2 Feb 2020

श्रीनगर – जम्मू नेशनल हाईवे पर सुरक्षाबलों ने तीनों आतंकीयों को किया ढेर, सुरक्षाबलों ने उनके पास से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियारों को किया जब्त

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श्रीनगर – जम्मू नेशनल हाईवे पर सुरक्षाबलों ने तीनों आतंकीयों को किया ढेर, सुरक्षाबलों ने उनके पास से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियारों को किया जब्त

जम्मू। नगरोटा के बन टोल प्लाजा पर शुक्रवार को मुठभेड़ के दौरान मारे गए जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी पाकिस्तान से शक्तिशाली आईईडी लेकर आए थे। उन्होंने सुरक्षाबलों के वाहनों में विस्फोट करने के लिए के लिए इसे श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे पर एक जगह पर लगा भी दिया था, सिर्फ इसके लिए रिमोट से धमाका करने वाले को सूचना देना शेष रह गया था। यह रेडी टू यूज आईईडी थी। हालांकि आतंकियों का यह मंसूबा उनकी मौत और उनके तीन साथियों के जिदा पकड़े जाने से पूरा नहीं हो पाया। इस आईईडी को बन टोल प्लाजा से तीन से चार किलोमीटर पहले सड़क किनारे लगे एक बड़े होर्डिंग के पास लगाया गया था। आईईडी को शुक्रवार की रात समीर अहमद डार व उसके साथियों की निशानदेही पर बरामद कर निष्क्रिय कर दिया गया।

समीर के साथ सरताज अहमद मंटू निवासी किसरीगाम काकपोरा, पुलवामा और आसिफ अहमद मलिक निवासी काजीगुंड काकपोरा पुलवामा को भी पुलिस ने पकड़ा है। गत शुक्रवार को समीर अहमद डार ही अपने ट्रक में जैश-ए-मोहम्मद के तीन पाकिस्तानी आतंकियों को लेकर जम्मू से कश्मीर जा रहा था। बन टोल प्लाजा पर ट्रक में आतंकियों के होने का पुलिस ने पता लगा लिया और उसके बाद हुई मुठभेड़ में तीनों आतंकी मारे गए। समीर को उसके दो अन्य साथियों के साथ जिदा पकड़ लिया गया।

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि जिस आईईडी को को निष्क्रिय किया गया है, वह रेडी टू यूज था। इसको रिमोट से उचित समय पर इशारा मिलने के बाद उड़ाना था। फरार आतंकी जम्मू या जम्मू के आसपास ही कहीं छिपा हुआ है। फिलहाल, उसकी तलाश की जा रही है। समीर के मुताबिक, जैश के आतंकियों के कश्मीर पहुंचने के बाद ही आईईडी को को धमाका कर उड़ाया जाना था।

आतंकियों से मिलीं बुलेट बख्तरबंद वाहन को भी छेद सकती हैं

आतंकियों के पास से अमेरिका में बनीं स्नाइपर राइफल, छह असाल्ट राइफल, पांच पिस्तौल, 11 हथगोले, आरडीएक्स, अत्याधुनिक सैटेलाइट फोन और जीपीएस मिले हैं। इन आतंकियों के पास से हाईग्रेड स्टील बुलेट भी मिली हैं जो किसी भी बख्तरबंद वाहन और बुलेटप्रूफ जैकेट, बुलेट प्रूफ वाहन को भेद सकती हैं। आतंकियों से जो एम4 स्नाइपर राइफल मिली है, वह कश्मीर में पहले भी दो बार बरामद हो चुकी है। 2018 में जैश के आतंकियों ने स्नाइपर शूटिग के पांच मामलों में एम4 राइफल ही इस्तेमाल की थी।

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