाला गया उसी परिपेक्ष में पीएसी द्वारा पद लिखित परीक्षा ली गई इसके बाद जो चयनित सूची जारी की गई उसमें अनारक्षित याने सामान्य वर्ग की महिला आवेदकों का हक मारकर आरक्षित वर्ग एसटी/एससी/ओबीसी की आवेदकों को चयनित कर लिया गया। इससे अनारक्षित वर्ग को महिला को महिला आवेदन चयन से वंचित रह गई अबे न्याय पाने हाई कोर्ट आई है सुनवाई में कहा गया कि यदि आरक्षित वर्ग की महिला आवेदक अधिक अंक हासिल करती है तो उन्हें अनारक्षित वर्ग के लिए निर्धारित कोटे का लाभ नहीं मिलेगा।

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