31 Jan 2020

फर्रुखाबाद में 9 घंटे बाद होस्टेज ड्रामा खत्म पुलिस ने 26 बच्चों को सकुशल छुड़ा लिया, जवाबी कार्यवाही आरोपी सुभाष बाथम हुआ ढेर

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फर्रुखाबाद में 9 घंटे बाद होस्टेज ड्रामा खत्म पुलिस ने 26 बच्चों को सकुशल छुड़ा लिया, जवाबी कार्यवाही आरोपी सुभाष बाथम हुआ ढेर

उत्तरप्रदेश। फर्रुखाबाद में 9 घंटे बाद होस्टेज ड्रामा खत्म हो गया। यूपी पुलिस ने रात 1 बजे सिरफिरे को ढेर कर दिया है और सभी 26 बच्चों को सकुशल छुड़ा लिया। जानकारी के मुताबिक, सिरफिरे के नाम 40 वर्षीय सुभाष बाथम है, जिस पर हत्या का केस चल रहा है। वह हाल ही में जमानत पर रिहा हुआ था। उसने बेटी की जन्मदिन पार्टी के नाम पर बच्चों को बुलाया था और फिर बंधक बना लिया। पुलिस आई तो गोलियां चलाई और हथगोले फेंके। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मौके पर बुलाना चाहता था और मांग कर रहा था कि उस पर दायर सभी केस वापस लिए जाएं। इस पूरे काम में उसकी पत्नी भी पूरा साथ दे रही थी। पुलिस एनकाउंटर में उसकी भी मौत हो गई है।

पढ़िए पूरा घटनाक्रम –

आरोपी की पत्नी रूबी की भी मौत हो गई है। हालांकि रूबी की मौत कैसे हुई यह साफ नहीं है। कुछ लोगों का कहना है कि वह पुलिस एनकाउंटर में मारी गई, वहीं कुछ के मुताबिक, भीड़ ने उसे पीट-पीट कर अधमरा कर दिया था और अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। इस पर आईजी कानपुर मोहित अग्रवाल कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सही कारण सामने आएगा।

यह सनसनीखेज वारदात जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के बरेली-इटावा हाईवे स्थित गांव करथिया में हुई। यहां का 40 वर्षीय सुभाष बाथम अपने मौसा मेघनाथ की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा पा चुका है। घर में चोरी की शिकायत पर उसने 2001 में मौसा की हत्या की थी। 2005 में उसे उम्रकैद हुई। 10 साल जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई।

करीब 3 महीने पहले एसओजी ने फतेहगढ़ में हुई चोरी के आरोप में उसे जेल भेज दिया। वहां से डेढ़ माह पूर्व जमानत पर छूटा। खुद को फंसाने के शक में उसने पुलिस व ग्रामीणों से बदला लेने की योजना बना डाली। गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे अपनी एक साल की बेटी के जन्मदिन के बहाने गांव के 24 बच्चे घर बुलाए और सभी को बंधक बना लिया। देर तक बच्चों के घर न लौटने पर पड़ोसी जब सुभाष के घर पहुंचे तो उसने फायरिंग कर दी। उसने चिल्ला-चिल्लाकर गांव वालों पर फंसाने का आरोप लगाया।

बच्चों को छुड़ाने पहुंचे कोतवाली प्रभारी राकेश कुमार और यूपी 112 की टीम पर उसने घर के भीतर से बम फेंक दिया। इसमें राकेश कुमार, यूपी-112 के दीवान जयवीर सिंह और सिपाही अनिल कुमार घायल हो गए। पुलिस व स्वाट टीम ने कई घरों की छतों की घेराबंदी कर रखी है। क्षेत्रीय विधायक नागेंद्र सिंह व एसपी डॉ. अनिल कुमार मिश्र ने लाउडस्पीकर से बाहर आने को कहा तो गालियां देने लगा। इस बीच गांव का दोस्त अनुपम दुबे उर्फ बालू समझाने गया तो दरवाजे के नीचे से गोली चला दी। गोली बालू के पैर में लगी। अंदर से शातिर कह रहा है कि झूठे केस में जेल भिजवाए थे, अब झेलो।

पुलिस और एटीएस टीम उसकी घेराबंदी कर चुकी थी। रात करीब 11 बजे सुभाष बाथम ने पुलिस को बुलाकर आदेश बाथम की एक साल की बच्ची शबनम को दे दिया। इसके बाद से ही यह आसार बनने लगे थे कि पुलिस ऑपरेशन को जल्द पूरा कर लेगी। हुआ भी यही। कुछ घंटे बाद पुलिस उसे काबू में करने में सफल हो गई। उसे पत्नी रूबी के साथ पकड़कर बाहर लाते ही घर के बाहर जुटी हजारों की भीड़ टूट पड़ी। दोनों की जमकर पिटाई की। पत्नी को गंभीर हाल में अस्पताल भेजा गया। वहीं, पुलिस उसे बचाने के लिए सुभाष को फिर घर के अंदर ले गई। एडीजी कानपुर जयनारायण सिंह ने बताया कि आरोपी सुभाष ने पुलिस टीम पर हमला किया और बम से उड़ाने की धमकी दी। जवाबी कार्रवाई में उसे मार गिराया गया। बाकी बचे 25 बच्चे भी सकुशल निकाल लिए गए हैैं।

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