सितंबर से फिर बरसात में तेज बौछारें पड़ने की संभावना प्रदेश में,बैतूल पर भी इसका असर होगा

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सितंबर से फिर बरसात में तेज बौछारें पड़ने की संभावना प्रदेश में, बैतूल पर भी इसका असर होगा


भोपाल। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र आगे बढ़कर उड़ीसा और उसके आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा के चक्रवात में तब्दील हो गया है। मानसून ट्रफ के प्रदेश से होकर गुजरने और अरब सागर पर बने ऊपरी हवा के चक्रवात से मप्र में बरसात की गतिविधियां बढ़ गई हैं।

मौसम विज्ञानियों ने प्रदेश के अनेक स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। साथ ही सितंबर के प्रथम सप्ताह में भी अच्छी बरसात के आसार जताए हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक शुक्रवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक दमोह में 31, खंडवा और रीवा में 30, मलाजखंड में 27, छिंदवाड़ा में 15, सागर में 9, होशंगाबाद में 6, सतना में 3, बैतूल और जबलपुर में 2, सीधी में 1 और भोपाल में 0.5 मिमी. बरसात हुई।

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी के अनुसार बताया कि वर्तमान में उड़ीसा और उसके आसपास के क्षेत्र पर ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। मानसून ट्रफ जेसलमेर से ग्वालियर, सीधी, अंबिकापुर, झारसुगड़ा, भुवनेश्वर से होकर बंगाल की खाड़ी तक बना है। इसके अतिरिक्त उत्तर-पूर्वी अरब सागर और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग पर चक्रवात बना हुआ है। इन तीन सिस्टम के कारण प्रदेश में बड़े पैमाने पर नमी आ रही है। इससे बरसात की गतिविधियों में तेजी आने लगी है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी के अनुसार 2 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में एक और कम दबाव का शक्तिशाली क्षेत्र बनने के संकेत मिले हैं। इससे सितंबर के पहले सप्ताह में प्रदेश के लगातार तरबतर होते रहने के आसार हैं। 

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